राजनीति सरकार की लाचारी, देश पर पड़ेगी कितनी भारी? September 18, 2011 / December 6, 2011 by राजेश कश्यप | 1 Comment on सरकार की लाचारी, देश पर पड़ेगी कितनी भारी? राजेश कश्यप देश इन दिनों भयंकर महंगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद से जूझ रहा है और सत्तारूढ़ सरकार इन समस्याओं से जूड़े सवालों पर कोई जिम्मेदाराना जवाब देने की बजाय बस एक ही राग अलाप रही है कि हमारे हाथ में क्या है? वर्ष 2011 में चौथी बार पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए गए और सरकार […] Read more » Congress कांग्रेस यूपीए सरकार
राजनीति नरेन्द्र मोदी – एक अद्वितीय व्यक्तित्व September 16, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 5 Comments on नरेन्द्र मोदी – एक अद्वितीय व्यक्तित्व गिरीश दाबके “नरेन्द्रायण – व्यक्ति से समष्टि : एक आकलन” नरेन्द्र मोदी पर प्रकाशित चरित्र ग्रन्थ है। यह चरित्र ग्रन्थ अत्यन्त प्रसिद्ध और लोकप्रिय भी हुआ। किन्तु आज भी ऐसा लगता है कि लेखक कुछ कहने से रह गये हैं कारण कि चरित्र ग्रन्थ की एक मर्यादा होती है। ग्रन्थ लिखते समय लेखक के मन […] Read more » Narendra Modi नरेन्द्र मोदी
राजनीति मोदी को जनता की ओर से उनके पत्र का उत्तर September 16, 2011 / December 6, 2011 by वीरेन्द्र जैन | 13 Comments on मोदी को जनता की ओर से उनके पत्र का उत्तर वीरेन्द्र जैन प्रिय मोदीजी मुख्यमंत्री, गुजरात राज्य महोदय, आपका पत्र मिला। आपके ऊपर लगे आरोपों की सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह कहते हुए वापिस कर दिया है कि इसकी सुनवाई वहीं स्थानीय कोर्ट में ही होगी। इस फैसले से आप फूले नहीं समा रहे हैं, यहाँ तक कि आपने अन्ना हजारे […] Read more » Narendra Modi गुजरात नरेन्द्र मोदी साम्प्रदायिकता
राजनीति अमर सिंह निर्दोष और अन्ना भ्रष्टाचारी हैं । September 15, 2011 / December 28, 2012 by डब्बू मिश्रा | 1 Comment on अमर सिंह निर्दोष और अन्ना भ्रष्टाचारी हैं । कभी कभी मेरे मन में ये खयाल आता है की हम देवता को देवता ही क्यों कहते हैं राक्षस क्यों नही, आदमी – आदमी ही क्यों कहलाता है जानवर क्यों नही कहलाता सांसदों को डाकू क्यों नही कहते हैं वगैरह वगैरह …. फिर मन में खयाल करना छोड कर मनन शुरू किया औऱ पाया की […] Read more » Anna Hazare अन्ना हजारे डब्बू मिश्रा दिग्विजय
राजनीति अडवाणीजी की रथयात्रा : बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते September 15, 2011 / December 6, 2011 by वीरेन्द्र जैन | 5 Comments on अडवाणीजी की रथयात्रा : बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते वीरेन्द्र जैन वैसे तो अडवाणीजी पार्टी संगठन या सदन में किसी पद पर नहीं हैं, पर अटलजी को भुला दिये जाने, व मुरली मनोहर जोशी को हाशिये पर कर दिये जाने के बाद वे भाजपा के सुप्रीमो बन गये हैं। अध्यक्ष कोई भी बना रहे पर उनकी उपेक्षा करके भाजपा में कुछ भी नहीं हो […] Read more » advaniji अडवाणीजी की रथयात्रा
राजनीति गरीबी नहीं बनेगी रूकावट चुनाव प्रक्रिया में September 15, 2011 / December 6, 2011 by शिव नारायणं शर्मा | Leave a Comment शिव नारायणं शर्मा Right to Recall जैसा कि अन्ना जी ने कहा है कि राइट टू रिकॉल चुनाव में होना चाहिये लेकिन हमारे देश के बुद्धीजीवीयों और राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह कहने सुनने में तो अच्छा लगता है मगर यह व्यवहारिक नहीं है, हमारा कहना है कि ऐसा क्यूँ नहीं हो सकता […] Read more » Right to Recall राइट टू रिकॉल
