राजनीति केजरीवाल सरकारः ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पर रोना आया January 8, 2014 / January 8, 2014 by डा. अरविन्द कुमार सिंह | 11 Comments on केजरीवाल सरकारः ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पर रोना आया -डॉ. अरविंद कुमार सिंह- दिल्ली में जिस वक्त अन्ना हजारे जी का आन्दोलन चल रहा था, उस वक्त मेरे जेहन में एक यक्ष प्रश्न उठता था। लाख माथा पच्ची करने के बावजूद उसका उत्तर मुझे नहीं मिलता था। जो उत्तर मुझे मिलता था, उस दिशा में जाते हुए अन्ना हजारे दिखायी नहीं देते थे। आइये […] Read more » Arvind Kejrival केजरीवाल सरकारः ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पर रोना आया
राजनीति सवाल इतिहास-भूगोल में बदलाव का January 8, 2014 / January 8, 2014 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment -देवेन्द्र कुमार- भाजपा के दूसरे पीएम इन वेंटिग और पोस्ट गोधरा कांड के बाद की राजनीति में चमकते सितारे नरेन्द्र मोदी ने लौह पुरुष के रूप में सम्मानित और देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार बल्लभभाई पटेल की याद में गुजरात के नर्मदा नदी का द्वीप साधु बेट से 3.2 किलामीटर की दूरी पर विश्व की […] Read more » A question to the changing of history-geography सवाल इतिहास-भूगोल में बदलाव का
राजनीति आग से खेल रहे हैं मुलायम January 6, 2014 by इफ्तेख़ार अहमद | 1 Comment on आग से खेल रहे हैं मुलायम मोहम्मद इफ्तेखार अहमद, मुजफ्फरनगर दंगे के बाद जनाधार खो चुकी समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश सरकार लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही एक बार फिर गंदी राजनीति कर समाज में नफरत की खाई को और गहरा करने पर आमादा दिखाई दे रही है। खबरों के मुताबिक सपा सरकार ने बिना किसी जांच आयोग के गठन और […] Read more »
राजनीति एक पाती केजरी बाबू के नाम January 6, 2014 by विपिन किशोर सिन्हा | 8 Comments on एक पाती केजरी बाबू के नाम लख्ते ज़िगर केजरी बाबू, जय आम आदमी की! चाचा बनारसी की आदत है सबको ‘जय रामजी की’ कहने की। लेकिन बचवा, तोके अगर हम ‘जय रामजी की’ कह देंगे तो तोहरे सेकुलरिज्म पर खतरा पैदा हो जायेगा। इसलिये तोरे भलाई के खातिर हम रामजी का परित्याग कर दिये हैं। तोहार कुर्सी बनल रहे, ओह […] Read more » एक पाती केजरी बाबू के नाम
राजनीति ये ‘आप’ की समझी हुई ना-समझी है January 5, 2014 / January 15, 2014 by राजीव रंजन | 8 Comments on ये ‘आप’ की समझी हुई ना-समझी है राजीव रंजन किस्से बनेंगे अब तो, बरस भी कमाल के / पिछला बरस गया है, कलेजा निकाल के… जगजीत सिंह की आवाज में यह गजल आज की राजनीतिक गतिविधियों को परिलक्षित करने के लिए काफी है। पिछला बरस तो सचमुच यूपीए सरकार ने भ्रष्टाचार और महंगाई से आम जनता का कलेजा निकाल बाहर रख दिया, […] Read more » AAP ये ‘आप’ की समझी हुई ना-समझी है
राजनीति ‘आप’ को संदेह से देखने के बजाए आशाओं से देखना उचित January 5, 2014 / January 5, 2014 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment देश के राजनैतिक पटल पर ‘आप’ नामक एक नए राजनैतिक दल का उदय हो चुका है। गत् सात दशकों तक घूम-फिर कर कांग्रेस व भारतीय जनता पार्टी के ही हाथों तक सीमित रहने वाली दिल्ली की सत्ता को दिल्लीवासियों ने आम आदमी पार्टी (आप) के उदय के साथ ही उसे तोहफे में भेंट की […] Read more » 'आप' को संदेह से देखने के बजाए आशाओं से देखना उचित AAP
