विविधा सिनेमा कस्बाई पत्रकार का अनूठा कमाल December 10, 2015 / December 10, 2015 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment संदर्भः- दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म मेला- गौर के पुनर्वास पर बनाई फिल्म प्रमोद भार्गव प्रथम तो यह कि हमारे देश में यह पहली बार संभव हुआ है कि किसी वन्य जीव का सफल पुनर्वास हुआ है,वह भी बड़ी संख्या में! दूसरे यह कि इस पुनर्वास की हरेक गतिविधि का फिल्म के रूप में दस्तावेजीकरण किया गया […] Read more » Featured
विविधा शख्सियत स्वदेशी हेतु प्रथम बलिदानी बाबू गेनू December 9, 2015 by अशोक “प्रवृद्ध” | Leave a Comment अशोक “प्रवृद्ध” हजारों वर्षों की परतन्त्रता के पश्चात महर्षि दयानन्द सरस्वती ने देश को सर्वप्रथम स्वदेशी, स्वराज्य व स्वतन्त्रता का मन्त्र देते हुए कहा कि कोई कितना ही करे, परन्तु जो स्वदेशीय राज्य होता है वह सर्वोपरि उत्तम होता है। स्वदेश में स्वदेशी लोगों का व्यवहार अथवा शासन उत्तम होता है और परदेशी स्वदेश में […] Read more » Babu Genu प्रथम बलिदानी बाबू गेनू बाबू गेनू स्वदेशी
पर्यावरण विविधा चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत या नसीहत December 9, 2015 / December 9, 2015 by शाहिद नकवी | 4 Comments on चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत या नसीहत पहले मुम्बई फिर उत्तराखण्ड ,जम्मूकश्मीर और अब तमिलनाडु की राजधानी जैसे सम्पन्न इलाके चेन्नई मे जिस तरह प्रकृति के आगे समूचा तंत्र बेबस नजर आया उसने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की हमारी तैयारियों पर सवाल खड़ा कर दिया है ।साथ ही प्रकृति से छेड़छाड़ कर अंधाधुन शहरीकरण की सरकारों की विकास नीति पर भी सवाल […] Read more » Chennai flood Featured चेन्नई आपदा मौसम के अतिवादी होने का सबूत
विविधा अपने अधिकारों के लिए उठाए बुलंद आवाज December 9, 2015 by प्रतिमा शुक्ला | Leave a Comment प्रतिमा शुक्ला 10 दिसम्बर पूरी दुनिया में मानव अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। हिन्दोस्तानए जो 1948 को इस दिन जारी किये गये ऐलाननामे का हस्ताक्षरकर्ता है, मानव अधिकारों के खुल्लम.खुल्ला उल्लंघनों का एक गढ़ है। आज हमारे देश में करोड़ों लोग बहुत गरीबी में रहते हैं जो साफ.सफाई, बिजली, स्वास्थ्य व शिक्षा […] Read more » Featured Human Rights अपने अधिकारों के लिए उठाए बुलंद आवाज
विविधा निर्वाण और बुद्धत्व ने बाबा का मिशन भटकाया December 6, 2015 / December 7, 2015 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 2 Comments on निर्वाण और बुद्धत्व ने बाबा का मिशन भटकाया डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ 06 दिसम्बर, 1956 में भारत के संविधान के सम्पादक या कहो रचियता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेड़कर की मृत्यु हुई। जिसे उनके बौद्ध-धर्मानुयाई-निर्वाण प्राप्ति कहते हैं। सोशल मीडिया पर बाबा साहब के अनुयाइयों की ओर से यह भी लिखा जाता है कि बाबा साहब की मृत्यु, सामान्य मृत्यु नहीं थी, बल्कि […] Read more » Featured निर्वाण और बुद्धत्व ने बाबा का मिशन भटकाया
पर्यावरण विविधा कब मिलेगा पीने को साफ पानी? December 6, 2015 by जगजीत शर्मा | Leave a Comment जगजीत शर्मा भारत में पेयजल की समस्या का काफी विकट है। गांवों की लगभग 80-85 फीसदी आबादी का गुजारा कुओं या हैंडपंप के पानी से होता है। शहरों में ज्यादातर लोग स्थानीय निकायों द्वारा की जा रही जलापूर्ति पर ही निर्भर रहते हैं। शहर और गांवों में अधिसंख्य आबादी को होने वाली जलापूर्ति प्रदूषित रहित […] Read more » Featured when we will get clean water to drink पीने को साफ पानी
