जन-जागरण विधि-कानून समाज क्या भविष्य में निर्भय हो पाएगी निर्भया ? December 30, 2015 by बी.आर.कौंडल | 1 Comment on क्या भविष्य में निर्भय हो पाएगी निर्भया ? बी. आर. कौण्डल आखिर भारतीय संसद ने जन आक्रोश को ध्यान में रखते हुए किशोर न्याय विधेयक 2015 को पास कर ही दिया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के उपरान्त यह कानून की शक्ल ले लेगा। देर से ही सही लेकिन भारतीय संसद ने यह दुरूस्त कदम ले ही लिया है जोकि आज से तीन साल […] Read more » Featured juvenile justice act क्या भविष्य में निर्भय हो पाएगी निर्भया ?
समाज गोमाता व गोदुग्ध का महत्व December 30, 2015 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य ज्ञान व विज्ञान की चरम उन्नति होने पर भी मनुष्य आज भी आधा व अधूरा है। आज भी उसे बहुत सी बातों का ज्ञान नहीं है और आधुनिक विज्ञान की उन्नति ने उसे इतना अधिक अभिमानी बना दिया है कि वह किसी सत्य बात को भी मानना तो दूर, उसे सुनना […] Read more » Featured गोमाता व गोदुग्ध का महत्व
विधि-कानून समाज नाबालिग अपराधी आए वयस्क की श्रेणी में December 24, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव आखिरकार जन दबाव और आक्रोष के चलते बहुचर्चित किशोर न्याय विधेयक 2015 लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी बिना किसी गंभीर बहस-मुबाहिसा के पारित हो गया। एक गंभीर विधेयक को आनन-फानन में पारित हो जाना संतोषजनक स्थिति नहीं है। मई में लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को कई मर्तबा चर्चा […] Read more » 18 to 16 Featured juvenile age from 18 to 16 नाबालिग अपराधी वयस्क की श्रेणी
जन-जागरण शख्सियत समाज गांधी के राम December 22, 2015 by गुलशन कुमार गुप्ता | 2 Comments on गांधी के राम यूं ही गांधी के आदर्श राम नहीं थे। जीवन की जटिलताओं को सहजता से स्वीकार करने के लिये हम किसी जीवित व्यक्ति को गुरू तो मान सकते हैं किन्तु भारत में उन्हें आदर्श मानने की परंपरा नहीं रही है। उसके पीछे कारण यह है कि जीवन की ऊहापोह में व्यक्ति का स्वयं सदैव आदर्शवादी बने […] Read more » Featured Gandhi s Ram गांधी के राम
समाज भारत हजार साल पहले अमेरिका जैसा था : संजय जोशी December 22, 2015 by अरूण पाण्डेय | 2 Comments on भारत हजार साल पहले अमेरिका जैसा था : संजय जोशी वास्कोडिगामा ने भारत की खोज की , क्यों की ? यह जानना बच्चों को आज के समय में समझाना आवश्यक है । उन्हें यह बताना पडेगा कि भारत ही वह देश है, जिसे सोने की चिडिया कहा जाता था, यहां सोने व चांदी के सिक्के चला करते थे और इसी सोने की तलाश में कई […] Read more » Featured भारत हजार साल पहले अमेरिका जैसा था : संजय जोशी संजय जोशी
समाज बाल यौन शोषण December 17, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान वर्ष 2007 में महिला और बाल विकास मंत्रालय के द्वारा कराए गए एक अध्ययन के मुताबिक़ जिन बच्चों का सर्वेक्षण किया गया उनमें से 53 प्रतिशत ने कहा कि वह किसी न किसी क़िस्म के यौन शोषण के शिकार हुए हैं. अध्ययन से पता चला कि विभिन्न प्रकार के शोषण में पांच से […] Read more » child molestation Featured बाल यौन शोषण
