समाज गरीब भारत रिच इण्डिया August 11, 2015 / August 11, 2015 by संजय चाणक्य | Leave a Comment संजय चाणक्य ——————– ‘‘ वक्त लिख रहा कहानी इक नए मजमून की ! जिसकी सुर्खियों को जरूरत है हमारे खून की !! अगर हम आपसे कहे कि आजाद हिन्दुस्तान के दो नाम है पहला गरीब भारत और दुसरा रिच इण्डिया तो शायद आप मुझे सिरफिरा कहेगें। या फिर अवसाद ग्रसित। हो सकता है आप अपनी […] Read more » गरीब भारत रिच इण्डिया
महत्वपूर्ण लेख विविधा समाज अश्लील ठिकाने बनाम निजता का पाखंड August 7, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अंतरजाल की आभासी व मयावी दुनिया से अश्लील साम्रगी हटाने की मांग के चलते,केंद्र सरकार ने 857 पोर्न वेबसाइटों को बंद करने की सूची इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को दी है। इन्हें बंद करने के संदर्भ में कम उ्रम के बच्चों पर इनके नकारात्मक असर को लेकर चिंता जताई गई है। इसके पहले सर्वोच्च […] Read more » अश्लील ठिकाने निजता का पाखंड
धर्म-अध्यात्म शख्सियत समाज दक्षिण भारत के संत (13) सन्त माधवाचार्य (द्वैत सम्प्रदाय) July 31, 2015 by बी एन गोयल | 5 Comments on दक्षिण भारत के संत (13) सन्त माधवाचार्य (द्वैत सम्प्रदाय) बी एन गोयल राम मंत्र निज कर्ण सुनावा । परंपरा पुनि तत्व लखावा संप्रदाय विधि मूल प्रधाना । अधिकारी तहां महं हनुमाना । मध्य रूप सोई अवतरिया । मत अभेद जिन खंडन करिया॥ (नृत्य राघव मिलन – पृ0 45, रामसखे) ये पंक्तियाँ भक्त राम सखे की कृति ‘नृत्य राघव मिलन’ से हैं। भगवान […] Read more » दक्षिण भारत के संत द्वैत सम्प्रदाय सन्त माधवाचार्य
विविधा शख्सियत समाज तुम न जाने किस जहां में खो गए… July 30, 2015 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी अबुल पाकिर जैनुलआबदीन अब्दुल कलाम जिन्हें देश डा० एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानता था की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। महात्मा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक देश के महान से महानतम नेताओं तक का विछोह हमारे देश ने देखा है। ऐसे कई नेताओं की मौत […] Read more »
धर्म-अध्यात्म समाज महर्षि दयानन्द का वर्णव्यवस्था पर ऐतिहासिक उपेदश July 29, 2015 by मनमोहन आर्य | 2 Comments on महर्षि दयानन्द का वर्णव्यवस्था पर ऐतिहासिक उपेदश आज से लगभग 140 वर्ष पूर्व हमारा समाज अज्ञान व अन्धकार से आवृत्त तथा रूढि़वादी परम्पराओं में जकड़ा हुआ था। सामाजिक विषमता अपने जटिलतम रूप में व्याप्त थी। ऐसे समय में महर्षि दयानन्द ने वेद एवं वैदिक साहित्य से समाज सुधार के क्रान्तिकारी विचारों व मान्यताओं को प्रस्तुत किया था। यह भी तथ्य है कि […] Read more » महर्षि दयानन्द वर्णव्यवस्था
विविधा शख्सियत समाज पूरे देश को रुला गए कलाम July 28, 2015 / July 28, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | 1 Comment on पूरे देश को रुला गए कलाम भारत भूमि पर पैदा हुए जाज्वल्यमान नक्षत्रों में शुमार भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं। उनके चले जाने से पूरे देश में शोक की ऐसी लहर दौड़ी कि हर कोई गमगीन दिखाई दिया। डॉ. कलाम के जाने के जाने से पूरा भारत रो दिया। उनके महानतम कार्यों […] Read more » death of Abdul Kalam कलाम
