प्रवक्ता न्यूज़ भारत वर्ष का हर्ष September 29, 2025 / September 29, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment तुम नमक नहीं, चंदन हो, वीर, हर चौके, छक्के में दिखा दिया धीर। देशभर में फैल गया अद्भुत हर्ष Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ मोदी का मिशन सीमांचल September 17, 2025 / September 17, 2025 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment कुमार कृष्णन विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बिहार का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए हर संभव कोशिश में जुटी हुई हैं। जहां एक ओर एनडीए फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन चुनावी अखाड़े में जमकर पसीना […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ बार-बार दोहराई गई त्रासदी, बाढ़ प्रबंधन क्यों है अधूरा सपना? September 16, 2025 / September 16, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment पानी से नहीं, नीतियों से हारी ज़िंदगी” हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्य बार-बार बाढ़ की विभीषिका झेलते हैं, लेकिन हर बार नुकसान झेलने के बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नज़र नहीं आती। 2023 की बाढ़ के बाद भी करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद नदियों की सफाई, नालों की निकासी […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ नरेन्द्र मोदी युगांतरकारी नेतृत्व के प्रतीक महामानव September 16, 2025 / September 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment नरेंद्र मोदी के 75वें जन्म दिन- 17 सितम्बर, 2025– ललित गर्ग – नरेंद्र मोदी आज केवल भारत के प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि वैश्विक परिदृश्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारतीय लोकतंत्र की गौरवगाथा को नई ऊँचाइयों तक ले गया है। साधारण परिवार में जन्मा एक बालक, जिसने जीवन के संघर्षों […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ शिक्षक तो अनमोल है… September 4, 2025 / September 4, 2025 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment नूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान !मिट्टी को जीवंत करें, गुरुवर वो भगवान !! भरें प्रतिभा, योग्यता, बुनता सभ्य समाज !समदृष्टि, सद्भाव भरें, पूजनीय ऋषिराज !! जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान !गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान !! धैर्य और विवेक भरें, करते दुर्गुण दूर !तप, बल से निर्मित करें, […] Read more » शिक्षक तो अनमोल है
प्रवक्ता न्यूज़ शिक्षक : दायित्वबोध और सम्मान September 3, 2025 / September 3, 2025 by डा. विनोद बब्बर | Leave a Comment शिक्षक दिवस विशेष डा. विनोद बब्बर शिक्षक दिवस है तो वातावरण में ‘गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागू पाय‘ से ‘शिक्षक राष्ट्र निर्माता है’, ‘युग निर्माता है’ का शोर तो होगा ही लेकिन इस शब्दजाल और नारों के प्रवाह में बहने से पहले यह समझना जरूरी है कि क्या शिक्षक गुरु है? क्या हम उसे पर्याप्त सम्मान […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ कांग्रेस, बीजेपी और राहुल गांधी का खेल August 27, 2025 / August 28, 2025 by शिवानंद मिश्रा | Leave a Comment शिवानन्द मिश्रा 1968 से 1992 तक अमेरिका के लिए रिपब्लिकन युग कहा जा सकता है क्योंकि इन 24 वर्षों में सिर्फ 4 साल डेमोक्रेट्स के पास रहे, शेष 20 साल रिपब्लिकन पार्टी का राज रहा। 