समाज किस्मत बदल देता इस मण्डी से खरीदा गया हर माल September 6, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप चौक गये न आप!! अब सेक्स की मंडी में ग्राहकों की भीड़ केवल मौज मस्ती या शारीरिक सुख के लिए ही नहीं लगती। इस मंडी से खरीदा गया माल आफिस में तरक्की का मार्ग खोल देता है, चुनाव का टिकट दिला देता है, बड़े से बड़े टेंडर दिला देता है। यही कारण है […] Read more » कॉलेज गर्ल्स ठेकेदार मॉडल्स रेडलाइट एरिया
समाज नशे के आदी युवा September 6, 2018 / September 6, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हाल ही में रिलीज हुई फिल्म उड़ता पंजाब के ट्रेलर ने पंजाब सरकार की नींद उड़ाकर रख दी थी। ये ट्रेलर उस समय रिलीज किया गया था जब पंजाब सरकार जनता को सफाई देने में लगी हुई थी कि पंजाब को केवल ड्रग्स के लिए बदनाम किया जा रहा है। वहीं फिल्म की […] Read more » Featured ड्रग एडिक्शन ड्रग या शराब नशे के आदी युवा
समाज वजूद में शामिल है पंजाबियत September 5, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप अपने अस्तित्व के 47 सालों बाद भी हिमाचल अपने वजूद से पंजाबियत को अलग नहीं कर पाया है। माना कि पहले हिमाचल पंजाब का ही हिस्सा था, पर आज यह अलग राज्य है। इसका अपना अस्तित्व है, पर लगता है जैसे यह सिर्फ नाम का ही है। जरा हिमाचल के किसी नेशनल हाई-वे […] Read more » Featured गणित पंजाब वजूद में शामिल है पंजाबियत हिमाचल हिमाचली शहद हिमाचली शाल
समाज शिक्षा का व्यवसायीकरण और बाजारीकरण देश के समक्ष बड़ी चुनौती September 5, 2018 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment ब्रह्मानंद राजपूत, शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता हैकिसी भी देश या समाज के निर्माण में शिक्षा की अहम् भूमिका होती है, कहा जाए तो शिक्षक समाज का आइना होता है। हिन्दू धर्म में शिक्षक के लिए कहा गया है कि आचार्यदेवो भवः यानी कि शिक्षक या आचार्य ईश्वर के समान होता है। यह दर्जा एक शिक्षक को उसके द्वारा समाज में दिए गए योगदानों के बदले स्वरुप दिया जाता है। शिक्षक का दर्जा समाज में हमेशा से ही पूज्यनीय रहा है। कोई उसे गुरु कहता है, कोई शिक्षक कहता है, कोई आचार्य कहता है, तो कोई अध्यापक या टीचर कहता है ये सभी शब्द एक ऐसे व्यक्ति को चित्रित करते हैं, जो सभी को ज्ञान देता है, सिखाता है और जिसका योगदान किसी भी देश या राष्ट्र के […] Read more » Featured बाजारीकरण राष्ट्र राष्ट्रपति शिक्षा स्कूल
समाज मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा September 4, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग जैन धर्म में संथारा अर्थात संलेखना- ’संन्यास मरण’ या ’वीर मरण’ कहलाता है। यह आत्महत्या नहीं है और यह किसी प्रकार का अपराध भी नहीं है बल्कि यह आत्मशुद्धि का एक धार्मिक कृत्य एवं आत्म समाधि की मिसाल है और मृत्यु को महोत्सव बनाने का अद्भुत एवं विलक्षण उपक्रम है। तेरापंथ धर्मसंघ […] Read more » Featured जैन धर्म तपस्या त्याग धर्मगुरुओं मृत्यु को महोत्सव बनाने का विलक्षण उपक्रम है संथारा राजनेताओं श्रीमती इंदिरा गांधी समाजसेवियों एवं रचनाकारों संस्कृति-उद्धार साहित्य-सृजन साहित्यकारों
धर्म-अध्यात्म समाज कृष्ण जन्माष्टमी की देश में मची धूम September 3, 2018 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा- राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भक्ति में रासलीला एक लोकप्रिय साधन डा. राधेश्याम द्विवेदी श्रीकृष्ण भारत की पुण्य भूमि में अवतरित हुये थे। वे भगवान विष्णु के 8वें अवतार और हिन्दू धर्म के ईष्ट ईश्वर हैं। कन्हैया, श्याम, केशव, द्वारकेश या द्वारकाधीश, वासुदेव आदि नामों से भी उनको जाना जाता हैं। वह निष्काम कर्मयोगी, एक आदर्श […] Read more » Featured कन्हैया करुणा केशव गोपियों जन्माष्टमी ज्ञान त्याग द्वारकेश या द्वारकाधीश धर्म निम्बार्क प्रेम बल्लभ मटकी फोड़ना माखन चुराना राधाबल्लभ वासुदेव श्याम श्रीकृष्ण साहस हरिदासी
