समाज समाज को तोड़ती जातियां March 21, 2016 by निर्भय कर्ण | 2 Comments on समाज को तोड़ती जातियां निर्भय कर्ण जाति एक ऐसा मुद्दा जिससे कोई भी देश अब तक अछूता न रह सका है। कहीं यह धर्म के रूप में तो कहीं समुदाय के रूप में तो कहीं यह क्षेत्रवाद के रूप में निकल कर आता है लेकिन उपरोक्त इन तीनों में सभी प्रकार के जाति निवास करती है। एक समय ऐसा […] Read more » casteism breaking our society casteism in our society concept of casteism Featured social structure broken समाज को तोड़ती जातियां
वर्त-त्यौहार समाज भारतीय संस्कृति के उदार सामाजिक बुनावट की पहचान है होली March 21, 2016 by एम. अफसर खां सागर | Leave a Comment एम. अफसर खां सागर सदियों पूराना होली का त्यौहार तन और मन पर पड़े तमाम तरह के बैर, द्वेष और अहंकार को सतरंगी रंगों में सराबोर करके मानव जीवन में उल्लास और उमंग के संचार का प्रतीक है। होली रंगों, गीतों और वसंत के स्वागत का त्यौहार है। होली के दिनों में हुड़दंग, हुल्लड़, रंग […] Read more » Featured festival of colours Holi उदार सामाजिक बुनावट भारतीय संस्कृति सामाजिक बुनावट की पहचान है होली होली
समाज समाज को खोखला करता तलाक का फैशन March 21, 2016 by अश्वनी कुमार, पटना | 1 Comment on समाज को खोखला करता तलाक का फैशन एक अनजानी मासूम अजनबी सी लाडली अपनी जन्मभूमि को छोड़ किसी पराये घर में पराये व्यक्ति के साथ रहने जाती है, जहाँ उसका अपना कोई नहीं होता सिवाय रिश्तों के| लेकिन हम मर्द उस एहसास को कभी महसूस नहीं कर पाते चाहे वो कितना भी पढ़ा-लिखा हो, कितना भी समझदार क्यूँ न हो? एक रिपोर्ट […] Read more » Featured increasing divorce cases in India खोखला करता तलाक तलाक तलाक का फैशन तलाक का बढ़ता प्रचलन समाज
शख्सियत समाज भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट March 20, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment 21 मार्च पर विशेष:- मृत्युंजय दीक्षित भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट ने खगोलशास्त्र के क्षेत्र में भारत का लोहा दुनिया को मनवाने वाले प्रथम वैज्ञानिक थे। उन्होनें अपने एक ग्रंथ में कलियुग के 3600 वर्ष बाद की मध्यम मेष संक्रान्ति को अपनी आयु 23 बतायी है। इस आधार पर विद्धान आर्यभटट की जन्मतिथि 21 मार्च […] Read more » Aryabhata the great astronomer astronomers mathematician खगोलशास्त्री आर्यभट्ट भारत के महान खगोलशास्त्री आर्यभट्ट
समाज क्या वृद्धाश्रम में हमारे बुजुर्ग खुश रहते हैं? March 19, 2016 / March 20, 2016 by जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ | 4 Comments on क्या वृद्धाश्रम में हमारे बुजुर्ग खुश रहते हैं? जगदीश वर्मा ‘समन्दर’ पिछले बरस, अपने पैरों पर खड़ी एक नामी अभिनेत्री ने वृन्दावन के आश्रय सदनों में वृद्ध माताओं की भीड़ पर कहा था कि ‘ये घर छोड़कर यहाँ आती ही क्यूँ हैं ?’ उनके इस बयान पर काफी हो-हल्ला मचा । विपक्षी पार्टियों से लेकर आधुनिक समाजसेवी तबके तक से उनके विरोध में […] Read more » Featured old age homes our old relatives in old age homes relatives in old age home अनाथआश्रम और वृद्धाश्रम एक साथ बनायें वृद्धाश्रमों में हमारे बुजुर्ग
शख्सियत समाज छगन भुजबलः कहानी गजब March 19, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment हमारे देश में सब्जी बेचने वालों ने जो मुकाम हासिल किया है वह शायद ही किसी और पेशे वाले हासिल कर पाने में कामयाब हुए होंगे। सबसे पहले संजय गांधी उत्तरप्रदेश से आसकरण संखवार को लोकसभा का टिकट देकर उन्हें जितवा कर लाए थे। वे सदन में छाए रहते थे। सदन के बाहर भी ऐसी […] Read more » Chagan bhujbal छगन भुजबल