1988 के चुनाव में जब जॉर्ज बुश जीते, उनके उपराष्ट्रपति ने खुलकर कहा था कि अब डेमोक्रेट्स को जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है ताकि कोई तीसरा मोर्चा उभर ना पाए। डेमोक्रेट्स ने इस उपहास को गंभीरता से लिया और 1992 में बिल क्लिंटन के नेतृत्व में जीत दर्ज कर अपनी वापसी की। आज भारत में बीजेपी उसी रिपब्लिकन स्थिति में है जहाँ कांग्रेस को जीवित रखना बीजेपी का रणनीतिक हित बन गया है ताकि तीसरी पार्टियों का खतरा कम हो। आज कांग्रेस पंजाब, राजस्थान, हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना तक सिमट चुकी है। राहुल गांधी की सबसे बड़ी “उपलब्धि” यही है कि उन्होंने राज्य स्तर पर खुद को शून्य किया, प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद में। कांग्रेस को अब अपनी खोई हुई जमीन पाने के लिए सैकड़ों प्रमोद महाजन या अमित शाह जैसे नेताओं की आवश्यकता होगी। उनकी 99 सीटें उनकी उच्चतम उपलब्धि थीं; उसके बाद शुरू हुआ पतन। अब मामला वोट चोरी तक पहुंच चुका है। एक अनुमान के मुताबिक अगला टारगेट न्यायपालिका, पुलिस या सेना हो सकता है। यह वही सत्ता की निराशा है जिसे मुहम्मद अली जिन्ना ने भी झेला। जब से ममता बनर्जी ने राहुल को नेता प्रतिपक्ष पद से हटने का सुझाव दिया, उनके लिए खुद को प्रासंगिक बनाए रखना जरूरी हो गया है। बिहार में वे खुद शून्य हैं, साथ में आधा दर्जन सीटों वाला तेजस्वी यादव उनके साथ। अब ये दोनों हुड़दंग को जन आंदोलन बताने में लगे हैं। बीजेपी के हित में यही जरूरी है कि कांग्रेस प्रासंगिक रहे, ताकि कोई तीसरा चेहरा कांग्रेस से ऊपर ना उठ पाए। राहुल गांधी की “ट्यूशन से सीखी राजनीति” से निपटना आसान है लेकिन कोई जननेता आ जाए तो चुनौती बढ़ जाएगी। अमित शाह का उदय हाल के दिनों में तेज़ हुआ है। मोदीजी उनके भरोसे संसद के बिल पास करवा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि अगले दशक में अमित शाह का युग लगभग निश्चित है। 2029 में मोदीजी अगर फिर चुनाव लड़े तो नेहरू का रिकॉर्ड टूट सकता है लेकिन 2029 या 2034 से अमित शाह का समय शुरू होना लगभग तय है। जो कांग्रेसी अब मोदीजी को “वोट चोर” बोल रहे हैं, वे भविष्य में मोदी का फोटो लगाकर रोते नजर आएंगे। मोदीजी अब नेता वाली लीग से बाहर, उनका नाम अमर। संघर्ष अब नए नेताओं का है और जब विपक्ष में राहुल गांधी हों तो ये संघर्ष आसान होता है। राजनीतिक रणनीति यही है: कांग्रेस अगर सिर्फ 4-5 राज्यों में लड़े तो हमेशा नंबर 2 बनेगी और यह बीजेपी के लिए उचित परिणाम होगा। बस शर्त यही है कि उनके यहाँ डेमोक्रेटिक पार्टी जैसा कोई बिल क्लिंटन न आए, जो रास्ते खुद कांग्रेस ने बंद कर रखे हैं। राजनीति = गणित + रणनीति + धैर्य राहुल गांधी और कांग्रेस का खेल इस समय सिर्फ बीजेपी के हित में प्रासंगिक बने रहने का है। शिवानन्द मिश्रा Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ राधाकृष्णन की उम्मीदवारी से कई हित सधेंगे August 19, 2025 / August 23, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ललित गर्ग- भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राजग ने चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित करके एक तीर से अनेक निशाने साधे हैं। भाजपा ने बहुत सोच-समझकर उन्हें इस प्रतिष्ठित पद का उम्मीदवार बनाया है। वे तमिल हैं, पिछडे़ भी हैं, संघ से जुड़े हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुराने […] Read more » चंद्रपुरम पोन्नुस्वामी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार
प्रवक्ता न्यूज़ राहुल गांधी पर सर्वोच्च न्यायालय की कठोर टिप्पणी August 6, 2025 / August 8, 2025 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment कांग्रेस के नेता राहुल गांधी को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर फटकार लगाई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी का वह बयान जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें फटकार लगाई है 25 अगस्त 2022 का है , जब वह कारगिल में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान एक रैली को संबोधित कर रहे […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ स्क्रीन का शिकंजा: ऑस्ट्रेलिया से सबक लेता भारत?” July 31, 2025 / July 31, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यूट्यूब समेत सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर प्रतिबंध लगाने का साहसिक फैसला लिया है। यह कदम बच्चों को ऑनलाइन दुनिया के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए उठाया गया है। भारत जैसे देशों में, जहां डिजिटल लत तेजी से फैल रही है, वहां इस […] Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ भारत में तेज गति से आगे बढ़ता पर्यटन उद्योग July 25, 2025 / July 25, 2025 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment भारत में पर्यटन उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए कई वर्षों से लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं, परंतु इस क्षेत्र में वृद्धि दर कम ही रही है। क्योंकि, भारत में पर्यटन का दायरा केवल ताजमहल, कश्मीर एवं गोवा आदि स्थलों तक ही सीमित रहा है। परंतु, हाल ही के वर्षों में धार्मिक क्षेत्रों यथा, अयोध्या, वाराणसी, मथुरा, उज्जैन, हरिद्वार, उत्तराखंड में चार धाम (केदारधाम, बद्रीधाम, गंगोत्री एवं यमुनोत्री), माता वैष्णोदेवी एवं दक्षिण भारत स्थित विभिन्न मंदिरों सहित, बौद्ध धर्म, जैन धर्म एवं सिक्ख धर्म के कई पूजा स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर इन्हें आपस में जोड़कर पर्यटन सर्किट विकसित किए गए हैं। इससे भारत में धार्मिक पर्यटन बहुत तेज गति से आगे बढ़ा है। विभिन्न देशों से भी अब पर्यटक इन नए विकसित किए गए धार्मिक स्थलों पर भारी मात्रा में पहुंच रहे हैं। योग एवं आयुर्वेद भी हाल ही के समय में विदेशों में काफी लोकप्रिय हो गया है अतः इसकी खोज के लिए विदेशों से कई पर्यटक भारत में धार्मिक पर्यटन करने के प्रति आकर्षित हो रहे हैं। इससे विदेशी पर्यटन भी देश में तेजी से वृद्धि दर्ज कर रहा है। हाल ही के समय में भारत के नागरिकों में “स्व” का भाव विकसित होने के चलते देश में धार्मिक पर्यटन बहुत तेज गति से बढ़ा है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में श्रीराम लला के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात प्रत्येक दिन औसतन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। दिनांक 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में सम्पन्न हुए प्रभु श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद स्थानीय कारोबारी अपना उज्जवल भविष्य देख रहे हैं। अयोध्या धार्मिक पर्यटन का हब बनाने जा रहा है तथा अब अयोध्या दुनिया का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र बन जाएगा। जेफरीज के अनुसार अयोध्या में प्रति वर्ष 5 करोड़ से अधिक पर्यटक आ सकते हैं। यह तो केवल अयोध्या की कहानी है इसके साथ ही तिरुपति बालाजी, काशी विश्वनाथ मंदिर, उज्जैन में महाकाल लोक, जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर, उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमनोत्री जैसे कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है। भारत में धार्मिक पर्यटन में आई जबरदस्त तेजी के बदौलत रोजगार के लाखों नए अवसर निर्मित हो रहे हैं, जो देश के आर्थिक विकास को गति देने में सहायक हो रहे हैं। विश्व के कई अन्य देश भी धार्मिक पर्यटन के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्थाएं सफलतापूर्वक मजबूत कर रहे हैं। सऊदी अरब धार्मिक पर्यटन से प्रति वर्ष 22,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर अर्जित करता है। सऊदी अरब इस आय को आगे आने वाले समय में 35,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक ले जाना चाहता है। मक्का में प्रतिवर्ष 2 करोड़ लोग पहुंचते हैं, जबकि मक्का में गैर मुस्लिम के पहुंचने पर पाबंदी है। इसी प्रकार, वेटिकन सिटी में प्रतिवर्ष 90 लाख लोग पहुंचते हैं। इस धार्मिक पर्यटन से अकेले वेटीकन सिटी को प्रतिवर्ष लगभग 32 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय होती है, और अकेले मक्का