पर्यावरण विविधा जलवायु परिवर्तन और हमारी भूमिका December 6, 2015 / December 6, 2015 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में जलवायु परिवर्तन को लेकर जिस प्रकार का मंथन किया जा रहा है, उसकी आवश्यकता बहुत पहले से महसूस की जा रही थी, लेकिन जब जागो तभी सवेरा की तर्ज पर अभी इसकी विकरालता को रोकने का उपक्रम किया जा रहा है, यही समय की मांग है। जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण के […] Read more » Featured Global Warming जलवायु परिवर्तन
जन-जागरण पर्यावरण विविधा आपदा से बचाना यहां किसकी जिम्मेदारी है ? December 5, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | Leave a Comment शैलेन्द्र चौहान भारत में लोगों को आपदा से बचाना या तत्काल राहत देना किसकी जिम्मेदारी है?..हमें नहीं मालूम ! हमारी छोड़िए..पांच दशकों से सरकार भी इसी यक्ष प्रश्न से जूझ रही है। दरअसल आपदा प्रबंधन तंत्र की सबसे बड़ी आपदा यह है कि लोगों को कुदरती कहर से बचाने की जिम्मेदारी अनेक की है और […] Read more » disaster management Featured आपदा से बचाना आपदा’? डिजास्टर मैनेजमेंट
विविधा समाज स्टुपिड बॉक्स (टेलिविजन) और किसानों की आत्महत्याएं December 5, 2015 by राहुल खटे | Leave a Comment उपरोक्त शिर्षक में दिए गए शब्दों में आपको कोई संबंध दिखाई देता हैं? आप कहेंगे बिलकुल नहीं! लेकिन इन दोनों शब्दों का आपस में गहरा संबंध है. यदि यह कहा जाए कि पहला शब्द ही दूसरे शब्द के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है तो कुछ गलत नहीं होगा. आप थोड़ा 1980 और 1990 […] Read more » Featured किसानों की आत्महत्याएं स्टुपिड बॉक्स (टेलिविजन)
विविधा विश्ववार्ता किस बात पर इस्लामिक जेहादी -आतंकी भारत से रार ठान रहे हैं ? December 5, 2015 / December 5, 2015 by श्रीराम तिवारी | 3 Comments on किस बात पर इस्लामिक जेहादी -आतंकी भारत से रार ठान रहे हैं ? मैंने अपनी किशोर वय में किसी विद्वान से एक लोक अनुश्रुति की रोचक और ज्ञानवर्धक कथा सुनी थी। एक चेले ने अपनी सेवा सुश्रुषा से अपने सिद्ध -तांत्रिक गुरु को प्रशन्न कर लिया। गुरु ने कहा वत्स ! मांगो क्या मांगते हो ? भक्त ने साष्टांग दंडवत करते हुए अपने गुरु से वरदान में एक […] Read more » Featured इस्लामिक जेहादी
विविधा शख्सियत साक्षात्कार मोटीवेशन है सफल पुलिसिंग की बुनियाद : अमिताभ यश December 5, 2015 by प्रणय विक्रम सिंह | Leave a Comment प्रणय विक्रम सिंह कौरवों की भीड़ हो या पांडवों का नीड़ हो जो लड़ सका है वो ही तो महान है! हो दया का भाव, याकि शौर्य का चुनाव, याकि हार का हो घाव तुम ये सोच लो, मौत अंत है नहीं, तो मौत से भी क्यों डरें, ये जाके आसमान में दहाड़ दो रगो […] Read more » Featured मोटीवेशन है सफल पुलिसिंग की बुनियाद : अमिताभ यश
विविधा जुकरबर्ग से कुछ सीखें December 4, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 2 Comments on जुकरबर्ग से कुछ सीखें मार्क जुकरबर्ग को कौन नहीं जानता? लेकिन अब जुकरबर्ग को दुनिया के सबसे बड़े दानियों में से जाना जाएगा। यों तो जुकरबर्ग पहले भी करोड़ों डालर दान कर चुके हैं और जुकरबर्ग से पहले भी अरबों डालर दान करने वाले लोग हुए हैं लेकिन जुकरबर्ग ने अपनी बेटी के जन्म के अवसर पर दान की […] Read more » जुकरबर्ग से कुछ सीखें