चिंतन राजनीति ‘सेक्युलर’ कौन? और ‘सेक्युलर’ मतलब क्या? June 25, 2012 / June 25, 2012 by मा. गो. वैद्य | 7 Comments on ‘सेक्युलर’ कौन? और ‘सेक्युलर’ मतलब क्या? मा. गो. वैद्य हमारे देश में ‘सेक्युलर’ शब्द का खूब हो-हल्ला मचा है. यह हो-हल्ला मचाने वाले, ‘सेक्युलर’ शब्द का सही अर्थ ध्यान में नहीं लेते और वह शब्द राजनीतिक प्रणाली में कैसे घुसा यह भी नहीं समझ लेते. ‘सेक्युलर’ का अर्थ ‘सेक्युलर’ शब्द का अर्थ है इहलोक से संबंधि, ऐहिक. अंग्रेजी में this-worldly इसका, […] Read more » धर्मनिरपेक्षता सेक्युलर सेक्युलरिज्म
राजनीति आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-२ June 25, 2012 / June 25, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 3 Comments on आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-२ आपातकाल की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१ मैंने उसी दिन से रात में हास्टल में रहना छोड़ दिया। क्लास खत्म होने के बाद अलग-अलग रास्ते से विश्वविद्यालय से बाहर निकलता और दूर के रिश्ते के अपने मामाजी के यहां रात गुजारता। पढ़ाई बुरी तरह बाधित […] Read more » आपातकाल बनारस हिंदू विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
राजनीति राष्ट्रपति चुनाव या 2014 का ‘सेमीफाईनल’ June 25, 2012 / June 25, 2012 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on राष्ट्रपति चुनाव या 2014 का ‘सेमीफाईनल’ तनवीर जाफरी देश में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनाव पद के प्रत्याशी को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है। परंतु पिछले कुछ दिनों के दौरान जिस प्रकार विभिन्न राजनैतिक दलों द्वारा इस पद के उम्मीदवार को लेकर राजनैतिक चालें चली गईं उन्हें देखकर ऐसा महसूस हुआ कि गोया यह चुनाव देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद […] Read more » राष्ट्रपति चुनाव
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान June 25, 2012 / June 25, 2012 by लिमटी खरे | 2 Comments on ये है दिल्ली मेरी जान लिमटी खरे राजनीति की घाघ खिलाड़ी हो गई वह गूंगी गुडिया नब्बे के दशक के आरंभ में जब कांग्रेस ने संकट के काल में नेहरू गांधी परिवार की इतालियन बहू सोनिया गांधी की अगुआई को स्वीाकारा था उसके कई सालों तक सोनिया को गूंगी गुडिया ही कहा जाता रहा है। धीरे धीरे सोनिया गांधी ने […] Read more » नितिन गडकरी राहुल गांधी सोनिया गांधी
राजनीति आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१ June 25, 2012 / June 25, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 6 Comments on आपात्काल, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और स्मृतियां – भाग-१ आपात्काल की ३७वीं बरसी पर विशेष विपिन किशोर सिन्हा उस समय महानगरों को छोड़ दूरदर्शन की सुविधा कहीं थी नहीं। समाचारों के लिए आकाशवाणी और अखबारों पर ही निर्भरता थी। २५ जून, १९७५ की काली रात! आकाशवाणी ने रात के अपने समाचार बुलेटिन में यह समाचार प्रसारित किया कि अनियंत्रित आन्तरिक स्थितियों के कारण सरकार ने […] Read more » आपातकाल
राजनीति नीतीश की यह कैसी धर्मनिरपेक्षता? June 24, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | 3 Comments on नीतीश की यह कैसी धर्मनिरपेक्षता? सिद्धार्थ शंकर गौतम बदलते राजनीतिक परिदृश्य में धर्मनिरपेक्षता के मायने बदलना राजनीति की उस बुराई की ओर इंगित करता हैं जहां सत्ता शीर्ष पर काबिज होने की ललक ही सर्वोपरि है| धर्मनिरपेक्षता माने धर्म से स्वतंत्र या लौकिकता व सांसारिक संबंधी विचार| किन्तु स्वार्थ-सिद्धि हेतु राजनेताओं ने धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा ही बदल दी है| वर्तमान […] Read more » धर्मनिरपेक्षता नरेंद्र मोदी नीतिश कुमार
