प्रवक्ता न्यूज़

सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को साकार कर रहा है राजसमन्द लौटने लगा है ऎतिहासिक बावड़ियों का परंपरागत वैभव

राजस्थान को जल संकट से मुक्ति दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे का ड्रीम

मुस्लिम ला बोर्ड ही है सभी मुस्लिम समस्याओं की जड़ : डा सुरेन्द्र जैन

बोर्ड के राम मन्दिर संबंधी बयान पर अपनी प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए डा जैन ने कहा कि इस मामले में भी बोर्ड ने अपनी हठ-धर्मिता को ही दोहराया है. वे राम जन्म भूमि के मामले में तो न्यायालय का निर्णय चाहते हैं किन्तु, तीन तलाक में न्यायालय का हस्तक्षेप नहीं. उनकी इस दोहरी मानसिकता से ही स्पष्ट हो जाता है कि वे न्यायपालिका का कितना सम्मान करते हैं. इसलिए उनके बहकावे में आने की बजाए केंद्र सरकार को आगे बढ़कर तीन तलाक, हलाला व बहु विवाह जैसी बर्बर परम्पराओं को समाप्त करने हेतु अतिशीघ्र कानून लाना चाहिए. मुस्लिम महिलाओं तथा जागृत मुस्लिम समाज की मांग के साथ मानवता का भी यही तकाजा है.

किसकी शह पर कर रहे हैं गौरक्षक प्रहार ?

यहाँ प्रश्न यह नहीं है कि गौ वंश को वैध रूप से ले जाया जा रहा था या अवैध रूप से . प्रश्न यह है कि क्या किसी भी व्यक्ति को कानून को एक तरफ रखकर अपने स्तर पर ही सजा देने का अधिकार है ? क्या गौरक्षकों को यह अधिकार है कि वे अपने ही स्तर पर फैसला ले लें और व्यापारियों पर हमला बोल दें ? गौ रक्षकों को किसने यह अधिकार दिया है कि वे स्वयं बिना पुलिस व प्रशासन को सूचित किये ही तथा बिना उनका सहयोग लिए ही अपने स्तर पर चेकिंग करें और पिटाई करें ? क्या राज्य सरकार की मशीनरी इतनी पंगु हो गयी है कि गौरक्षकों को अवैध व्यापार की रोक थाम के लिए स्वयं ड्यूटी देनी पड़े . ?

यूपी में महिलाओं की पूर्णतः शराबबंदी की मांग योगी सरकार के लिये बडी चुनौती

कुछ लोग शराब पर पाबंदी लगाने से इसलिए विरोध कर रहे हैं कि इससे लाखों लोगों को बेरोजगार होना पड़ेगा ओर शराब बंदी को गैर कानूनी व रोजगार की आजादी के अधिकार के खिलाफ बता रहे हैं। इस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने जीवन के अधिकार और रोजगार की आजादी के मौलिक अधिकार के बीच संतुलन बनाने की बात करते हुए अपने आदेश की व्याख्या करते हुए कहा है कि शराब का कारोबार करना मौलिक अधिकार नहीं है।

‘शहीदे आजम का सपना अब पूरा होता दिख रहा है’

श्रीमती मंजू लोढ़ा की पुस्तक ‘परमवीर – द वार डायरी’ का अवलोकन करने के बाद अपने उदगार प्रकट कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जो मजबूत राष्ट्र की छवि बन रही है, वह गर्व करने योग्य है।

राष्ट्रीय ख्यााति के अम्बिका प्रसाद दिव्य पुरस्कार घोषित

साहित्य समाचार— ————————————————————— भोपाल। साठ महत्वयपूर्ण ग्रंथों के सर्जक एवं चार सौ चित्रों के चित्रकार

सामाजिक प्रतिबद्धताओं से सजा व्यंग्य संग्रह: शोरूम में जननायक

अनूप मणि त्रिपाठी का पहला व्यंग्य संग्रह “शोरूम में जननायक” में लगभग तीन दर्जन व्यंग्य है.