राजनीति केजरीवाल ने कांग्रेस की क़ब्र खोद दी है अब दफ़नाना बाक़ी है! December 28, 2013 / December 30, 2013 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 5 Comments on केजरीवाल ने कांग्रेस की क़ब्र खोद दी है अब दफ़नाना बाक़ी है! -इक़बाल हिंदुस्तानी- समाज में जागरूकता लाये बिना व्यवस्था में परिवर्तन कैसे होगा? अरविंद केजरीवाल ने एक साल के अंदर पहले आम आदमी पार्टी बनाकर, उसके बाद दिल्ली में 28 सीटें जीतकर और अब आप की सरकार का सीएम बनकर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 25 नवंबर 2012 की उस चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दे दिया […] Read more » Arvind Kejriwal Congress केजरीवाल ने कांग्रेस की क़ब्र खोद दी है अब दफ़नाना बाक़ी है!
राजनीति कारोबारी का लड़ना-मिलना सब मतलब से होता है! December 28, 2013 / December 28, 2013 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment -तारकेश कुमार ओझा- मुंबई में आयोजित एक गैर-राजनैतिक समारोह में मनसे नेता राज ठाकरे और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का पुरानी बातें भूला कर मंच साझा करना जितना अप्रत्याशित था, उतना ही रहस्यमय भी। क्योंकि पांच साल पहले राज ठाकरे अमिताभ बच्चन समेत उत्तर भारतीयों के खिलाफ दुर्व्यवहार और दुर्भावनापूर्ण बातों की सारी सीमाएं […] Read more » the meaning of Raj-Amitabh meeting कारोबारी का लड़ना - मिलना सब मतलब से होता है!
राजनीति यदि आज महामति चाणक्य होते तो December 27, 2013 / December 27, 2013 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on यदि आज महामति चाणक्य होते तो भाग-1 आज की राजनीति में कांट-छांट, उठापटक, तिकड़मबाजी से काम निकालने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। कुटिल नीतियों से, छल-बल से, दम्भ से, पाखण्ड से अन्याय से, अत्याचार से किसी भी उचित अनुचित ढंग से अपने वैचारिक विरोधी को नीचा दिखाने की इस प्रवृत्ति को ही आज के राजनीतिज्ञों ने कूटिनीति की संज्ञा […] Read more » if chanakya were alive today! यदि आज महामति चाणक्य होते तो
राजनीति राज-अमिताभ के पास आने के निहितार्थ December 27, 2013 / December 27, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment -सिद्धार्थ शंकर गौतम- २३ दिसम्बर का दिन महाराष्ट्र की राजनीति और बॉलीवुड के लिए काफी अहम था| मौका था मुम्बई में माटुंगा स्थित षणमुखानंद हॉल में महाराष्ट्र नवनिर्माण चित्रपट कर्मचारी सेना (एमएनसीकेएस) की सातवीं सालगिरह का। महाराष्ट्र नवनिर्वाण सेना की फिल्म उद्योग शाखा ने इस अवसर पर १० वरिष्ठ कलाकारों को जीवन बीमा पॉलिसियां सौंपी। […] Read more » raj thakre - amitabh bachchan closeness says राज-अमिताभ के पास आने के निहितार्थ
राजनीति कुछ तो लोग कहेंगे. लोगों का काम है कहना December 27, 2013 / December 27, 2013 by बीनू भटनागर | 3 Comments on कुछ तो लोग कहेंगे. लोगों का काम है कहना बीनू भटनागर- 8 दिसम्बर 2013 की शाम दिल्ली विधानसभा के परिणामो ने सभी को स्तब्द्ध कर दिया राजनीति मे एक नये दल के अभ्युदय के रूप मे ‘आप’ ने 28 सीटों पर कब्ज़ा कर लिया। भाजपा के पास 31 और कांग्रेस के पास 8 सीटें आई। ‘आप’ की जगह कोई और पार्टी होती तो भाजपा […] Read more » AAP takes oath कुछ तो लोग कहेंगे. लोगों का काम है कहना
राजनीति आम आदमी पार्टी का भारतीय राजनीति में नया प्रयोग December 27, 2013 / December 27, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 3 Comments on आम आदमी पार्टी का भारतीय राजनीति में नया प्रयोग -नरेन्द्र कुमार सिंह- अन्ना आन्दोलन के दिनों में अरविन्द केजरीवाल का नाम अचानक सुर्खियों में आया था । उस समय लगता था कि एक महत्वाकांक्षी युवा देश की सत्ता अपने हाथों मे लेने के लिए संघर्ष कर रहा है । जब वे अन्ना का पक्ष लेकर बोलते थे तो लगता था कोई व्यक्ति अधिनायक बनने […] Read more » new political experiment of 'AAP' आम आदमी पार्टी का भारतीय राजनीति में नया प्रयोग