राजनीति नीतीश-मोदी के टकराव के मायने ! June 24, 2012 by एस.के. चौधरी | 6 Comments on नीतीश-मोदी के टकराव के मायने ! सोनू कुमार 2010 से पहले एनडीए के दो दिग्गज नेता नीतीश कुमार और नरेन्द्र मोदी के बीच कोई प्रोब्लम नहीं थी उससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री में कोई कमी नजर नहीं आई औऱ ना हीं वे उनको कम्यूनल छवि दिखती हैं जो अब उनके राजनैतिक करियर मे एक बाधा बन […] Read more » एनडीए नरेंद्र मोदी नीतिश कुमार राजग
राजनीति आइए सभी अपने जीवन को सार्थक बनाएं June 22, 2012 by लालकृष्ण आडवाणी | 2 Comments on आइए सभी अपने जीवन को सार्थक बनाएं लालकृष्ण आडवाणी बीसवीं शताब्दी के अंतिम दिनों में मुंबई से ‘आफ्टरनून केरियर एण्ड डिस्पैच‘ नाम का समाचार पत्र प्रकाशित हुआ करता था। पत्र में राजनीतिज्ञों की भेंटवार्ता ‘ट्वन्टी क्वेस्चन‘ (बीस प्रश्न) शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित होती थी। सन् 1991 में इस ‘ट्वन्टी क्वेस्चन‘ वाले इन्टरव्यू के लिए जब मुझसे सम्पर्क किया गया तो पहला प्रश्न […] Read more » लालकृष्ण आडवाणी
राजनीति लोकतंत्र के अंगने में हत्यारे! June 22, 2012 by देवेन्द्र स्वरूप | 2 Comments on लोकतंत्र के अंगने में हत्यारे! देवेंद्र स्वरूप इसी 4 मई की रात में टी.पी.चन्द्रशेखरन, उत्तरी केरल के कोझीकोड जिले में ओनचियम गांव के अपने घर की ओर मोटर साइकिल पर अकेले जा रहे थे कि कार में सवार कुछ हत्यारों ने उन्हें घेर लिया और उन पर तेज धार वाले हथियारों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। लहुलूहान चन्द्रशेखरन जमीन पर […] Read more » माकपा मार्क्सवादी हिंसा
राजनीति राजग की दरकती दीवारें June 22, 2012 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 1 Comment on राजग की दरकती दीवारें मगन देव नारायण सिंह जनता दल (यू.) और भाजपा नेताओं के वाक्युद्ध से राजग अर्थात राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की दीवारें दरकने लगीं है। राजनीतिक विश्लेषकों को अब यह विश्वास हो गया है कि राजग के देदिप्यमान भवन के ध्वस्त होने में अब देर नहीं है। वैसे राजनीति के पंडितों का यह भी कहना है कि […] Read more » एनडीए राजग
राजनीति मोदीः भाजपा की ज़रूरत हो सकते हैं राजग की नहीं ? June 22, 2012 / June 22, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | 4 Comments on मोदीः भाजपा की ज़रूरत हो सकते हैं राजग की नहीं ? इक़बाल हिंदुस्तानी 0 गुजरात का विकास एक मिथ है जबकि ‘दंगा’ हकीकत! नरेंद्र मोदी को भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने का जैसा विरोध राजग के अंदर हो रहा है, उससे यह बात साफ हो गयी है कि देश तो मोदी को पीएम के रूप में क्या स्वीकार करेगा अभी तो […] Read more » गुजरात नरेंद्र मोदी भाजपा
राजनीति पहले आदिवासी राष्ट्रपति का रायसीना हिल्स पर इंतजार ! June 21, 2012 by संजय द्विवेदी | 1 Comment on पहले आदिवासी राष्ट्रपति का रायसीना हिल्स पर इंतजार ! संजय द्विवेदी काफी विमर्शों के बाद अंततः देश के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने पीए संगमा को राष्ट्रपति चुनाव में अपना समर्थन देने का फैसला कर लिया। यह एक ऐसा फैसला है, जिसके लिए भाजपा नेता बधाई के पात्र हैं। देश में अगर पहली बार एक आदिवासी समुदाय का कोई व्यक्ति राष्ट्रपति बन […] Read more » पी ए संगमा भाजपा राष्ट्रपति