समाज माँ, बेटी, बुजर्ग, बच्चां के लिये सवेंदनायें जाति देखकर जिंदा नहीं होती December 30, 2018 / December 30, 2018 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | Leave a Comment आगरा के मलपुरा में बीच सड़क पर जिन्दा जला दी गई लालऊ गाँव की बेटी संजली के हत्यारों को लेकर पुलिस ने खुलासा कर दिया । हत्यारे और कोई नहीं बल्कि संजली के परिवार के भाई निकले । पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी संजली के ताऊ का लड़का योगेश था जिसने पुलिस पूछताछ में बुलाये […] Read more »
समाज वैदिक धर्म ही धर्म है और इतर विचारधारायें मत-मतान्तर, पंथ व सम्प्रदाय हैं December 30, 2018 / December 30, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment –मनमोहन कुमार आर्य संसार में अनेक मत-मतान्तर हैं परन्तु सब अपने आप को धर्म की संज्ञा देते हैं। अंग्रेजी भाषा में धर्म का पर्यायवाची शब्द नहीं अतः अंग्रेजी में धर्म व मत-मतान्तरों सबको रिलीजन कहा जाता है। रिलीजन में मत, पन्थ व सम्प्रदाय सभी मत आते हैं परन्तु धर्म इनसे भिन्न सत्ता है। अंग्रेजी […] Read more »
समाज जुल्म के खिलाफ उठी आवाज December 17, 2018 / December 17, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप उत्तरी इराक में अपना बचपन गुजारने वाली यह लड़की आज 25 बरस की है। उसके जहन में उसकी जिंदगी के अब तक गुजरे तकरीबन 8125 दिनों की अच्छी बुरी यादें होनी चाहिएं, लेकिन उसे याद है तो सिर्फ वह तीन महीने, जो उसने इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों की कैद में गुजारे। वह उन […] Read more » उत्तरी इराक जुल्म के खिलाफ उठी आवाज नोबेल पुरस्कार सीरिया
समाज बाल मजदूरी की हकीकत और हम December 11, 2018 / December 11, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप यह माना जाता है कि भारत में 14 साल के बच्चों की आबादी पूरी अमेरिकी आबादी से भी ज़्यादा है. भारत में कुल श्रम शक्ति का लगभग 3.6 फीसदी हिस्सा 14 साल से कम उम्र के बच्चों का है. हमारे देश में हर दस बच्चों में से 9 काम करते हैं. ये बच्चे […] Read more » बाल मजदूरी की हकीकत और हम राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना 1988 श्रम शक्ति
समाज प्यार ने दिलाई धंधे से मुक्ति December 11, 2018 / December 11, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप “पहले तो वो कभी-कभी कोठे पर आता था. कभी मेरे साथ तो कभी किसी और लड़की के साथ बैठता था…”“लेकिन धीरे-धीरे जैसे वो बस मेरे लिए उस कोठे पर आने लगा. पता नहीं कैसे उसके और मेरे बीच एक ख़ास रिश्ता बन गया.”मेरठ के रेड लाइट एरिया कबाड़ी बाज़ार में एक कोठे पर […] Read more » प्यार ने दिलाई धंधे से मुक्ति सामान्य लड़कियों सेक्स वर्कर
समाज शब्दों के जरिए सांस्कृतिक फासले भरने की कोशिश December 11, 2018 / December 11, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप लुधियाना में बिहारी प्रवासी मजदूर हर काम में नहीं हैं. जैसे यहाँ के साइकिल उद्योग में उनका अनुपात उतना नहीं है जितना हौजरी में या लोहे के पुर्जे वगैरह बनाने में. रिक्शा चलानेवालों में भारी बहुमत में हैं, तो ठेला-रेहड़ी, छोटी दुकान लगाने के मामले में एकदम कम हैं. दिल्ली की तरह यहाँ […] Read more » इंडस्ट्रियल एरिया कंगनवाल रोड गिल रोड ट्रांसपोर्ट नगर फोकल प्वाइंट भगत सिंह कॉलोनी मुस्लिम कॉलोनी मोती नगर शब्दों के जरिए सांस्कृतिक फासले भरने की कोशिश शेरपुर समराला चौक हीरा नगर