राजनीति गुलेल के निशाने पर मोदी January 3, 2014 by प्रमोद भार्गव | 2 Comments on गुलेल के निशाने पर मोदी प्रमोद भार्गव दंगे भड़कने के आरोप से बचे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी बेवसाइट कोबरापोस्ट और गुलेल के निशाने पर आ गए हैं। मोदी पर इन बेवसाइटों ने एक निर्दोष महिला की जासूसी करने का आरोप लगाया है। इस मामले को केंद्र की सप्रंग सरकार ने आनन-फानन में संज्ञान में लेते हुए जांच आयोग नियुक्त […] Read more »
राजनीति गठबंधन के गुणा-भाग में आई तेजी January 3, 2014 / January 3, 2014 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment -प्रमोद भार्गव- पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद गठबंधन के गुणा-भाग में शेयर सूचकांक की तरह तेजी आ गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में वर्चस्व जमाए बैठे क्षेत्रीय क्षत्रप एका-एक सक्रिय हो गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जमानत में छूटने के बाद इस सक्रियता […] Read more » Alliance Government Lok sabha Election 2014 गठबंधन के गुणा-भाग में आई तेजी
राजनीति ‘विश्वास-मत’ की कसौटी पर ‘आप’ January 3, 2014 by राजेश कश्यप | 6 Comments on ‘विश्वास-मत’ की कसौटी पर ‘आप’ राजेश कश्यप ‘आम आदमी पार्टी’ दिल्ली विधानसभा में ‘विश्वास-मत’ की कसौटी पर खड़ी है। इस कसौटी पर ‘आप’ खरा उतर पायेगी अथवा नहीं, यह तो समय ही बतायेगा। लेकिन, वह अपने वायदों पर बिल्कुल खरा उतर चुकी है। ‘आप अपने घोषणा-पत्र के पानी और बिजली से सम्बंधित दोनों शीर्ष वायदों को मात्र 48 घण्टे के […] Read more »
राजनीति क्या राहुल पार लगाएंगे कांग्रेस की नैया? January 2, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 3 Comments on क्या राहुल पार लगाएंगे कांग्रेस की नैया? हाल ही में आए चार राज्यों के चुनाव परिणामों में इंदिरा कांग्रेस की विफलता तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रचंड सफलता ने साम्प्रदायिक एवं लोकलुभावन राजनीति को करारा तमाचा जड़ा है| जनता जनार्दन अब मनगढंत वादों और दावों को झुठलाने लगी है गोयाकि आम आदमी भी सत्तालोलुप राजनीतिक दलों की राजनीति को समझने लगा […] Read more » क्या राहुल पार लगाएंगे कांग्रेस की नैया?
राजनीति भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक प्रतिस्पर्धा December 29, 2013 / December 30, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -डॉ. डी.एन. मिश्रा- भारतीय राजनीति में कम से कम देर से ही सही अच्छाई की प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। आप आदमी पार्टी -भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस सरीखी पार्टियों के भ्रष्टाचार और अंतर्कलह से जन्म ले सकी ,जैसा कि मेरा मानना है भ्रष्टाचार में अगर कांग्रेस को नोबल पुरस्कार दें तो अन्तर्कलह /कुमति का खिताब […] Read more » historical competetion in Indian Politics भारतीय राजनीति में ऐतिहासिक प्रतिस्पर्धा
राजनीति क्या यह गांधी की कांग्रेस है ? December 29, 2013 / December 30, 2013 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment -अरविंद जयतिलक- 28 दिसंबर 1885। कांग्रेस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा था। अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियम ह्यूम ने व्योमेश चंद्र बनर्जी के सभापतित्व का प्रस्ताव रखा और एस सुब्रमण्यम अय्यर और काषीनाथ त्रयंबक तैलंग ने उसका समर्थन किया। इस तरह कांग्रेस […] Read more » Congress is this the Congress of Gandhi ? क्या यह गांधी की कांग्रेस है ?