राजनीति सविता बहन यहां रोना मना है! February 8, 2014 by देवेन्द्र कुमार | Leave a Comment -देवेन्द्र कुमार- झारखंड के निर्माण में गुरु जी के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त शिबु सोरेन की केन्द्रीय भूमिका से उनके धुर-विरोधी भी इनकार नहीं करते। यह कोई अतिशयोक्ति नहीं है कि शिबू सोरेन की पकड़ झारखंड के कोने-कोने पर है। अपनी पूरी जवानी इन्होंने झारखंड के नाम कुर्बान की है। जल, जंगल और […] Read more » Jharkhand Shibu soren सविता बहन यहां रोना मना है!
राजनीति आखिरकार संसद के इस अंतिम सत्र से कौन खिलवाड़ कर रहा है? February 8, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on आखिरकार संसद के इस अंतिम सत्र से कौन खिलवाड़ कर रहा है? -फखरे आलम- भगवान करे कि यह संसद का अंतिम सत्रा ही हो! और भारत की राजनीति भविष्य में फिर ऐसा कभी न हो एवं ऐसी परिस्थिति कभी न उत्पन्न हो! मगर वर्तमान गतिरोध और प्रतिरोध एवं असहयोग का प्रभाव आगामी सरकार के अधीन भी सत्र में अवश्य ही पड़ेगा! आखिरकार ऐसी स्थिति कौन उत्पन्न […] Read more » parliament last session आखिरकार संसद के इस अंतिम सत्र से कौन खिलवाड़ कर रहा है?
राजनीति मुलायम से लोहिया February 8, 2014 by राघवेन्द्र कुमार 'राघव' | 1 Comment on मुलायम से लोहिया -राघवेन्द्र कुमार “राघव”- गणतन्त्र दिवस के बहाने भारत में लोकतंत्र की स्थिति पर चर्चा आम है। लोकतंत्र भी ऐसे में खुश हो जाता है… यही सोचकर चलो मैं जिंदा तो हूं। लेकिन ये अपने ठलुए दार्शनिक हैं न, मानते ही नहीं, लोकतंत्र की निद्रा को चिरनिद्रा साबित करने के लिए वाद-प्रतिवाद में पड़े ही […] Read more » Lohiya Mulayam Singh मुलायम से लोहिया
राजनीति हमें ऐसे नेता की जरूरत है जो हमारे देश का उत्थान करे February 7, 2014 by भगवंत अनमोल | 1 Comment on हमें ऐसे नेता की जरूरत है जो हमारे देश का उत्थान करे -भगवंत अनमोल- कहा जाता है कि भारत देश के नागरिक अच्छे नौकर हैं। इसी कारण भारत में ही नहीं अपितु भारत के बाहर भी भारतीय प्रोफेशनलों की तादाद बहुत ज्यादा है। खैर, आते हैं अपनी बात पर। इस समय केजरीवाल जी अपनी जिंदगी के पीक पर है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल जी ने […] Read more » Indian Politics promises of leaders हमें ऐसे नेता की जरूरत है जो हमारे देश का उत्थान करे
राजनीति “नीतीश का सिर्फ अल्पसंख्यकों के रहनुमा बनने का दिखावा !” February 7, 2014 by आलोक कुमार | 2 Comments on “नीतीश का सिर्फ अल्पसंख्यकों के रहनुमा बनने का दिखावा !” नीतीश कुमार से २५ प्रश्न ? चलते-फिरते , उठते-बैठते , खाते-पीते , सोते -जगाते केवल अल्पसंख्यकों के हिमायती और रहनुमा बनने का दिखावे करने वाले नीतीश कुमार जी से बिहार के अल्पसंख्यकों को ये सवाल जरूर पूछना चाहिए कि :- १ . उनके मंत्रीमंडल में शाहिद अली खान के रूप में सिर्फ एक ही […] Read more » "नीतीश का सिर्फ अल्पसंख्यकों के रहनुमा बनने का दिखावा !" Bihar minorities Nitish Kumar questions ti Nitish
राजनीति संघ को बदनाम करने की साजिश February 7, 2014 by प्रवीण दुबे | Leave a Comment -प्रवीण दुबे- ओछी, स्तरहीन और झूठी बातों का सहारा लेकर कोई भी व्यक्ति, राजनीतिक दल अथवा पत्रकार कुछ समय तक तो वाहवाही लूट सकता है लेकिन इसके सहारे लंबे समय तक अपना अस्तित्व कायम नहीं रख सकता। विश्व के सबसे बड़े सामाजिक और सेवाभावी संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत […] Read more » RSS संघ को बदनाम करने की साजिश