विविधा समाज मीनाक्षी ही नहीं दिल्ली भी मरी है July 28, 2015 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on मीनाक्षी ही नहीं दिल्ली भी मरी है अरविंद जयतिलक समझा जा रहा था कि देश में महिला अत्याचार विरोधी निर्भया कानून लागू होने के बाद दिन के उजाले और रात के अंधेरे में बेटियां महफूज रहेंगी। शासन-प्रशासन की सक्रियता बढ़ेगी और समाजद्रोहियों का हौसला पस्त होगा। लेकिन जिस तरह देश की राजधानी दिल्ली के आनंद पर्वत इलाके में हत्यारों ने बीच सड़क […] Read more » मीनाक्षी
धर्म-अध्यात्म समाज दक्षिण भारत के संत (12) सन्त निंबार्कचार्य July 25, 2015 by बी एन गोयल | 3 Comments on दक्षिण भारत के संत (12) सन्त निंबार्कचार्य बी एन गोयल आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी के तट पर स्थित गाँव वैदूरपट्नम। अरुण मुनि और जगन्ती देवी नामक दंपति का घर । दिन का समय । अचानक एक सन्यासी ने घर के दरवाजे पर दस्तक दी । ‘भिक्षाम देहि’। घर जगन्ति देवी और नियमानन्द नाम का छोटा बालक। गृहिणी भिक्षा देने […] Read more » दक्षिण भारत के संत सन्त निंबार्कचार्य
महत्वपूर्ण लेख विविधा समाज शिक्षा में सोवियत मॉडल खत्म हो July 24, 2015 by शंकर शरण | Leave a Comment शंकर शरण संसद में मानव संसाधन मंत्री ने बताया कि दिसंबर तक नई शिक्षा नीति बनाने की योजना है जिसके लिए राज्यों से तथा निचले स्तर तक विमर्श चल रहा है। किन्तु इसमें ‘नया’ क्या होने वाला है, इसका संकेत नहीं मिला है। नया शिक्षा दस्तावेज बनाने से पहले यह समीक्षा जरूरी है कि पिछले […] Read more » सोवियत मॉडल
विविधा समाज घर July 24, 2015 by विजय कुमार | Leave a Comment पिछले दिनों किसी काम से रमेश के घर गया था। वह मेरा पुराना मित्र है। गया तो शाम को था; पर बातचीत और भोजन में दस बज गये। आठ बजे से जो भयानक वर्षा शुरू हुई, तो वह थमने का नाम ही नहीं ले रही थी। अतः रमेश के आग्रह पर मैं वहीं रुक गया। […] Read more »
समाज घनघोर गरीबी व अति दयनीय हालत में जीने को मजबूर है ग्रामीण भारत July 21, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | 2 Comments on घनघोर गरीबी व अति दयनीय हालत में जीने को मजबूर है ग्रामीण भारत अशोक “प्रवृद्ध” भारत विभाजन के पश्चात् बारह पंचवर्षीय योजनाओं में लाखों करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी ग्रामीण भारत घनघोर गरीबी व अति दयनीय हालत में जीने को मजबूर है। तीन जुलाई शुक्रवार को जारी सामाजिक, आर्थिक व जातिगत जनगणना रिपोर्ट-2011 के नवीनतम आंकड़ों ने ग्रामीण विकास के लिए दशकों से चलाई जा […] Read more » ग्रामीण भारत दयनीय हालत में जीने को मजबूर
विविधा समाज पाकिस्तान में अधिकार विहीन हिंदू – विवाह की भी कोई कानूनी मान्यता नहीं | July 19, 2015 by हरिहर शर्मा | Leave a Comment पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है, इसका जीता जागता उदाहरण है, हिंदू विवाह विधेयक पारित नहीं किया जाना । सवाल उठता है कि फिर भारत में मुस्लिम अल्पसंख्यकों के लिए विशेष क़ानून क्यों? हिंदू विवाह विधेयक पारित करने में पाकिस्तान को हिचकिचाहट क्यों है ? पढ़िए हमजा अमीर (लेखक इस्लामाबाद के एक प्रमुख ब्रोडकास्ट जर्नलिस्ट […] Read more » पाकिस्तान में अधिकार विहीन हिंदू - विवाह हिंदू विवाह