लेख विविधा समाज शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है September 4, 2020 / September 4, 2020 by डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र | Leave a Comment भारतवर्ष की सनातन सांस्कृतिक परंपरा में ‘शिक्षा’ स्वयं में बहुअर्थगर्भित शब्द है। यहाँ शिक्षा का अभिप्राय साक्षरता अथवा शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की उपलब्धता मात्र नहीं है। शिक्षा यहां मानव-मन को शुभसंस्कारों से सज्ज करने का माध्यम है; मनुष्य को मनुष्य बनाने की कला है; उसमें सामाजिक दायित्वबोध का जागरण है और उदात्त मानव-मूल्यों की प्राप्ति का […] Read more » Education is a serious social responsibility शिक्षा शिक्षा एक गंभीर सामाजिक दायित्व-बोध है
लेख समाज कभी पेट में चिकोटी तो कभी कान उमेठते मास्साब, आप हैं तभी हम हैं September 3, 2020 / September 3, 2020 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार कहते हैं कि संकट में ही व्यक्ति की पहचान होती है और आप इस बात पर यकीन करते हैं तो आपको इस बात पर भी यकिन करना होगा कि हर बुरे समय में, हर बुरे दौर में शिक्षक ही समाज को रोशनी देने वाला होता है. भारतीय समाज में आज भी शिक्षक का […] Read more » Sometimes the twitch in the stomach and sometimes the ears rise up Teachers Day शिक्षक शिक्षक दिवस
लेख समाज शिक्षक : संस्कारों का प्रकाश स्तंभ September 3, 2020 / September 3, 2020 by डॉ. वंदना सेन | Leave a Comment डॉ. वंदना सेन हम भली भांति जानते हैं कि पुरातन काल में भारतीय गुरुकुलों में जो शिक्षा प्रदान की जाती थी, वह निश्चित रूप से बच्चों का समग्र विकास करने वाली ही थी। इतना ही नहीं वह शिक्षा विश्व स्तरीय ज्ञान का द्योतक भी थी, इसलिए विश्व के कई देश भारत के शिक्षालयों में ज्ञान […] Read more » 5 सितंबर शिक्षक दिवस Teacher: Lighthouse of Rites डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन शिक्षक संस्कारों का प्रकाश स्तंभ
लेख समाज नेक नीयत की नोक-झोंक प्यार के रंग को चोखा करती है, September 2, 2020 / September 2, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment * केवल कृष्ण पनगोत्रा जिंदगी समग्रता से संपूर्ण होती है और समग्रता तब आती है जब जिंदगी हर रंग से रंगी जाए.संगीत तभी संपूर्ण होता है जब सात सुरों का संगम होता है. सिर्फ एक ही सुर से न गीत मुकम्मल होता है और न ही संगीत. जैसे […] Read more » नेक नीयत की नोक-झोंक नोक-झोंक प्यार
समाज कोरोना काल में बढ़ेगा कुपोषण का प्रभाव? September 1, 2020 / September 1, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment कोरोना वायरस दिन दूनी रात चौगुनी के साथ विस्तार ले रहा है। इस वायरस के बढ़ते आंकड़ो ने न केवल हमारी ज़िंदगी की रफ़्तार पर ब्रेक लगाया है बल्कि हमारी दिनचर्या को भी काफी हद तक प्रभावित किया है। आज हर व्यक्ति पोष्टिक आहार और अपने स्वास्थ्य के प्रति चिंतित नजर आ रहा है। एक […] Read more » malnutrition increase in the corona period Will malnutrition increase in the corona period कुपोषण कोरोना काल में कोरोना
महिला-जगत समाज नहीं रुक रहा महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध August 29, 2020 / August 29, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment शालू अग्रवाल, मेरठ कोरोना के आपदा काल में जब समूचा विश्व महामारी से बचाव के लिए जीवनोपयोगी वैक्सीन बनाने की कवायद में जुटा है, जब पूरी दुनिया इस आफत से मानव सभ्यता को बचाने में चिंतित है ऐसी मुश्किल घड़ी में भी महिलाओं की सुरक्षा एक अहम प्रश्न बनी हुई है, क्योंकि संकट की इस […] Read more » Crime against women Crime against women is not stopping महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध
लेख समाज भारत में बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या एवं उनकी स्थिति August 27, 2020 / August 27, 2020 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment अभी हाल ही में जनसंख्या एवं विकास पर भारतीय सांसदों की एक समिति (Indian Association of Parliamentarians on Population and Development – IAPPD) ने देश में बुज़ुर्गों की स्थिति पर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया है। इस प्रतिवेदन के अनुसार, इस समय भारत में 10.5 करोड़ बुजुर्ग व्यक्ति हैं और वर्ष 2050 तक इनकी संख्या […] Read more » Increasing number of elderly and their status in India बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या बुज़ुर्गों की स्थिति भारत में बुज़ुर्गों की बढ़ती संख्या भारत में बुज़ुर्गों की स्थिति
महिला-जगत समाज महिला समानता के लिए पहले मानसिकता बदलें……. August 27, 2020 / August 27, 2020 by डाॅ. दयानिधि सेवार्थी | Leave a Comment डाॅ0 दयानिधि सेवार्थी आज विश्व महिला समानता की बात करता है। परन्तु भारत का इतिहास कहता है कि महिलाओं का स्थान पुरुषों से हजारों गुना अधिक है। वैदिक काल में अनेकों ऋषिकाओं को ऋषियों से आगे बढकर मंत्र विचार हो या शास्त्रार्थ हो कार्य करने का मौका रहता था। गार्गी मैत्रेयी जैसे अनेकों उदाहरण हमारे […] Read more » women equality महिला समानता
समाज परोपकार का महत्व August 27, 2020 / August 27, 2020 by डाॅ. दयानिधि सेवार्थी | Leave a Comment परोपकार शब्द ‘पऱउपकार’ इन दो शब्दों के योग से बना है । जिसका अर्थ है निःस्वार्थ भाव से दूसरों की सहायता करना ।अपनी शरण में आए मित्र, शत्रु, कीट-पतंग, देशी-परदेशी, बालक-वृद्ध सभी के दुःखों का निवारण निष्काम भाव से करना परोपकार कहलाता है । ईश्वर ने सभी प्राणियों में सबसे योग्य जीव मनुष्य बनाया । […] Read more » Importance of charity परोपकार का महत्व
समाज दहेजः कानून ही नहीं, कारगर सामाजिक प्रयास भी हैं जरूरी August 25, 2020 / August 25, 2020 by केवल कृष्ण पनगोत्रा | Leave a Comment केवल कृष्ण पनगोत्रा कुछ साल पहले पंजाब के साथ लगते जम्मू-कश्मीर के कठुआ में एक महिला सुनीता (काल्पनिक नाम) ने अपने ही पड़ोस में रहने वाली एक महिला गीता (काल्पनिक नाम) की हत्या कर दी थी। कारण कोई व्यक्तिगत शत्रुता नहीं था, जमीन-जायदाद का झगड़ा भी नहीं था। कारण यह था कि सुनीता को अपनी […] Read more » दहेज
लेख शख्सियत समाज मदर टेरेसाः सचमुच वो मां थी August 25, 2020 / August 25, 2020 by ललित गर्ग | 1 Comment on मदर टेरेसाः सचमुच वो मां थी मदर टेरेसा जयन्ती-26 अगस्त 2020 पर विशेष -ःललित गर्ग:-सचमुच वे मां थी। माँ शब्द जुबान पर आते ही सबसे पहले मदर टेरेसा का नाम आता है। कलियुग में वे मां का एक आदर्श प्रतीक थी जो आज भी प्रेम की भांति सभी के दिलों में जीवित हैं। माँ दुनिया का सबसे अनमोल शब्द है। एक ऐसा शब्द […] Read more » Mother Teresa एग्नेस गोंझा बोयाजीजू मदर टेरेसाः मदर टेरेसा जयन्ती मदर टेरेसा जयन्ती 26 अगस्त
महिला-जगत समाज महिलाओं के साथ भेदभाव करता है समाज August 24, 2020 / August 24, 2020 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment नरेन्द्र सिंह बिष्ट नैनीताल, उत्तराखंड भारत में हिंसा के सबसे अधिक केस महिलाओं से ही जुड़े होते हैं। जिनका रूप कुछ भी हो सकता है। हालांकि पुरूष प्रधान इस देश में हमेशा महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता रहा है। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू यह भी है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं को कमतर आंका जाता है। […] Read more » Society discriminates against women महिलाओं के प्रति समाज की सोच नकारात्मक महिलाओं के साथ भेदभाव