राजनीति समाज उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना November 19, 2018 / November 19, 2018 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप सोनिया कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी का कहना है कि उर्दू के बिना भारत बोध की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उर्दू भारत की गंगा-यमुना तहजीब का प्रतीक है। तिवारी ने जो कहा है, वही नेहरू कहा करते थे। इसलिए तिवारी वस्तुतः नेहरू की सांस्कृतिक विरासत को ही ढो रहे […] Read more » उर्दू के बगैर भारत बोध की परिकल्पना औरंगजेब जहांगीर तुर्क पंजाबियों मराठों मुगल राजपूतों वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी सैयद सोनिया
समाज हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें November 19, 2018 / November 19, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- ‘दुर्घटना’ एक ऐसा शब्द है जिसे पढ़ते ही कुछ दृश्य आखों के सामने आ जाते हैं, जो भयावह होते हैं, त्रासद होते हैं, डरावने होते हैं। किस तरह लापरवाही एवं महंगी गाड़ियों को सड़कों पर तेज रफ्तार में चलाना एक फैशन बनता जा रहा है, उसकी ताजी एवं भयावह निष्पत्ति की दुर्घटना दिल्ली […] Read more » ड्राइवर शराबदिल्ली-एनसीआर प्रदूषण हादसों एवं लापरवाही की खूनी सड़कें
समाज प्रदूषण से त्राहिमाम November 17, 2018 / November 17, 2018 by डॉ. सौरभ मालवीय | 1 Comment on प्रदूषण से त्राहिमाम डॊ. सौरभ मालवीय हमारे देश में वायु प्रदूषण निरंतर बढ़ रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण घातक स्तर तक पहुंच गया है। हाल में शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक 401 दर्ज किया गया। इसी प्रकार वायु में घुले हुए अतिसूक्ष्म प्रदूषक कण पीएम 2.5 को 215 दर्ज किया गया, जो कि स्वास्थ्य […] Read more » 136 और कांगों के 12 674 890 बच्चे 987 नाइजीरिया के 47 पर्यावरण प्रदूषण पाकिस्तान के 21 प्रदूषण से त्राहिमाम भारत के 60 सुप्रीम कोर्ट
समाज मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो November 16, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग :- स्वतंत्र भारत में यह कैसा समाज बन रहा है, जिसमें करीब एक-तिहाई शादीशुदा महिलाएं पतियों से पिटती हैं। वडोदरा के गैर सरकारी संगठन ‘सहज’ और इक्वल मेजर्स 2030 के एक सर्वे के अनुसार 15 से 49 साल के आयु वर्ग की महिलाओं में से करीब 27 फीसदी घरेलू हिंसा बर्दाश्त करती आ […] Read more » आदतों कवयित्रि महादेवी वर्मा छेड़खानी दहेज बलात्कार भू्रण-हत्या महत्वाकांक्षाओं मीटू की तरह घरेलू हिंसा पर आन्दोलन हो वासनाओं वासनाओं एवं कट्टरताओं वृत्तियों शिव सत्य
राजनीति समाज कॅरियर या राजनीतिक वंशवाद November 15, 2018 / November 15, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment मनोज कुमार वरिष्ठ पत्रकार एवं सम्पादक, राजनीति में संतानों को मिलने वाले अवसर को वंशवाद या परिवारवाद के रूप में संबोधित किया जाता रहा है। गांधी-नेहरू परिवार से इंदिरा गांधी के राजनीति में आने के बाद से वंशवाद या परिवारवाद का मुद्दा उठता रहा है। वैसे भी चुनाव के समय ही, खासतौर से राजनीतिक दलों […] Read more » अभिषेक बच्चन कॅरियर या राजनीतिक वंशवाद पिता हरिवंशराय बच्चन राजीव गांधी राजेश पॉयलट विद्याचरण शुक्ल सुपुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया
समाज भारत की बेरोजगारी November 12, 2018 / November 12, 2018 by अनिल अनूप | 1 Comment on भारत की बेरोजगारी अनिल अनूप भारत में वर्तमान बेरोजगारों की पंजीकृत संख्या 31 मिलियन है। कितने ही लोग पंजीकरण की सीमा से ही बाहर होते हैं, जिसका कारण शिक्षा का अभाव या मोहभंग भी हो सकता है। अर्ध बेरोजगारों की संख्या में अधिकतर कृषि कार्य में लगे लोग हैं, जो वर्ष में लगभग 6 माह बेरोजगार रहने के […] Read more » उद्योग ग्रामीण कुटीर जहाज भारत की बेरोजगारी रेल लघु उद्योगों हवाई जहाज