समाज पुरुषवादी मानसिकता का बर्बर रूप March 18, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पिछले दिनों महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के शनि मंदिर में प्रवेश को लेकर आन्दोलनकारियों और मंदिर समिति की तमाम कार्यवाहियाँ हमारे सामने आ चुकी हैं. इन सबके बावजूद स्त्री-विमर्श के पैरोकार, लेखक-बुद्धिजीवी, कानूनविद और यहाँ तक कि समाजशास्त्री भी इस घटना को भिन्न भिन्न तरीके से देख रहे हैं किन्तु इसके कुछ पहलुओं को जानबूझ […] Read more » male dominated society male domination on women पुरुष प्रधान मानसिकता पुरुषवादी मानसिकता का बर्बर रूप
समाज पातालकोट के नन्हे जुगनू March 18, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment जावेद अनीस छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक में स्थित पातालकोट मानो धरती के गर्भ में समाया है। तकरीबन 89 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह एक घाटी है जो सदियों तक बाहरी दुनिया के लिए अनजान और अछूती बनी रही। पातालकोट में 12 गाँव समाये हुए हैं ये गाँव हैं- गैलडुब्बा, कारेआम, रातेड़, घटलिंगा-गुढ़ीछत्री, घाना […] Read more »
समाज हमारा मूल विदेशों में नही, भारत में है March 18, 2016 by राकेश कुमार आर्य | 7 Comments on हमारा मूल विदेशों में नही, भारत में है भारत में जातियों का वर्गीकरण और उनकी सामाजिक स्थिति को विकृत करने का काम अंग्रेजों ने किया। भारत की प्राचीन वर्णव्यवस्था कर्म के आधार पर थी। कर्म से ही व्यक्ति का वर्ण निश्चित किया जाता था, कर्म परिवर्तन से वर्ण परिवर्तन भी सम्भव था। इसलिए एक शूद्र के ब्राह्मण बनने की पूर्ण सम्भावना थी। कालान्तर […] Read more » Featured भारत की प्राचीन वर्णव्यवस्था भारत में जातियों का वर्गीकरण मूल भारत में है
समाज इंसानियत है मज़हब सबसे बड़ा जहां में March 17, 2016 by निर्मल रानी | 1 Comment on इंसानियत है मज़हब सबसे बड़ा जहां में निर्मल रानी इसमें कोई संदेह नहीं कि भारत सहित पूरे विश्व में मानवता को शर्मसार करने वाली तमाम घटनाओं की ख़बरें सुनने को मिलती रहती है। चारों ओर संकीर्णता,कट्टरपंथी वैचारिकता,स्वार्थ,लालच,धर्म व जाति आधारित वैमनस्य जैसी सामाजिक बुराईयों का बोलबाला है। धर्मांधता व जातिवाद जैसे संकीर्ण विचार रखने वाले लोग मानवता को तिलंाजलि देकर अपने-अपने नापाक […] Read more » Featured humanity is the best religion इंसानियत मजहब सबसे बड़ा मज़हब
पर्व - त्यौहार समाज उमंग का पर्व है होली March 16, 2016 by डॉ. सौरभ मालवीय | 1 Comment on उमंग का पर्व है होली डॊ. सौरभ मालवीय होली हर्षोल्लास, उमंग और रंगों का पर्व है. यह पर्व फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इससे एक दिन पूर्व होलिका जलाई जाती है, जिसे होलिका दहन कहा जाता है. दूसरे दिन रंग खेला जाता है, जिसे धुलेंडी, धुरखेल तथा धूलिवंदन कहा जाता है. लोग एक-दूसरे को रंग, अबीर-गुलाल लगाते […] Read more » Featured उमंग का पर्व उमंग का पर्व है होली होली
शख्सियत समाज समानता के पैरोकार कांशीराम March 15, 2016 by अरविंद जयतिलक | Leave a Comment अरविंद जयतिलक सैकड़ों साल बाद भारतीय समाज का स्वरुप, चरित्र एवं चिंतन की व्याख्या का दायरा और उसके मूल्यों को मापने व परखने का मापदण्ड क्या होगा उसकी भविष्यवाणी आज संभव नहीं है। लेकिन जब भी असमानता और अन्याय पर आधारित समाज के खिलाफ तनकर खड़े होने वाले शिल्पकारों का इतिहासपरक मूल्यांकन करेगा उस कसौटी […] Read more » kanshiram social eqality by kanshiram कांशीराम समानता के पैरोकार कांशीराम