राजनीति अन्ना को अंग्रेजी नहीं आती December 24, 2013 / December 24, 2013 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | 6 Comments on अन्ना को अंग्रेजी नहीं आती – डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री – लोकपाल बिल लोक सभा और राज्य सभा दोनों में पारित हो गया है । रालेगन सिद्धी में अन्ना हज़ारे इसको पारित करवाने के लिये अनशन पर बैठे थे । बिल पारित होने पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया । लेकिन बिल पारित होने पर अरविन्द केजरीवाल प्रसन्न नहीं […] Read more » Anna does not know English Arvind kejriwal opinion on Anna अन्ना को अंग्रेजी नहीं आती
राजनीति ‘आप’ और केजरीवाल का भविष्य December 22, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment आम आदमी पार्टी की दिल्ली विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत ने राजनीति में प्रयोग और शुचिता की बहस को बढ़ा दिया है| ‘आप’ की जीत से सवाल तो उठता ही है कि वे क्या कारण रहे जिनसे कांग्रेस-भाजपा जैसे स्थापित राजनीतिक दलों से आम आदमी का मोह भंग हुआ? मोदी-राहुल जैसे स्थापित और आकर्षक राजनीतिज्ञों […] Read more » 'आप' और केजरीवाल का भविष्य
राजनीति व्यंग्य एक पाती राहुल बबुआ के नाम December 22, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | 3 Comments on एक पाती राहुल बबुआ के नाम स्वस्ति श्री लिखीं चाचा बनारसी के तरफ़ से राहुल बबुआ को ढेर सारा प्यार, दुलार, चुम्मा। इहां हम राजी-खुशी हैं और उम्मीद करते हैं कि तुम भी अरविन्द-नमो के झटके से उबरने की कोशिश कर रहे होगे। बचवा, राजनीति में हार-जीत तो लगी ही रहती है। तुम्हारी दादी को भी राजनारायण ने […] Read more » एक पाती राहुल बबुआ के नाम
राजनीति अब ड्रामेबाजी बंद करिए “आप” “फर्जीवाल जी” December 20, 2013 by अभिषेक रंजन | 9 Comments on अब ड्रामेबाजी बंद करिए “आप” “फर्जीवाल जी” “ना-ना करते प्यार, तुम्हीं से कर बैठे, करना था इंकार, लेकिन इकरार, तुम्ही से कर बैठे” कुछ ऐसा ही हाल आजकल अन्ना के लोकपाल मुहीम से जन्मे “आआपा” का है. पहले राजनीती को ना, फिर कांग्रेस-भाजपा से समर्थन लेने से ना, अब अन्ना के लोकपाल को ना. लेकिन बदलते हालात में सबको गले लगाने को […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख राजनीति ‘आप’, आप और बस ‘आप’ !!! December 19, 2013 / December 22, 2013 by नरेश भारतीय | 5 Comments on ‘आप’, आप और बस ‘आप’ !!! नरेश भारतीय “ व्यवस्थित संसदीय लोकतन्त्र की बजाए ‘आप’ यदि हर मामले पर ‘जनमतसंग्रह’ के लिए ही अड़ती चली जाएगी तो देश में मुद्दों के समाधान कम और नए मुद्दों को अधिक जन्म मिलेगा. व्यवस्था परिवर्तन के दावे के साथ मैदान में उतरी है ‘आप’ तो फिर वर्तमान व्यवस्था को पूरी तरह समझने और समझाने […] Read more »
राजनीति विधि-कानून अनुच्छेद तीन सौ सत्तर पर नई बहस छेडऩे में सफल रहे मोदी December 18, 2013 / December 18, 2013 by वीरेन्द्र सिंह चौहान | 1 Comment on अनुच्छेद तीन सौ सत्तर पर नई बहस छेडऩे में सफल रहे मोदी वीरेन्द्र सिंह चौहान भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी अपनी हालिया जम्मू रैली के बहाने संविधान के अस्थायी प्रावधान अनुच्छेद तीन सौ सत्तर पर एक नई बहस छेडऩे में कामयाब रहे। दरअसल संविधान के इस भेदभावपूर्ण प्रावधान पर चर्चा और बहस तो संसद के भीतर और बाहर पचास के दशक से […] Read more » अनुच्छेद तीन सौ सत्तर पर नई बहस छेडऩे में सफल रहे मोदी
