लेखक परिचय

वीरेन्द्र जैन

वीरेन्द्र जैन

सुप्रसिद्ध व्‍यंगकार। जनवादी लेखक संघ, भोपाल इकाई के अध्‍यक्ष।

भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन का नेतृत्व और उसके विरोधाभास

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वीरेन्द्र जैन देश में भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है और यही कारण है कि जब भी कोई भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा होता हुआ दिखता है तो उसके पीछे बहुत सारे लोग यह सोचे बिना ही आ जाते हैं कि जब तक यह समर्थन किसी सार्थक परिवर्तनकारी राजनीति और राष्ट्रव्यापी संगठन के साथ नहीं जुड़ता… Read more »

रीढ़विहीन होती जाती भाजपा

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वीरेन्द्र जैन  जैसे कि सुब्रमण्यम स्वामी उस जनता पार्टी के प्रमुख हैं जिस नाम की पार्टी ने कभी इमरजैन्सी लगाये जाने से आक्रोशित जनता का समर्थन हासिल करते हुए केन्द्र में पहली गैर कांग्रेसी सरकार बनायी थी, पर सुब्रमण्यम स्वामी की यह जनता पार्टी, आज वही जनता पार्टी नहीं है केवल उसका साइनबोर्ड भर है।… Read more »



पाँचजन्य और आर्गनाइजर, मुख पत्र या मुखौटा पत्र

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वीरेन्द्र जैन गत दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख राम माधव ने भोपाल में कहा कि पांचजन्य और आर्गनाइजर का संचालन स्वयंसेवक करते हैं लेकिन उनमें प्रकाशित लेखों में व्यक्त विचार संघ के विचारों से मेल खाएं यह जरूरी नहीं है। वे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में आरएसएस के… Read more »

अडवाणीजी अब तो सच्चाई स्वीकारिये

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वीरेन्द्र जैन दर्शन शास्त्र के एक प्रोफेसर को साधारण भौतिक वस्तुएं भूल जाने की बीमारी थी। बरसात की एक शाम जब वे भीगे हुए अपने घर के दरवाजे पर पहुँचे तो घर में प्रवेश से पहले ही तेज याददाश्त वाली उनकी पत्नी ने पूछा “छाता कहाँ है?” “वह तो कहीं खो गया” प्रोफेसर ने बताया… Read more »

सत्यमेव जयते

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वीरेन्द्र जैन सत्यमेव जयते सम्वेदनात्मक ज्ञान की भेदक क्षमता और मीडिया के सदुपयोग का उदाहरण जयप्रकाश आन्दोलन और इमरजैंसी के दौरान अपनी गज़लों के माध्यम से पूरे समाज को झकझोर देने वाले शायर दुष्यंत कुमार का एक शे’र है-   वे मुतमईन हैं पत्थर पिघल नहीं सकता मैं बेकरार हूं आवाज़ में असर के लिए… Read more »

लोकतंत्र का स्वरूप बदलने की जरूरत तो है पर अवसर नहीं

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वीरेन्द्र जैन केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला का कहना है कि अब देश में नियंत्रित लोकतंत्र अपनाने का समय आ गया है। उनका कहना एक ओर तो समस्याओं की ओर उनकी चिंताओं को दर्शाता है किंतु दूसरी ओर ऐसा हल प्रस्तुत करता है जिसकी स्वीकार्यता बनाने के लिए एक तानाशाही शासन स्थापित करना होगा। स्मरणीय है… Read more »

ब्रांड में बदल गये बच्चन परिवार में बेबी बच्चन की आमद

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वीरेन्द्र जैन पिछले दिनों फिल्मी अभिनेता अभिषेक- एश्वर्या दम्पत्ति के यहाँ एक पुत्री ने जन्म लिया है। यह परिवार चकाचौंध वाली फिल्मी दुनिया में हिन्दी भाषी क्षेत्र का सबसे बड़ा स्टार परिवार है, जिसकी लोकप्रियता का प्रारम्भ हिन्दी के सुपरिचित कवि डा. हरिवंश राय बच्चन से होता है। किसी समय इलाहाबाद न केवल संयुक्त प्रांत… Read more »

संघी फासिज्म / वीरेन्द्र जैन

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दिग्विजय सिंह के बयान तथ्यात्मक रूप से गलत नहीं होते। संघ प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वे दिग्विजय जैसे नेताओं के बयानों से विचलित न हों और न उनके विरोध में भाषणबाजी करें। अपने काम को आगे बढाएं। यह बयान फासिज्म का संकेत देता है।  आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने संघ… Read more »

मीडिया पर जस्टिस मार्कण्डेय के विचार और घालमेल का संकट

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वीरेन्द्र जैन एक बार फिर से आम पढा लिखा व्यक्ति दुविधा में है। वह जब जिस कोण से बात सुनता है उसे उसी की बात सही लगती है और वह समझ नहीं पाता कि सच किस तरफ है। दर असल दोष उसका नहीं है अपितु एक ही नाम से दो भिन्न प्रवृत्तियों को पुकारे जाने… Read more »

न्यायिक सुधारों की दिशा मे जड़ से ही सुधार हो

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वीरेन्द्र जैन अभी सरकारी अधिकारियों, चुनाव लड़ने वालों, मंत्रियों, सांसदों विधायकों आदि जन प्रतिनिधियों के साथ न्यायधीशों की सम्पत्ति की घोषणा से सम्बन्धित बहस शांत ही नहीं हुयी थी कि न्यायिक सुधारों से सम्बन्धित नये विधेयक की सुगबुगाहट सुनाई देने लगी है। इस सम्भावित विधेयक के अनुसार न केवल न्यायधीशों के आचरणों को ही नियंत्रित… Read more »