समाज प्रवासियों का जमावड़ा नहीं होता राष्ट्र, इसका निर्धारण इसके प्रति अपनत्व रखने वालों से होता है – मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी डी बक्शी September 7, 2016 / September 7, 2016 by हरिहर शर्मा | 1 Comment on प्रवासियों का जमावड़ा नहीं होता राष्ट्र, इसका निर्धारण इसके प्रति अपनत्व रखने वालों से होता है – मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी डी बक्शी जबसे वामपंथियों को एक महानायक कामरेड कन्हैया मिला है, उन्होंने राष्ट्रवाद को लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक जबरदस्त अभियान शुरू कर दिया है, जो प्रकारांतर से भारत को खंड खंड देखने की उनकी चिर अभिलाषा का ही प्रगटीकरण है । कन्हैया गिरफ्तार हुआ और जल्द ही वामपंथी मीडिया के दबाव में छूट भी […] Read more » Featured प्रवासियों का जमावड़ा मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) जी डी बक्शी राष्ट्र
शख्सियत समाज आचार्य विनोबा भावे : रोशनी जिनके साथ चलती थी September 7, 2016 by ललित गर्ग | Leave a Comment आचार्य विनोबा भावे की जन्म जयन्ती- 11 सितम्बर -ललित गर्ग- महापुरुषों की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं रहती। उनका लोकहितकारी चिन्तन कालजयी होता है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। आचार्य विनोबा भावे हमारे ऐसे ही एक प्रकाश स्तंभ है, जिनकी जन्म जयन्ती 11 सितम्बर को मनाई जाती है। वे अपने […] Read more » Featured आचार्य विनोबा भावे
शख्सियत समाज चमत्कारों के बूते संत बनीं मदर टेरेसा September 5, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव आखिरकार दो अलौकिक चमत्कारों के बूते मानव सेवा के लिए समर्पित और करुणा की प्रतिमूर्ति मदर टेरेसा को संत की उपाधि से विभूषित कर दिया गया। रोमन कैथोलिक चर्च के वेटिकन सिटी स्थित सेंट पीटर्स में पोप फ्रांसिस ने टेरेसा को संत घोषित किया है। कोलकाता में 45 साल तक अनाथों, गरीबों और […] Read more » canonization of Mother Teresa Featured Mother Teresa became saint चमत्कारों के बूते संत बनीं मदर टेरेसा संत बनीं मदर टेरेसा
समाज सरकारी स्वास्थ्य विभाग को कौन सी दवा ठीक करेंगी ? September 5, 2016 by सुप्रिया सिंह | Leave a Comment आमतौर पर कहा जाता है कि व्यक्ति जीवन मे तीन चीजों से हमेशा बचना चाहता है – पहला पुलिस , दूसरा कोर्ट और तीसरा अस्पताल पर अब ऐसी परिस्थिति होती जा रही है कि ये तीनों ही व्यक्तियों से बचना चाहते है । कोर्ट एंव पुलिस मामलों की सुनवाई के लिए आती भीड़ से परेशान […] Read more » Featured सरकारी स्वास्थ्य विभाग
शख्सियत समाज मेजर तुझे सलाम September 5, 2016 by संजय चाणक्य | Leave a Comment संजय चाणक्य ‘‘ यादे अब यादे हो चली है ! जमाना तुम्हे भुलता जा रहा है!!’’ जब चैदह के उम्र में लोग अक्सर बचकाना हरकत करते है। उस समय घ्यानचंद ने अपने आत्म विश्वास का लोहा मनवाया था। वाक्या वर्ष 1919 का है जब […] Read more » Major Dhyanchand मेजर तुझे सलाम
शख्सियत समाज बापूराव ताजणे: मांझी जैसी एक और कहानी September 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी अपनी पत्नी के पैर फिसलकर पहाड़ से गिर जाने के बाद दशरथ मांझी द्वारा वर्षों की मेहनत से पहाड़ का सीना चीरकर रास्ता बना देने की कहानी तो आपने सुनी ही होगी. मांझी की कहानी भले ही कई साल पुरानी हो लेकिन पति द्वारा अपनी पत्नी को मुश्किलों से बचाने की कहानियां […] Read more » बापूराव ताजणे