राजनीति राजनीति का उभरता संघीय स्वरुप December 18, 2013 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on राजनीति का उभरता संघीय स्वरुप प्रमोद भार्गव चार राज्यों में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पराजय तथा दिल्ली में आम आदमी पार्टी के उदय के बीच देश की राजनीति में एक बार फिर तीसरा मोर्चा बनाम् संघीय मोर्चें के गठन की शुरुआत तेज हो गई है। इस मोर्चे की कोशिश है कि गैर कांग्रेस और गैर भाजपा दल एक छतरी […] Read more » राजनीति का उभरता संघीय स्वरुप
राजनीति काँग्रेस के पास इस दुश्मन की काट क्या है ? December 17, 2013 / December 17, 2013 by अनिल द्विवेदी | 1 Comment on काँग्रेस के पास इस दुश्मन की काट क्या है ? विधानसभा चुनाव की जंग और बयानों की उलटबांसियों के बीच एक अचरजभरा बयान केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश की ओर से आया. जीत या हार के कयासों के बीच एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा से नहीं बल्कि आरएसएस यानि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से है! इस पर बात आगे बढ़े, उसके […] Read more »
राजनीति लालू को जमानत से राजनीति में बदलाव December 17, 2013 / December 17, 2013 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment आखिरकार ७७ दिन जेल में बिताने के बाद राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई| रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में कैदी की पोशाक पहने लालू का जलवा तब भी कम नहीं था औरअब जबकि वे अपनी पारम्परिक पोशाक में आ चुके […] Read more » लालू को जमानत से राजनीति में बदलाव
राजनीति कैसे बचे संसद और विधानसभाओ की गिरती साख ? December 17, 2013 by शादाब जाफर 'शादाब' | Leave a Comment शादाब जफर ‘‘शादाब’’ देश में जब से धर्म और जाति की राजनीति शुरू हुई है तब से चुनाव की घोषणा होते ही देश राजनेताओ के लिये सियासी दंगल बन जाता है पर इस बार देश का सियासी दंगल चुनाव की घोषण होते ही धार्मिक दंगो और हिंदू मुसलमान में गहरी खाई बनाने के साथ ही […] Read more » कैसे बचे संसद और विधानसभाओ की गिरती साख ?
राजनीति आप:भारतीय लोकतंत्र का नया राजनैतिक अवतार December 16, 2013 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफ़री मध्यप्रदेश,राजस्थान,छत्तीसगढ़,दिल्ली तथा मिज़ोरम आदि पांच राज्यों में पिछले दिनों हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनावों के परिणामों को लेकर अभी से क़यास लगाए जाने लगे हैं। इन पांच राज्यों में जहां कांग्रेस पार्टी को राजस्थान की सत्ता गंवानी पड़ी है वहीे मिज़ोरम में कांग्रेस ने […] Read more » आप
राजनीति मोदी को मात देंगे पित्रोदा! December 16, 2013 / December 16, 2013 by इफ्तेख़ार अहमद | 3 Comments on मोदी को मात देंगे पित्रोदा! मो. इफ्तेखार अहमद, चार राज्यों में कांग्रेस पार्टी को मिली करारी हार के बाद कांग्रेस और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस बयान के बाद कि 2014 लोकसभा चुनाव के लिए सही समय पर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जाएगा। इस खबर के आते ही राजनीतिक पंडितों के बीच कांग्रेस पार्टी […] Read more » मोदी को मात देंगे पित्रोदा