धर्म-अध्यात्म समाज प्रगति का सूचक है बुद्धिवाद December 15, 2015 / December 15, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | 1 Comment on प्रगति का सूचक है बुद्धिवाद अशोक “प्रवृद्ध” मजहब और धर्म भिन्न-भिन्न हैं । धर्म का सम्बन्ध व्यक्ति के आचरण से होता है और मजहब कुछ रहन-सहन के विधि-विधानों और कुछ श्रद्धा से स्वीकार की गई मान्यताओं का नाम है ।आचरण में भी जब बुद्धि का बहिष्कार कर केवल श्रद्धा के अधीन स्वीकार किया जाता है तो यह मजहब ही […] Read more » Featured प्रगति का सूचक बुद्धिवाद
जन-जागरण समाज कब पूरा होगा पूर्ण साक्षर होने का सपना! December 14, 2015 by जगजीत शर्मा | Leave a Comment जगजीत शर्मा पिछले साल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने हर परिवार से एक लड़की के लिए प्रगति छात्रवृत्ति की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य लड़कियों को कॉलेज में दी जाने वाली तकनीकी शिक्षा से जोडऩा है। इस योजना के तहत सालाना छह लाख से कम आय वाले हरेक परिवार से एक लड़की को […] Read more » Featured पूर्ण साक्षर
विविधा समाज घर December 13, 2015 by गंगानन्द झा | Leave a Comment घर ऐसा परिवेश है, जो एकान्तता और भागीदारी ( privacy and sharing) के घिरे स्थान को समेटे हुए होता है। आदिम मनुष्य जानवरों की तरह ही जंगलों में रहता था। अपना भोजन जंगलों से खाद्य संग्रह और शिकार के द्वारा जुटाता था। फिर उसने खेती करना सीख ही नहीं लिया, अपना भी लिया। इसके साथ […] Read more » Featured घर
समाज जो लोग असहिष्णुता का एकपक्षीय आकलन करते हैं वे ढोंगी हैं। December 13, 2015 by श्रीराम तिवारी | Leave a Comment मानव अधिकार दिवस पर आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के विद्वान चीफ जस्टिस श्री टी एस ठाकुर साहब ने बहुत ही प्रासंगिक और जनहितकारी बात कही है।उन्होंने फ़रमाया यदि “में कोई विशेष तरह का खाना पसंद करता हूँ। और आप मुझे खाने की अनुमति दें तो इससे मुझे ख़ुशी होगी । जो भी […] Read more » Featured असहिष्णुता का एकपक्षीय आकलन
विश्ववार्ता समाज क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध का शंखनाद है ? December 13, 2015 by प्रतिमा शुक्ला | 1 Comment on क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध का शंखनाद है ? पहला विश्वयुद्द 1914 से 1918 करीब 2 करोड़ लोगों की मौत दूसरा विश्वयुद्द 1939 से 1945 करीब 8 करोड़ लोग मारे गए क्या दुनिया एक बार फिर विश्वयुद्ध के मुहाने पर खड़ी है ? क्या सीरिया की जमीन से तीसरे विश्वयुद्ध का शंखनाद सुनाई दे रहा है ? दुनिया भर के देशों और सुरक्षा विशेषज्ञों […] Read more » Featured क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध का शंखनाद है ?
समाज छात्र-युवा ही बनाएगें समर्थ भारत December 11, 2015 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment संजय द्विवेदी भारत इस अर्थ में गौरवशाली है कि वह एक युवा देश है। युवाओं की संख्या के हिसाब से भी, अपने सार्मथ्य और चैतन्य के आधार पर भी। भारत एक ऐसा देश है, जिसके सारे नायक युवा हैं। श्रीराम, श्रीकृष्ण, जगदगुरू शंकराचार्य और आधुनिक युग के नायक विवेकानंद तक। युवा एक चेतना है, जिसमें […] Read more » Featured छात्र-युवा ही बनाएगें समर्थ भारत