राजनीति धारा 370: जम्मू-कश्मीर के विकास और देश की एकता में बाधक December 27, 2013 / December 27, 2013 by कन्हैया झा | Leave a Comment -कन्हैया झा- भारत पाकिस्तान के बीच कश्मीर ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय स्वार्थों की वजह से एक विवाद बना। अमरीका मध्य-पूर्व एशिया में वहां के मुस्लिम राष्ट्रों को सोवियत संघ के विरुद्ध एकजुट कर रहा था। ब्रिटेन भी दोनों नए राष्ट्रों को सोवियत संघ के प्रभाव में नहीं जाने देना चाहता था। अन्य राजाओं की ही तरह […] Read more » Jammu Kashmir obstacle in the unity of india and jammu kashmir developement धारा 370: जम्मू-कश्मीर के विकास और देश की एकता में बाधक
राजनीति किश्तवाड दंगे का दूसरा सरकारी अध्याय/सज्जाद अहमद किचलू की बहाली December 26, 2013 / December 28, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 1 Comment on किश्तवाड दंगे का दूसरा सरकारी अध्याय/सज्जाद अहमद किचलू की बहाली डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री सुनियोजित दंगों में दो चीज़ें बहुत ही ज़रुरी होती हैं । पहला दंगे का उद्देश्य और दूसरा उस उद्देश्य को प्राप्त करने का तरीक़ा । 9 अगस्त २०१३ को ईद के दिन किश्तवाड में हुये दंगों को इसी पृष्ठभूमि में समझना होगा । उस दंगे में हिन्दुओं का जान माल का […] Read more » किश्तवाड दंगे का दूसरा सरकारी अध्याय सज्जाद अहमद किचलू की बहाली
राजनीति आशा और विश्वास का नूतन पर्व December 25, 2013 by विजय कुमार | Leave a Comment ऐसा कहते हैं कि शेर छलांग लगाने के बाद क्षण भर के लिए पीछे मुड़कर देखता है कि वह कितनी दूर कूदा है। इसे ही ‘सिंहावलोकन’ कहते हैं। प्राचीन भारतीय युद्धशास्त्र में इसी आधार पर ‘सिंहध्वज’ नामक एक प्रयोग है। इसमें योद्धा शस्त्र चलाते हुए एक बार, और फिर पीछे देखकर दूसरी बार आगे कूदता […] Read more » आशा और विश्वास का नूतन पर्व
राजनीति “बांटों और राज करों” की नीति और झाड़ू-पंजा प्रेम संबंध December 25, 2013 / December 25, 2013 by अभिषेक रंजन | 22 Comments on “बांटों और राज करों” की नीति और झाड़ू-पंजा प्रेम संबंध बधाई हो! झाड़ू-हाथ हुए अब एक साथ! ढेर सारे तमाशे करने के बाद अंततः झाड़ू और हाथ के अवैध प्रेम संबंधों को नई ऊँचाई मिल ही गई. लंबी जुदाई और लुका-छुपी के बाद दोनों ने अब खुल्लमखुल्ला प्यार का इजहार कर दिया है जिसके उपहार स्वरूप दिल्ली में जन समर्थन न होने के बाद भी […] Read more » “बांटों और राज करों” की नीति और झाड़ू-पंजा प्रेम संबंध
राजनीति लोकतंत्र, अधिकार और “आप” की सरकार December 25, 2013 / December 25, 2013 by सिद्धार्थ मिश्र “स्वतंत्र” | Leave a Comment – सिद्धार्थ मिश्र – इतिहास सदैव अपने आपको दोहराता है। इस दोहराव की पृष्ठभूमि तैयार करते हैं जनआंदोलन। ये आंदोलन ही कहीं न कहीं नये चेहरों की ताजपोशी की सियासी पृष्ठभूमि भी तैयार करते हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की अप्रत्याशित सफलता आज इस बात का सबसे जीवंत प्रमाण है। तमाम उहापोह के बीच […] Read more » Democracy right and AAP government अधिकार और “आप” की सरकार लोकतंत्र
राजनीति अपेक्षाओं और आशंकाओं के बीच ‘आप’ की सरकार December 25, 2013 / December 25, 2013 by हिमकर श्याम | Leave a Comment -हिमकर श्याम- देश का जनमानस बदल रहा है। हाल के चुनाव नतीजों और उसके बाद के राजनीतिक परिदृश्य इस बदलाव की ओर इशारा करते हैं। दिल्ली की जनता ने जहां 15 सालों से शासन कर रही कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया वहीं बीजेपी को सरकार लायक बहुमत न देकर सबक सिखाया। सत्ता की राजनीति […] Read more » Hopes with 'AAP' government अपेक्षाओं और आशंकाओं के बीच 'आप' की सरकार