समाज मानवाधिकार दिवस समय है आत्ममंथन करने का December 10, 2018 / December 10, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment डॉ नीलम महेंद्रद्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान सम्पूर्ण विश्व में मानव समाज एक बहुत ही बुरे दौर से गुजर रहा था। यह वो समय था जब मानव सभ्यता और मानवता दोनों ही शर्मसार हो रही थीं। क्योंकि युद्ध समाप्त होने के बाद भी गरीब और असहायों पर अत्याचार, जुल्म, हिंसा और भेदभाव जारी थे। यही वो परिस्थितियाँ थीं जब संयुक्त […] Read more » 119 देशों द्वितीय विश्वयुद्ध मानवाधिकार दिवस समय है आत्ममंथन करने का संयुक्त राष्ट्र महासभा
समाज स्वस्थ यौन संबंध और आपका परिवार December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनाल अनूपआज भी भारत में सेक्स को वर्जना की तरह देखा जाता है। जबकि हमारे देश में खजुराहो से लेकर वात्सायन के कामसूत्र जैसी कृतियों में सेक्स के हर पहलू पर रोशनी डाली गई है। स्वस्थ व सुखी जीवन के लिए संयमित सेक्स को उपयोगी बताया गया है। सेक्स का स्थान जीवन में पहला तो […] Read more » 'कामसूत्र'. मूलत: रतिक्रीड़ा कला शिल्पकला एवं साहित्य स्वस्थ यौन संबंध और आपका परिवार
समाज आप जानते हैं भारत की ‘रोटी टोकरी’ किसे कहा जाता है? December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप पंजाबी व्यंजन सबसे विशिष्ट और लोकप्रिय भारतीय व्यंजनों में से एक है और पंजाब के क्षेत्र से आंशिक रूप से भारत और पाकिस्तान में स्थित है। यह विविध पारंपरिक पाक शैली, विशेष रूप से तंदूरी शैली के साथ तैयार किए जाने वाले मनोरंजक और विदेशी शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों की एक विस्तृत विविधता प्रदान […] Read more » आप जानते हैं भारत की ‘रोटी टोकरी' किसे कहा जाता है? घी जन दही पनीर मक्खन मसालेदार समृद्ध स्पष्ट मक्खन
समाज कोठे पर “रखैल” और “चादर ” प्रथा December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | 1 Comment on कोठे पर “रखैल” और “चादर ” प्रथा अनिल अनूपबिना किसी दलाल के हमलोग सामने वाली गली के ही एक पक्के दो मंजिली मकान में जा घुसे। अंदर जाते ही सामान्य साज सज्जा के एक बड़े हॉल में बैठी दो उम्रदराज महिलाओं ने स्वागत किया। मेरे साथ वाले छायाकारों ने दनादन इनकी तस्वीर समेत हॉल के रंग रूप को कैमरे में बंद कर […] Read more » कोठे पर “रखैल” और “चादर ” प्रथा महिलाओं वेश्याओं
समाज कुरीतियों से लड़ते जीत गई ‘माँ’ December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप एक बार जब मेरी मां कोलकाता से मुंबई मुझसे मिलने आयी, तो उन्होंने मुझसे पूछा, ‘ये कंप्यूटर-इंटरनेट पर कितने सारे लोगों की तस्वीरें आती हैं, तूने मेरी फोटो क्यों नहीं लगाई?’उन्हें लगा कि मैंने उनसे शर्मिंदा होकर उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर नहीं की है, लेकिन मैंने इस बारे में कभी सोचा […] Read more » (समाज की भाषा कंप्यूटर-इंटरनेट कुरीतियों से लड़ते जीत गई ‘माँ’ घुँघरू तबला बाजा
प्रवक्ता न्यूज़ समाज क्या आत्महत्या समस्या का समाधान है या नयी समस्या का सर्जक December 10, 2018 / December 10, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूपहाल ही में शाहाबाद (कुरुक्षेत्र) में एक व्यक्ति ने फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली और मरने से पहले उसने अपने घर की दीवारों और फेसबुक पर लिखा कि मेरी मौत के लिए मेरी पत्नी जिम्मेवार है। अपनी पत्नी के साथ हुई अनबन को इसका कारण बताया गया। हिसार में एक दंपति ने ट्रेन […] Read more » क्या आत्महत्या समस्या का समाधान है या नयी समस्या का सर्जक नातेदारी परिवार मित्रता विवाह संबंध व्यावसायिक