राजनीति द्विवेदी ने रखा दुखती राग पर हाथ February 6, 2014 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 1 Comment on द्विवेदी ने रखा दुखती राग पर हाथ -सिद्धार्थ शंकर गौतम- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले जाति आधारित आरक्षण को गैर-ज़रूरी ठहराते हुए इसे आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय को देने की वकालत कर एक ऐसा मुद्दा गरमा दिया है जिससे राजनीति में अमूल-चूल बदलाव हो सकते हैं| हालांकि कांग्रेस ने अपने ही सिपहसालार […] Read more » congress on reservation Janardhan Dvivedi द्विवेदी ने रखा दुखती राग पर हाथ
राजनीति मेरठ, महर्षि दयानंद और मोदी February 6, 2014 / February 6, 2014 by राकेश कुमार आर्य | 2 Comments on मेरठ, महर्षि दयानंद और मोदी मेरठ का भारत के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यह क्षेत्र कुरूवंशी राजधानी हस्तिनापुर से ध्वंसावशेषों के पास ही बसा है। महाभारत की साक्षी है कि जब अर्जुन और कृष्णजी ने खाण्डव वन का दहन किया तो उन्होंने मय नामक शिल्पकार से मित्रता कर युधिष्ठिर के राजभवनों का इंद्रप्रस्थ में निर्माण कराया। जिनके अवशेष […] Read more » Maharshi Dayanand and Modi Meerut महर्षि दयानंद और मोदी मेरठ
राजनीति छोटे दलों का बड़ा सियासी मंसूबा February 5, 2014 by एम. अफसर खां सागर | 1 Comment on छोटे दलों का बड़ा सियासी मंसूबा -एम. अफसर खां सागर- हम तो दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है, जिस तरफ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा। कुछ इसी हौंसले के साथ पुर्वांचल सहित समूचे उत्तर प्रदेश में सियासी परिवर्तन का परचम लहराने के लिए सात छोटे दलों का गठबंधन एकता मंच बेताब है। जिसका आगाज दो फरवरी को उत्तर […] Read more » Small political parties छोटे दलों का बड़ा सियासी मंसूबा
राजनीति अंतर्राष्ट्रीय दबाब का सामना करने के लिए केंद्र में पूर्ण बहुमत आवश्यक February 5, 2014 by कन्हैया झा | 2 Comments on अंतर्राष्ट्रीय दबाब का सामना करने के लिए केंद्र में पूर्ण बहुमत आवश्यक -कन्हैया झा- सन 1990 से पहले कांग्रेस पार्टी की सरकार ने देश पर एक-छत्र राज्य किया था. 90 के दशक से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विदेशी पूंजी सभी विकासशील देशों में घुसने के लिए आतुर है, जो केन्द्रीय सत्ता को कमज़ोर करके ही सम्भव हो सकता है. इंडोनेशिया में केन्द्रीय सत्ता विदेशी पूंजी एवं निजी […] Read more » stable government needs in centre अंतर्राष्ट्रीय दबाब का सामना करने के लिए केंद्र में पूर्ण बहुमत आवश्यक
राजनीति गणतंत्र की गरिमा बचाने के लिए 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता February 4, 2014 by आलोक कुमार | Leave a Comment -आलोक कुमार- आज इस देश में चारों तरफ 5 स्टार मॉल, होटल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन इत्यादि बनाने के लिए सैकड़ों व हजारों करोड़ निवेश किये जा रहे हैं, हर तरफ 5 स्टार सुविधाओं की चमक-धमक को जोर-शोर के साथ प्रचारित और उसको अपनाने को प्रेरित किया जा रहा है। यहां यह बता देना […] Read more » Indian Politics गणतंत्र की गरिमा बचाने के लिए 5 स्टार चरित्र की आवश्यकता
राजनीति दंगों के फंदे में कांग्रेस February 3, 2014 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on दंगों के फंदे में कांग्रेस -प्रमोद भार्गव- गुजरात दंगों को बार-बार कुरेदने की प्रवृत्ति न केवल कांग्रेस को संकट का सबब बनने जा रही है, बल्कि संप्रग के घटक दलों के मोहभंग के संकेत भी मिलने लगे हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक खबरिया चैनल को साक्षात्कार देते हुए 2002 के गुजरात तथा 1984 के सिख विरोधी […] Read more » Congress congress hand in riots ? दंगों के फंदे में कांग्रेस