शहर को 12,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आमदनी होती है। अयोध्या में तो किसी भी धर्म, मत, पंथ मानने वाले नागरिकों पर किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं होगी। अतः अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 5 से 10 करोड़ तक प्रतिवर्ष जा सकती है। एक अनुमान के अनुसार, प्रत्येक पर्यटक लगभग 6 लोगों को प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है। इस संख्या के हिसाब से तो लाखों नए रोजगार के अवसर अयोध्या में उत्पन्न होने जा रहे हैं। अयोध्या के आसपास विकास का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि अब अयोध्या के रूप में वेटिकन एवं मक्का का जवाब भारत में खड़ा होने जा रहा है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने भी धरातल पर बहुत कार्य सम्पन्न किया है। साथ ही, अब इसके अंतर्गत एक रामायण सर्किट रूट को भी विकसित किया जा रहा है। इस रूट पर विशेष रेलगाड़ियां भी चलाए जाने की योजना बनाई गई है। यह विशेष रेलगाड़ी 18 दिनों में 8000 किलो मीटर की यात्रा सम्पन्न करेगी, इस विशेष रेलगाड़ी के इस रेलमार्ग पर 18 स्टॉप होंगे। यह विशेष रेलमार्ग प्रभु श्रीराम से जुड़े ऐतिहासिक नगरों अयोध्या, चित्रकूट एवं छतीसगढ़ को जोड़ेगा। अयोध्या में नवनिर्मित प्रभु श्रीराम मंदिर वैश्विक पटल पर इस रूट को भी रखेगा। इसके पूर्व में केंद्र सरकार ने भी देश के 12 शहरों को “हृदय” योजना के अंतर्गत भारत के विरासत शहरों के तौर पर विकसित करने की घोषणा की है। ये शहर हैं, अमृतसर, द्वारका, गया, कामाख्या, कांचीपुरम, केदारनाथ, मथुरा, पुरी, वाराणसी, वेल्लांकनी, अमरावती एवं अजमेर। हृदय योजना के अंतर्गत इन शहरों का सौंद्रयीकरण किया जा रहा है ताकि इन शहरों की पुरानी विरासत को पुनर्विकसित कर पुनर्जीवित किया जा सके। इस हेतु देश में 15 धार्मिक सर्किट भी विकसित किये जा रहे हैं। “हृदय” योजना को लागू करने के बाद से केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें से अधिकतर परियोजनाओं पर काम भी प्रारम्भ हो चुका है। इन सभी योजनाओं का चयन सम्बंधित राज्य सरकारों की राय के आधार पर किया गया है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा पर्यटन की गति को तेज करने के उद्देश्य से किए जा रहे उक्तवर्णित उपायों के चलते अब भारतीय पर्यटन उद्योग तेज गति से आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। भारतीय पर्यटन उद्योग ने वर्ष 2024 में 2,247 करोड़ अमेरिकी डॉलर का आकार ले लिया है। वर्ष 2033 तक इसके 3,812 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंचने की सम्भावना है। एक अनुमान के अनुसार, वर्ष 2034 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद में पर्यटन उद्योग का योगदान बढ़कर 43.25 लाख करोड़ रुपए का हो जाने वाला है। भारत के हवाईअड्डों पर भारी भीड़ अब आम बात हो गई है एवं हेरिटेज स्थलों पर विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ दिखाई देने लगी है। देश के नागरिक एवं अन्य देशों के पर्यटक भारत में पर्यटन के लिए घरों से बाहर निकलने लगे हैं। भारत में मध्यमवर्गीय परिवारों की संख्या में अतुलनीय वृद्धि दर्ज हुई है एवं आम भारतीयों की डिसपोजेबले आय में भी वृद्धि दर्ज हुई है। अतः भारतीय नागरिक, विदेशी स्थलों पर पर्यटन के लिए जाने के स्थान पर अब भारत में ही विभिन्न स्थलों पर पर्यटन करने लगे हैं। इस बीच देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी किया गया है। होटल उद्योग ने भारी मात्रा में होटलों का निर्माण कर पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध कमरों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है। रेल एवं हवाई यात्रा को बहुत सुगम बनाया गया है तथा 4 लेन से लेकर 8 लेन की सड़कों का निर्माण किया गया है, जिससे पर्यटकों के लिए यातायात की सुविधाओं में बहुत सुधार हुआ है। इससे कुल मिलाकर अब भारतीय परिवार अपने घर से बाहर भी घर जैसा वातावरण एवं आराम महसूस करने लगे है। अतः अब भारतीय परिवार वर्ष में कम से कम एक बार तो पर्यटन के लिए अपने घर से बाहर निकलने लगे हैं। वर्ष 2023 में भारत में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों में 124 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है और 1.92 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत आए हैं, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। विदेशी पर्यटन से विदेशी मुद्रा की आय 15.