शख्सियत समाज पत्थरों को प्राण देने वाले कलाकार का अंत: राम वनजी सुतार December 19, 2025 / December 19, 2025 by सुनील कुमार महला | Leave a Comment राम सुतार का जन्म महाराष्ट्र के गोंडूर गांव में एक साधारण,गरीब कारीगर (सुतार) परिवार में 19 फ़रवरी 1925 को हुआ था। बचपन में उन्होंने लकड़ी पर नक्काशी का काम पारिवारिक परंपरा से सीखा-यहीं से मूर्तिकला की नींव पड़ी।उन्होंने जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट, मुंबई से पढ़ाई की, लेकिन उनकी कला में शुद्ध अकादमिक शैली के साथ भारतीय लोक और ग्रामीण संवेदना भी साफ दिखती है। Read more » राम वनजी सुतार
समाज हमें नकल छोड़नी होगी December 18, 2025 / December 18, 2025 by डॉ. नीरज भारद्वाज | Leave a Comment किस्से-कहानी हमारे समाज का ही अंग होते हैं और उसमें मनोरंजन, कल्पना, संवेदना सभी कुछ मिलाकर लिखा जाता और सुनाया जाता है। एक कहानी याद आती है कि एक बार एक भालू शहद खा रहा था, बंदर भी वहीं पर उछल-कूद कर रहा था। भालू को पता था कि बंदर नकलची होता है। Read more » हमें नकल छोड़नी होगी
शख्सियत समाज बिहार भाजपा के भीष्म पितामह कैलाशपति मिश्रा की राजनीतिक विरासत को बखूबी विस्तार दे रहे हैं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा December 18, 2025 / December 18, 2025 by कमलेश पांडेय | Leave a Comment वे अपनी पार्टी के लिए जातीय संतुलन के प्रतीक बन चुके हैं, खासकर बीजेपी के लिए ऊपरी जातियों (भूमिहार ब्राह्मण) का प्रतिनिधित्व करते हुए जबकि उपमुख्यमंत्री प्रथम और सूबाई गृहमंत्री सम्राट चौधरी ओबीसी समुदाय का। Read more » उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा
विधि-कानून समाज आतंक पर निर्णायक सख़्ती ज़रूरी December 18, 2025 / December 18, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment यह स्वीकार करना होगा कि आतंकवाद अब पुरानी सीमाओं से निकलकर नई तकनीकी दुनिया में प्रवेश कर चुका है। पहले जहाँ उसका संबंध बंदूक, प्रशिक्षण शिविर और सीमा पार से आने वाले गुरिल्ला नेटवर्क से होता था, वहीं अब उसका संचालन सोशल मीडिया, डार्क वेब, एन्क्रिप्टेड चैट, क्रिप्टो करेंसी और फर्जी पहचान के माध्यम से हो रहा है। Read more » Decisive action against terrorism is necessary आतंक पर निर्णायक सख़्ती
समाज लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर सीमित हो जाते हैं December 16, 2025 / December 16, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment काग़ज़ों में साक्षरता का अर्थ सिर्फ़ नाम लिखना या पढ़ लेना नहीं होता। असली सवाल यह है कि कितनी लड़कियां पढ़ाई पूरी कर पाती हैं, कितनी आगे बढ़ पाती हैं और कितनी को अपने जीवन के फैसले खुद लेने का अवसर मिलता है। NFHS-5 (2019–21) के अनुसार बागेश्वर में लगभग 52 प्रतिशत महिलाएं ही ऐसी हैं जिन्होंने 10 वर्ष Read more » Educational opportunities for girls are limited. लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर
समाज इच्छा मृत्युः संवेदना एवं संविधान के बीच फंसा मानवीय प्रश्न December 16, 2025 / December 16, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment इच्छा मृत्यु यानी व्यक्ति की अपनी इच्छा के अनुसार जीवन का अंत, भारत में लंबे समय से सामाजिक, नैतिक और कानूनी विमर्श का विषय रही है। यह प्रश्न केवल मृत्यु से जुड़ा नहीं है, बल्कि असहनीय पीड़ा, मानवीय गरिमा, Read more » इच्छा मृत्युः
समाज ट्रांसजेंडर की पहचान और अधिकार: समानता की राह में जरूरी सवाल December 15, 2025 / December 15, 2025 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment 11 दिसंबर को जयपुर से जोधपुर जा रही राजस्थान रोडवेज बस में यात्रा कर रहीं ट्रांसजेंडर वकील रवीना सिंह को टिकट बनवाते समय यह महसूस हुआ कि इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन में केवल दो विकल्प "पुरुष" और "महिला" उपलब्ध हैं। उनकी पहचान इनमें से किसी के अंतर्गत नहीं आती, इसलिए उन्होंने आपत्ति जताई। Read more » ट्रांसजेंडर की पहचान और अधिकार
समाज बाहरी दुनिया की चकाचौंध के बीच भीतरी संसार को सँभालना ही जीवन का सबसे बड़ा संतुलन December 14, 2025 / December 17, 2025 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment जीवन की दिशा तभी स्पष्ट होती है जब मन के भीतर शांति हो। लक्ष्यहीन भटकाव केवल थकाता है, प्रेरित नहीं करता। आत्मिक यात्रा के लिए एकांत वह दीपक है जो मन की गहराइयों को रोशन करता है। Read more » जीवन का सबसे बड़ा संतुलन
समाज कैंपस प्लेसमेंट में धांधलीः नैतिकता और छात्र हितों का हनन December 12, 2025 / December 12, 2025 by ललित गर्ग | Leave a Comment देश के प्रमुख प्रौद्योगिकी संस्थानों-विशेषतः आइआइटीज द्वारा 20 से अधिक कंपनियों को कैंपस प्लेसमेंट प्रक्रिया से बाहर करना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में नैतिकता, पारदर्शिता और छात्र-हित संरक्षण को मजबूती प्रदान करने वाला साहसिक कदम है। Read more » Campus placement scam कैंपस प्लेसमेंट में धांधलीः
समाज टूटते रिश्तों के बीच अदालत की टिप्पणी और बदलता सामाजिक ताना-बाना December 11, 2025 / December 11, 2025 by अमरपाल सिंह वर्मा | Leave a Comment यह केवल एक कानूनी टिप्पणी नहीं है बल्कि इससे पता चलता है कि हमारे घरों के भीतर क्या बदल रहा है और रिश्तों में कैसी नकारात्मकता पैदा हो रही है। रिश्ते, खासकर ससुराल में, किस प्रकार दरक रहे हैं। एक जमाने में पति-पत्नी के बीच नोक- झोंक सामान्य बात हुआ करती थी Read more » टूटते रिश्तों के बीच अदालत की टिप्पणी
समाज ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया का बैन, क्या सफल होगा! December 11, 2025 / December 11, 2025 by रामस्वरूप रावतसरे | Leave a Comment ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया का बैन Read more » ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया का बैन
शख्सियत समाज उत्तर व दक्षिण भारत के भाषा-सेतु: सुब्रह्मण्यम भारती December 11, 2025 / December 11, 2025 by मोतीलाल | Leave a Comment तमिल भाषा के सुप्रसिद्ध कवि महाकवि चिन्नास्वामी सुब्रह्मण्यम भारती, जिन्हें 'महाकवि भारतियार' के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें भारत और भारतीय भाषाओं की एकात्मता के लिए याद किया जाता है। Read more »