राजनीति वोटों की राजनीति से उूपर उठकर सबको देनी होगी सुरक्षा ! September 14, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment इक़बाल हिंदुस्तानी दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए आतंकवादी हमले में सरकार के हाथ अभी तक कोई सबूत न लगना इतना चिंता का विषय नही है जितना यह कि एक के बाद एक हुए कई हमलों की जांच की यही हालत है। 19 सितंबर 2010 को दिल्ली की जामा मस्जिद के पास विदेशी नागरिकों पर हमला […] Read more » Delhi High Court आतंकवादी हमले दिल्ली हाईकोर्ट
राजनीति साम्प्रदायिकता के बहाने हिंदुत्व एवं संघ से निपटने की चाल September 11, 2011 / December 6, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 6 Comments on साम्प्रदायिकता के बहाने हिंदुत्व एवं संघ से निपटने की चाल अमरनाथ कभी देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को धमकाते हुए कहा था कि मैं संघ को नेस्तनावूद कर दूँगा। संघ को कुचलने का उन्होने भरसक प्रयत्न भी किया। गाँधीजी की हत्या का दोषारोपण के कारण आज भी कांग्रेसी संघ के माथे यदा-कदा मढ़ते रहते हैं। उन्होंने कांग्रेस के संविधान […] Read more » राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ साम्प्रदायिकता हिंदुत्व
राजनीति नाकामियों और खींचातानी में बीता साल…….. September 10, 2011 / December 6, 2011 by हिमकर श्याम | 1 Comment on नाकामियों और खींचातानी में बीता साल…….. हिमकर श्याम अर्जुन मुंडा सरकार के एक साल पूरे हो गये। मुंडा सरकार का यह कार्यकाल नाकामियों और आपसी खींचातानी की कहानी बयान करता है। तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद अर्जुन मुंडा का ज्यादातर समय सहयोगी दलों को एकजुट रखने में बीता। सरकार पर समर्थन वापसी का खतरा लगातार बना रहा। अर्जुन मुंडा इस […] Read more » Arjun Munda अर्जुन मुंडा आजसू झामुमो
राजनीति कम्युनिस्टों का असली चेहरा / विपिन किशोर सिन्हा September 8, 2011 / June 6, 2012 by विपिन किशोर सिन्हा | 13 Comments on कम्युनिस्टों का असली चेहरा / विपिन किशोर सिन्हा कम्युनिज्म और कम्युनिस्ट विश्व मानवता के लिए खतरा ही नहीं अभिशाप हैं। इन कम्युनिस्टों ने अपने ही देशवासियों को यातना देने में नादिरशाह, गज़नी, चगेज़ खां, हिटलर मुसोलिनी आदि विश्व प्रसिद्ध तानाशाहों को भी मात दे रखी है। रुस के साईबेरिया के यातना शिविरों के किस्से रोंगटे खड़ा कर देनेवाले हैं। चीन में सांस्कृतिक क्रान्ति […] Read more » Communist कम्युनिज्म मार्क्सवाद वामपंथ साम्यवाद
महत्वपूर्ण लेख राजनीति कम्युनिज्म की काली किताब September 8, 2011 / September 12, 2011 by शंकर शरण | 10 Comments on कम्युनिज्म की काली किताब शंकर शरण अन्ना आंदोलन की बाढ़ में पश्चिम बंगाल से आती एक बड़ी खबर डूब-सी गई। बंगला मीडिया में वह खबरें ‘कंकालकांड’ के नाम से आई है। पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर जिलों में जमीन के नीचे थोक भाव से नरकंकाल मिले हैं। प्रारंभिक जाँच में ही दिखा कि यह मार्क्सवादी पार्टी द्वारा राजनीतिक विरोधियों की […] Read more » कम्युनिज्म कम्युनिस्ट मार्क्सवाद वामपंथ साम्यवाद
राजनीति खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे September 8, 2011 / December 6, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे विपिन किशोर सिन्हा सरकार इतने निम्न स्तर पर आकर अपने विरोधियों के विरुद्ध कार्यवाही करेगी. कल्पना भी नहीं थी। अन्ना हज़ारे के जन आन्दोलन के समक्ष सरकार ने अत्यन्त बेबसी में घुटने टेके अवश्य, लेकिन शर्मनाक पराजय की एक कसक के साथ। तिहाड़ जेल में बन्द करने के बाद अन्ना के रामलीला मैदान में पहुंचने […] Read more »