धर्म-अध्यात्म समाज संसार के मार्गदर्शक हैं श्रीकृष्ण September 3, 2018 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक श्रीकृष्ण साक्षात परब्रह्म और ईश्वर हैं। संसार के समस्त पदार्थों के बीज उन्हीं में निहित है। वे नित्यों के नित्य और जगत के सूत्रधार हैं। शास्त्रों में उन्हें साक्षात ईश्वर कहा गया है। कुरुक्षेत्र में उन्होंने मोहग्रस्त अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया। कर्म का वह महामंत्र प्रदान किया जो मानव जाति के […] Read more » Featured जीवन त्याग ज्ञान दार्शनिक और राजनीतिक धार्मिक प्रेम और समर्पण भक्ति और कर्म राजनीति श्रीकृष्ण सामाजिक साहित्य और कला
समाज सार्थक पहल जैव ईंधन से वायुयान की उड़ान August 31, 2018 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव भारत अब उन चुनिंदा देशों की पांत में शामिल हो गया है, जिन्होंने जैव ईंधन से विमान उड़ाने में सफलता पाई है। सस्ती उड़ान सेवा देने वाली कंपनी स्पाइसजेट ने देहरादून से दिल्ली के बीच बाॅम्बार्डियर क्यू-400 विमान को जैव ईंधन से लाने का सफल परीक्षण किया है। भारत को जब दूसरे देश […] Read more » Featured अमेरिका आलू गन्ना गेंहू का भूंसा और बांस जैव ईंधन से वायुयान की उड़ान दक्षिण एशियाई भांग मक्का महर्षि भारद्वाज सल्फरडाइ आॅक्साइड
समाज अपनी मृत्यु की खबर खुद लिखे पत्रकार August 31, 2018 by अर्पण जैन "अविचल" | Leave a Comment डॉ अर्पण जैन ‘अविचल है न बिल्कुल अटपटा काम, विचित्र-सा। सैकड़ों लोगों के निधन की खबरें लिखने वाला अदद पत्रकार आज के दौर में क्यों भयाक्रांत है, या कहें पत्रकारिता क्यों अपना स्तर खोते जा रही है, इन सभी सवालों के मूल में समाज तत्व से सरोकार की भावना और चिंतन का गौण होना है। […] Read more » Featured अपनी मृत्यु की खबर खुद लिखे पत्रकार आचार्य श्रीराम शर्मा पत्रकारिता समाज
समाज आज स्वतंत्र हुए थे पारधी और अन्य घुमंतू जातियां August 30, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी, यह आश्चर्य ही है कि हमारा देश और हम सभी नागरिक 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुए किंतु देश की घुमंतू जातियों के चार करोड़ लोगों का दर्जा तब भी कानूनी रूप से गुलाम का ही बना रहा. घुमंतू जातियों के इन गुलामों हेतु भारत सरकार ने 31 अगस्त 1952 को एक क़ानून […] Read more » Featured अहेरिया आज स्वतंत्र हुए थे पारधी और अन्य घुमंतू जातियां केवट गडरिया गंडीला गाडियालोहार छड़ा जंगमजोगी डलेराकहार डोम धीवर नट नाथ नालबंध निषाद पाल बंगाली बघेल बंजारा बहेलिया बाजीगर बावरिया बिन्द भाट भांतु भेदकूट महातम राबरी रायसिख लोहार सांसी सिकलीगर
समाज मीडिया का पतन लोकतंत्र पर आघात August 28, 2018 / August 29, 2018 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on मीडिया का पतन लोकतंत्र पर आघात तनवीर जाफ़री विश्व के 165 स्वतंत्र देशों में हुए शोध के अनुसार पांच विभिन्न मापदंडों के आधार पर तैयार की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतवर्ष वैश्विक लोकतंत्र सूचकांक में दस पायदान नीचे चला गया है। 2017 में यह 42वें स्थान पर था। ब्राऊन विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जेएफ हालगोन द्वारा किए गए एक विस्तृत शोध […] Read more » feartured Featured इंदिरा गांधी धक्कामुक्की व गाली-गलौच ब्राऊन विश्वविद्यालय भारतीय मीडिया मीडिया का पतन लोकतंत्र पर आघात सर्वोच्च न्यायालय हाथापाई
समाज देश में पढे लिखे भिखारी August 28, 2018 / August 29, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप भीख मांगते लोगों के बारे में अगर आपकी भी यही धारणा है कि वे अशिक्षित और लाचार होने की वजह से मांग कर अपना जीवन यापन करते हैं तो ध्यान दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार देश में बड़ी संख्या में डिग्री और डिप्लोमा वाले भिखारी हैं. भारत में सड़कों पर भीख मांगने […] Read more » feartured Featured गरीबी देश में पढे लिखे भिखारी बच्चों बेरोजगारी भिखारी शिक्षित महिलाओं