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 1.71 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर गई है। गोवा, केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पश्चिमी बंगाल एवं पंजाब में देशी पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि दर्ज हुई है। अब तो उत्तर प्रदेश भी विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। वर्ष 2022 में 31.7 करोड़ भारतीय पर्यटक उत्तर प्रदेश पहुंचे हैं। वर्ष 2023 में तमिलनाडु में 10 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक पहुंचे हैं। वर्ष 2025 में प्रयागराज में आयोजित किए गए महाकुम्भ मेले के अवसर पर लगभग 66 करोड़ श्रद्धालु त्रिवेणी के पावन तट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंचे हैं, जो अपने आप में विश्व रिकार्ड है। भारत में यात्रा एवं पर्यटन उद्योग 8 करोड़ व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से रोजगार प्रदान कर रहा है एवं देश के कुल रोजगार में पर्यटन उद्योग की 12 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। भारत में प्राचीन समय से धार्मिक स्थलों की यात्रा, पर्यटन उद्योग में, एक विशेष स्थान रखती है। एक अनुमान के अनुसार, देश के पर्यटन में धार्मिक यात्राओं की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत के बीच रहती है। देश के पर्यटन उद्योग में लगभग 19 प्रतिशत की वृद्धि दर अर्जित की जा रही है जबकि वैश्विक स्तर पर पर्यटन उद्योग केवल 5 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज कर रहा है। देश में पर्यटन उद्योग में 87 प्रतिशत हिस्सा देशी पर्यटन का है जबकि शेष 13 प्रतिशत हिस्सा विदेशी पर्यटन का है। अतः भारत में रोजगार के नए अवसर निर्मित करने के उद्देश्य से केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों को विकसित करने हेतु प्रयास कर रही हैं। पर्यटन उद्योग में कई प्रकार की आर्थिक गतिविधियों का समावेश रहता है। यथा, अतिथि सत्कार, परिवहन, यात्रा इंतजाम, होटल आदि। इस क्षेत्र में व्यापारियों, शिल्पकारों, दस्तकारों, संगीतकारों, कलाकारों, होटेल, वेटर, कूली, परिवहन एवं टूर आपरेटर आदि को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं। केंद्र सरकार के साथ साथ हम नागरिकों का भी कुछ कर्तव्य है कि देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हम भी कुछ कार्य करें। जैसे प्रत्येक नागरिक, देश में ही, एक वर्ष में कम से कम दो देशी पर्यटन स्थलों का दौरा अवश्य करे। विदेशों से आ रहे पर्यटकों के आदर सत्कार में कोई कमी न रखें ताकि वे अपने देश में जाकर भारत के सत्कार का गुणगान करे। आज करोड़ों की संख्या में भारतीय, विदेशों में रह रहे हैं। यदि प्रत्येक भारतीय यह प्रण करे की प्रतिवर्ष कम से कम 5 विदेशी पर्यटकों को भारत भ्रमण हेतु प्रेरणा देगा तो एक अनुमान के अनुसार विदेशी पर्यटकों की संख्या को एक वर्ष के अंदर ही दुगना किया जा सकता है। Read more »
प्रवक्ता न्यूज़ ग़ज़ल July 9, 2025 / August 25, 2025 by डॉ राजपाल शर्मा 'राज' | Leave a Comment जवानी के दिन हमने यूँ ही गँवाए,न मौजें उड़ाईं, न पैसे कमाए। न आँखों में डूबे, हँसे, खिलखिलाए,न वादी में घूमे, न बारिश नहाए। अगर चेहरे पढ़ते तो होते शहंशाह,किताबों को पढ़-पढ़ के नौकर कहाए। कहीं रख के भूले वो खुशबू भरे ख़त,वो साँसों की गर्मी, वो चिलमन के साए। चले घर से जब-तब तो […] Read more »