विधि-कानून समाज तीन तलाक पर मुस्लिम महिलाओं को क्या न्याय मिलेगा ? September 3, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी अवैधानिक और महिलाओं के अधिकार का उल्लंघन:-मुस्लिम समाज में पति-पत्नी के बीच संबन्ध विच्छेद करने वाली परंपरा ‘तलाक-तलाक-तलाक’ को लेकर भले ही सुप्रीम कोर्ट संवैधानिकता को लेकर अध्ययन कर रहा हो, लेकिन देश की करीब 92 फीसदी मुस्लिम महिलाएं इस मौखिक तलाक के खिलाफ है। केंद्र सरकार की धार्मिक समुदाय और सेक्स […] Read more » Featured ट्रिपल तलाक गैरकानूनी तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं को न्याय मौखिक तलाक के खिलाफ महिलाएं
शख्सियत समाज माउंटेन मैन दशरथ मांझी की कहानी September 1, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी मांझी की पृष्ठभूमि:- अपनी पत्नी के पैर फिसलकर पहाड़ से गिर जाने के बाद दशरथ मांझी द्वारा वर्षों की मेहनत से पहाड़ का सीना चीरकर रास्ता बना देने की कहानी तो आपने सुनी ही होगी. बिहार में गया के करीब गहलौर गांव में दशरथ मांझी के माउंटन मैन बनने का सफर उनकी […] Read more » Featured Mountain Man Story of Dashrath Manjhi दशरथ मांझी माउंटेन मैन
समाज ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे September 1, 2016 by ललित गर्ग | 1 Comment on ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे ललित गर्ग- उम्र के हर लम्हें को जीभर कर जीना चाहिए और उनमें सपनों के रंगों की तरह रंग भरने चाहिए, हर पीढ़ी सपने देखती हंै और उन सपनों में जिन्दगी के रंग भरती है। ढलती उम्र के साथ विश्वास भी ढलने लगता है, लेकिन कुछ जीनियस होते हैं जो ढलती उम्र को अवरोध नहीं […] Read more » Featured ढ़लती उम्र को पलायनवादी न बनने दे
समाज नेत्रदान- देश की जरूरत August 31, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ( राष्ट्रिय नेत्रदान पखवाडे पर विशेष) भारत में प्रतिवर्ष 25 अगस्त सें 8 सितम्बर तक नेत्रदान पखवाडे का आयोजन विभिन्न संस्थाओं के द्धारा मनाया जाता हैl हमारे देश मे करीब 1.25 करोड लोग नेत्रहीन है, जिसमे से करीब 30 लाख व्यक्तियों की आँखें नेत्रप्रत्यारोपण द्वारा ठीक हो सकती हैं। सारे नेत्रहीन नेतप्रत्यारोपण के द्वारा ठीक […] Read more » eyes donation नेत्रदान
समाज जवाबदारी से मुकरती तस्वीरें August 30, 2016 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार सुबह सवेरे आदत के मुताबिक फेसबुक ऑन किया और सर्च करने लगा तो देखा कि किसी सज्जन ने एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें मां और उसके बच्चे एक लाश को गोदी में उठाये चले जा रहे हैं. सुबह सुबह मन अवसाद से भर गया. सवाल तो मन में अनेक उठे थे और […] Read more » Featured जवाबदारी से मुकरती तस्वीरें
समाज गांवों के सशक्तिकरण में युवाओं की भूमिका August 30, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी भारत में सङक, दुकान, बिजली, प्राथमिक स्कूल, प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र और थानायुक्त गांवों की संख्या बढ़ रही है। गांवों में पक्के मकानों की संख्या बढ़ी है। मकानों में मशीनी सुविधाओं की संख्या बढ़ी है; शौचालय बढे़ हैं। मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और ट्रेक्टर बढ़े हैं। ऊंची डिग्री व नौकरी करने वालों की संख्या बढ़ी […] Read more » Featured गांवों के सशक्तिकरण युवाओं की भूमिका