राजनीति ममता की सामंती दरियादिली में अटके एक हजार राजनीतिक बंदी June 6, 2012 / June 6, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on ममता की सामंती दरियादिली में अटके एक हजार राजनीतिक बंदी जगदीश्वर चतुर्वेदी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दरियादिली सामंती पापुलिज्म का हिस्सा है। यह सामंती जश्न और दरबारी संस्कृति से जुड़ी है। यह एक अ-राजनीतिक फिनोमिना है। इसका लोकतांत्रिक उदारतावाद से कम सामंती उत्सवधर्मी मानसिकता से ज्यादा संबंध है। इस मानसिकता का आदर्श नमूना है कोलकाता नाइट राइडर का अभिनंदन समारोह और नजरूल अकादमी का फैसला। […] Read more » ममता बनर्जी
राजनीति हिन्दूवादी राष्ट्रवाद बनाम कांग्रेसी राष्ट्रवाद June 5, 2012 / June 6, 2012 by राकेश कुमार आर्य | 1 Comment on हिन्दूवादी राष्ट्रवाद बनाम कांग्रेसी राष्ट्रवाद कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर का एक लेख मैं पढ़ रहा था। जिसमें उन्होंने आरएसएस और अन्य हिंदूवादी संगठनों की इस चिंता को निरर्थक सिद्ध करने का प्रयास किया है कि भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या जिस तेजी से बढ़ रही है उससे शीघ्र ही भारत में मुस्लिम राज्य स्थापित हो जाएगा। लेखक का मंतव्य है […] Read more » कांग्रेसी राष्ट्रवाद हिन्दूवादी राष्ट्रवाद
राजनीति उदारता ही हमें बड़ा बनाती है / गिरीश पंकज June 5, 2012 / June 28, 2012 by गिरीश पंकज | 4 Comments on उदारता ही हमें बड़ा बनाती है / गिरीश पंकज बहुत पहले मैं भी यही सोचा करता था कि फलां जगह क्यों जाऊं? लोग क्या कहेंगे. लेकिन बाद में सोच बदली. मुझे लगता है कि लेखक को वर्जनावादी नहीं होना चाहिए. उसे उदारवादी सोच वाला होना चाहिए. उदारता ही हमें -या किसी को भी-बड़ा बनाती है.लेखक को हर मंच पर जा कर अपनी बात कहनी […] Read more » भारत नीति प्रतिष्ठान मार्क्सवाद वैचारिक अश्पृश्यता संवाद
राजनीति … यानि गहलोत ने ही चुप कराया रूपाराम डूडी को June 5, 2012 / June 5, 2012 by तेजवानी गिरधर | Leave a Comment तेजवानी गिरधर तबादलों को लेकर पंचायतराज मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय पर गंभीर आरोप लगाने के बाद डीडवाना के कांग्रेस विधायक रूपाराम डूडी का पलट जाना और यह कहना कि उन्होंने रुपए लेने का आरोप नहीं लगाया था, वाकई चौंकाने वाला है। साफ नजर आता है कि भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद सरकार व संगठन […] Read more » कांग्रेस विधायक रूपाराम डूडी
राजनीति मार्क्सवाद में ‘इन्हैरंट डिफेक्ट’ है, इसके लिए अभिमन्यु की जरूरत ही नहीं है / धनाकर ठाकुर June 4, 2012 / June 28, 2012 by डॉ. धनाकर ठाकुर | 2 Comments on मार्क्सवाद में ‘इन्हैरंट डिफेक्ट’ है, इसके लिए अभिमन्यु की जरूरत ही नहीं है / धनाकर ठाकुर गोष्ठी में यह जानते हुए भी कि कवि-पत्रकार मंगलेश डबराल घोषित वामपंथी हैं, अध्यक्षता का आमन्त्रण देना सोचनीय था वैसे विषय “समांतर सिनेमा का सामाजिक प्रभाव” सामाजिक था. प्रतिष्ठान भी क्या प्रगतिशीलता का प्रमाणपत्र चाहता है? उन्होंने प्रतिष्ठान में अपनी उपस्थिति को ‘चूक’ बताया तो इसमें अचरज की बात नहीं हुई. वामपंथ से जुड़ी बौद्धिकधारा […] Read more » भारत नीति प्रतिष्ठान मार्क्सवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैचारिक अश्पृश्यता