समाज सोशल मीडिया : वरदान भी अभिशाप भी November 10, 2018 / November 10, 2018 by अभिलेख यादव | Leave a Comment डॉ जीतेंद्र प्रताप जवाहर नवोदय विद्यालय मुडिपु, दक्षिण कन्नड़, कर्नाटक, 574153 संपर्क सूत्र 9739198095 मानव ईश्वर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ सृजन है जो अन्य प्राणियों की तुलना में सोचने -समझने की असीम शक्ति लेकर पैदा होता है। अपने आदिम समय से लेकर आज तक उसने न जाने कितनी खोजें की हैं जिन्होंने उसके जीवन […] Read more » इंस्टाग्राम ट्विटर देश व समाज को आर्थिक फेसबुक मायस्पेस लिंकडइन व्यक्ति व्हाट्सएप संगठन सामाजिक सांस्कृतिक सोशल मीडिया : वरदान भी अभिशाप भी
राजनीति समाज समान,समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती November 10, 2018 / November 10, 2018 by जावेद अनीस | 1 Comment on समान,समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती जावेद अनीस किसी भी प्रगितिशील राष्ट्र के लिये शिक्षा एक बुनियादी तत्व है इसलिए जरूरी हो जाता है कि इसके महत्त्व को समझते हुए ये सुनिश्चित किया जाये की समाज के सभी वर्गों के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके. परन्तु इस देश का दुर्भाग्य ही कहा जायेगा की आजादी के […] Read more » और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समान समावेशी समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की चुनौती
धर्म-अध्यात्म समाज “गोवर्धन पूजा गोमाता सहित सभी पशुओं की रक्षा का पर्व है” November 9, 2018 / November 9, 2018 by मनमोहन आर्य | Leave a Comment मनमोहन कुमार आर्य, इस लेख में गोवर्धन पूजा पर्व की चर्चा कर रहे हैं। अतीत में इसके मनाये जाने के कारण कुछ भी रहे हों परन्तु वर्तमान समय में इसका सबसे अधिक सार्थक कारण गोमाता व अन्य पशुओं की रक्षा व उनके संवर्धन का व्रत लेने के रूप में ही अधिक प्रासंगिक प्रतीत होता है। […] Read more » “गोवर्धन पूजा गोमाता सहित सभी पशुओं की रक्षा का पर्व है” क्रीम घृत छाछ दधि पनीर बकरी भेड़ भैंस व ऊंट मक्खन मट्ठा मिल्क केक
समाज दीपावली पर ग्वालिन की पूजा, क्यों करता है ग्वाला समाज ? November 9, 2018 / May 9, 2020 by आत्माराम यादव पीव | 2 Comments on दीपावली पर ग्वालिन की पूजा, क्यों करता है ग्वाला समाज ? आत्माराम यादव पीव कार्तिक अमावस्या को दीपावली मनाने के लिये सभी यथायोग्य तैयारी करते है वहीं होशंगाबाद सहित आसपास के अनेक गॉवों में बसे ग्वाला दिये के साथ मिटटी की बनी ग्वालिनों को लाकर पूजते है। पिछले 40-45 सालों से मेरे मन में एक सवाल उठता रहा है कि आखिर दीपावली पर मिट़टी की सुन्दर […] Read more » क्यों करता है ग्वाला समाज ? चंपककला चित्रा दीपावली पर ग्वालिन की पूजा परमश्रेष्ठ सखिया ललिता भगवान श्रीकृष्ण ललिता विशाखा
समाज मेडिकल शिक्षा में नैतिक मूल्यों की सार्थक पहल November 8, 2018 / November 8, 2018 by ललित गर्ग | 2 Comments on मेडिकल शिक्षा में नैतिक मूल्यों की सार्थक पहल ललित गर्ग – देश में आज डाॅक्टर एवं अस्पताल लूट घंसौट, लापरवाही, भ्रष्टाचार, अनैतिकता एवं अमानवीयता में शुमार हो चुके है, आए दिन ऐसे मामले प्रकाश में आते है कि अनियमितता एवं लापरवाही के कारण मरीज का इलाज ठीक ढंग से न होने पाने के कारण मरीज की मौत हो गयी या उससे गलत वसूली […] Read more » अनैतिकता एवं अमानवीयता इंजीनियर डाॅक्टर भ्रष्टाचार लापरवाही लूट घंसौट वकील
राजनीति समाज फैसला और अध्यादेश का प्रलाप एक विधवा-विलाप November 8, 2018 / November 8, 2018 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment मनोज ज्वाला भारतीय जनता पार्टी जब से केन्द्र में सत्तासीन हुई है , तब से राम-जन्मभूमि- मंदिर-निर्माण को ले कर हिन्दू-संगठनों के तेवर नरम देखे जा रहे हैं , जबकि हिन्दू-समाज का मीजाज थोडा गरम प्रतीत हो रहा है । ऐसा इस कारण , क्योंकि मंदिर-निर्माण-आन्दोलन का समर्थन करते रहने तथा स्वयं भी तत्सम्बन्धी रथ-यात्रा […] Read more » फैसला और अध्यादेश का प्रलाप एक विधवा-विलाप भाजपा मन्दिर हिन्दू समाज