राजनीति लोकतंत्र में संघ का कु-संग और कम्युनिस्टों का सत्संग / जगदीश्वर चतुर्वेदी June 4, 2012 / June 28, 2012 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 10 Comments on लोकतंत्र में संघ का कु-संग और कम्युनिस्टों का सत्संग / जगदीश्वर चतुर्वेदी ‘भारत नीति प्रतिष्ठान और मंगलेश डबराल’ विवाद को लेकर हम ‘प्रवक्ता’ पर ‘वैचारिक छुआछूत’ पर केन्द्रित बहस चला रहे हैं. इसी क्रम में हमने सर्वश्री जगदीश्वर चतुर्वेदी और विपिन किशोर सिन्हा से आग्रह किया था कि इस विषय पर अपने विचार हमें भेंजे. यह प्रसन्नता का विषय है कि दोनों महानुभावों के लेख हमें प्राप्त […] Read more » बहुलता मार्क्सवाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वैचारिक अश्पृश्यता
राजनीति ओम थानवी के नाम खुला पत्र / प्रेम जनमेजय June 4, 2012 / June 28, 2012 by प्रेम जनमेजय | 1 Comment on ओम थानवी के नाम खुला पत्र / प्रेम जनमेजय प्रिय भाई यह पत्र ‘ताकि कुछ गर्द हट’ के संदर्भ में लिख रहा हूं। आप तो जानते ही हो कि साहित्य में धूल भरी आंधियों का मौसम सदा से रहा है, आप कितना भी बुहार लें गर्द हटकर फिर अपने अस्तित्व के साथ उपस्थित हो जाती है। कह सकते हैं कि गर्द का स्थानांतरण होता […] Read more » ओम थानवी भारत नीति प्रतिष्ठान वैचारिक अश्पृश्यता
राजनीति विधि-कानून धर्म आधारित आरक्षण गलत June 4, 2012 / June 4, 2012 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय का फैंसला- धर्म आधारित आरक्षण गलत अल्पसंख्यकों का ओबीसी के कोटा के अंतर्गत 4.5 प्रतिशत आरक्षण देने की केंद्र सरकार की मंशा को करारा झटका लगा है। आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि ‘धर्म के आधार पर आरक्षण का लाभ संविधान के विरूद्ध है। […] Read more » धर्म आधारित आरक्षण गलत
राजनीति विधि-कानून आरक्षण पर अब संविधान – संशोधन ही विकल्प June 4, 2012 / June 4, 2012 by राजीव गुप्ता | Leave a Comment राजीव गुप्ता आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद अल्पसंख्यको के नाम पर राजनीति करने वाली यूं.पी.ए – 2 की अगुआई वाले सबसे प्रमुख घटक दल कांग्रेस पार्टी की नियत पर अब सवाल उठने लगने लगे है ! ऐसा लगता है कि उसकी धर्माधारित राजनीति पर अब ग्रहण लग गया है ! ध्यान देने […] Read more » reservation in constitution आरक्षण पर अब संविधान
राजनीति बाबा और अन्ना का एक मंच पर आना सरकार के लिये ख़तरा ? June 4, 2012 / June 4, 2012 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी कोई भी दल नहीं चाहता कि मज़बूत लोकपाल बिल पास हो! योगगुरू बाबा रामदेव और सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर अपनाये जा रहे काहिल रूख़ के खिलाफ एकजुट हो गये हैं। एक दिन के इस साझा अनशन का हालांकि प्रतीकात्मक ही महत्व है लेकिन पूरे एक साल पहले […] Read more » baba ramdev andanna against corruption बाबा और अन्ना का एक मंच
राजनीति विविधा भारत बंद लोकलुभावन या लोकहितकारी June 4, 2012 / June 4, 2012 by तनवीर जाफरी | Leave a Comment तनवीर जाफरी देश के किसी न किसी राजनैतिक दल द्वारा समय-समय पर आहूत किया जाने वाला भारत बंद का प्रभाव गत् 31 मई को भी देश के बड़े हिस्से में देखने को मिला। इस बार का भारत बंद का आह्वान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ-साथ वामपंथियों द्वारा भी किया गया था। मज़े […] Read more » भारत बंद भारत बंद लोकलुभावन
राजनीति बाबा और टीम अन्ना के बीच वैचारिक टकराव June 4, 2012 / June 4, 2012 by सिद्धार्थ शंकर गौतम | Leave a Comment सिद्धार्थ शंकर गौतम कमजोर होती जनता की लड़ाई रविवार को एक दिन के सांकेतिक अनशन से करीब आए अन्ना-रामदेव की सफलता-असफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि दोनों में से कौन सर्वोच्चता एवं आत्म-मुग्धता का भाव त्यागने में अपनी दूरदर्शिता का परिचय देता है? दरअसल एक दिन के इस सांकेतिक अनशन […] Read more » anna and ramdevone day long fast अन्ना-रामदेव की सफलता कमजोर होती जनता की लड़ाई बाबा और टीम अन्ना के बीच वैचारिक टकराव