विविधा अनुभव और संकल्प से नया रचें December 24, 2015 by ललित गर्ग | Leave a Comment ललित गर्ग- नए साल की शुरूआत पर कुछ नया सोचें, नया लिखें, नया करें, नया कहें और नया रचें। प्रश्न है नया हो क्या? क्या कलेण्डर बदल देना ही नयापन है? पर मूल में तो सबकुछ कल भी वही था, आज भी वही है और कल भी वही होगा। जीवन का भी यही अन्दाज है-जो […] Read more » Featured अनुभव और संकल्प से नया रचें
प्रवक्ता न्यूज़ विविधा ऐसी विचारधारा हो जिससे खुशी मिले : श्री संजय जोशी December 23, 2015 by अरूण पाण्डेय | 2 Comments on ऐसी विचारधारा हो जिससे खुशी मिले : श्री संजय जोशी एक आदमी पत्थर तोडने का काम कर रहा था एक पथिक ने पूछा कि क्या कर रहे हो उसने कहा कि पत्थर तोड रहा हूं। उसने दूसरे से पूछा कि क्या कर रहे हो? उसने कहा कि पत्थर तोड रहा हूं। इसकी मजदूरी से मेरे परिवार का व मेरा पेट भरेगा। पथिक ने तीसरे से […] Read more » Featured
विविधा सुंदर पिचाई पर कोई क्यों नहीं बनाता फिल्म…!! December 22, 2015 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment तारकेश कुमार ओझा 80 के दशक में एक फिल्म आई थी, नाम था लव – मैरिज। किशोर उम्र में देखी गई इस फिल्म के अत्यंत साधारण होेने के बावजूद इसका मेरे जीवन में विशेष महत्व था। इस फिल्म के एक सीन से मैं कई दिनों तक रोमांचित रहा था। क्योंकि फिल्म में चरित्र अभिनेता चंद्रशेखर […] Read more » सुंदर पिचाई सुंदर पिचाई पर कोई क्यों नहीं बनाता फिल्म...!!
पर्यावरण विविधा जहरीली हवा, जहरीला पानी और कब्रों का शहर December 22, 2015 / December 22, 2015 by हिमांशु तिवारी आत्मीय | 4 Comments on जहरीली हवा, जहरीला पानी और कब्रों का शहर हिमांशु तिवारी आत्मीय उन्नाव के सदर क्षेत्र में औद्योगिक जल प्रदूषण के चलते स्थानीय लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं. किसी के लिवर में प्रॉब्लम है तो किसी को त्वचा संबंधी समस्या. सिर्फ इतना ही नहीं कैंसर जैसे गंभीर रोगों के शिकार होकर मौतों का आकड़ा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. […] Read more » Featured कब्रों का शहर जहरीला पानी जहरीली हवा
विविधा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट December 22, 2015 / December 22, 2015 by शैलेन्द्र चौहान | 4 Comments on कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शैलेन्द्र चौहान अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें पिछले दशक की शुरुआत में 10 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हुआ करती थीं. लेकिन खाड़ी देशों के बदलते हालात और बढ़ती मांग के कारण पहली बार कच्चे तेल ने 100 डॉलर प्रति बैरल की क़ीमत जनवरी 2008 में पार कर लिया था. और उस साल […] Read more » Featured price fall of crude oil कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
महिला-जगत विविधा महिलाओं केा लेकर सभी कंपनियों में अब भी अनिश्चितता का माहौल December 22, 2015 by अरूण पाण्डेय | Leave a Comment अरूण पाण्डेय नई दिल्ली । तमाम कोशिशों के बाद दिल्ली में यौन उत्पीडन कम नही हो रहा है सरकार प्रयास कर रही है लेकिन जिस तरह से ग्राफ दिन ब दिन बढ रहा है उसे देखकर नही लगता कि उत्पीडन की संख्या कम होगी। पिछले दिनों इसी को लेकर एक कार्यक्रम हुआ जिसमें उत्पीडन के […] Read more » Featured in crease of women molestation against women महिलाओं केा लेकर सभी कंपनियों में अब भी अनिश्चितता का माहौल
विविधा विश्ववार्ता सीरिया पर चमत्कारी सहमति December 21, 2015 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | 1 Comment on सीरिया पर चमत्कारी सहमति पिछले पांच साल से चल रहे सीरिया के गृह युद्ध को रुकवाने पर सुरक्षा परिषद सहमत हो गई है। सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्यों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित करके इस देश में शांति स्थापित करने का संकल्प किया है। सीरिया में बशर-अल-असद का शासन है। उसके विरुद्ध एक शक्तिशाली संगठन ने बगावत […] Read more » Featured सीरिया पर चमत्कारी सहमति
खेत-खलिहान विविधा क्यों चुप रही सरकार ? आखिर क्या था दाल का खेल December 21, 2015 by अरूण पाण्डेय | 1 Comment on क्यों चुप रही सरकार ? आखिर क्या था दाल का खेल अरूण पाण्डेय आखिर दाल का खेल क्या था, हर बार, हर साल एक नयी चीज के दाम बढ जाते है, पहले प्याज सरकारों को खून के आंसू रूलाती रही , उसके बाद चाय से मिठास गायब हो गयी, फिर आलू के दाम आसमान छूने लगे और अब तिलहन रूला रही है। हर साल एक रोजमर्रा […] Read more » Featured दाल का खेल
आर्थिकी विविधा मानव विकास के आइने में भारत December 19, 2015 by प्रमोद भार्गव | 3 Comments on मानव विकास के आइने में भारत संदर्भः- मानव विकास सूचकांक 2015 की रिपोर्टः- प्रमोद भार्गव संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ;यूएनडीपी, 2015 के मानव विकास सूचकांक में भारत पिछली रिपोर्ट की तुलना में एक सीढ़ी जरूर ऊपर चढ़ा है,बावजूद उसकी कुल स्थिति वैश्विक स्तर की तुलना में बहुत नीचे है। जो देश में विषमता की खाई चौड़ी बनाए रखने का पर्याय बना […] Read more » Featured मानव विकास मानव विकास के आइने में भारत
विविधा साहित्य हमारी शब्द रचना का समृद्ध आधार December 19, 2015 by डॉ. मधुसूदन | 9 Comments on हमारी शब्द रचना का समृद्ध आधार डॉ. मधुसूदन (एक)प्रवेश: २,३,४ अक्तुबर-२०१५ को वॉशिंग्टन डी. सी. में अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी समिति के सम्मेलन में डॉ. मधुसूदन के प्रमुख वक्तव्य का पहला भाग। (दो) चिडिया की चीं-चीं और कौवे की का-का चीं-चीं करती चिडिया आप ने सुनी होगी; और का-का करता कौवा भी। वैसे कौआ काँव-काँव या काँय-काँय भी सुनाई दे सकता है। पर […] Read more » Featured शब्द रचना हमारी शब्द रचना का समृद्ध आधार
जन-जागरण विविधा औचित्य विद्यालयों में धर्मग्रंथों की शिक्षा का? December 18, 2015 by निर्मल रानी | 1 Comment on औचित्य विद्यालयों में धर्मग्रंथों की शिक्षा का? निर्मल रानी हालांकि हमारे देश के कई प्रखर विचारक तथा बुद्धिजीवी अक्सर यह सचेत करते रहे हैं कि धर्म और राजनीति का रिश्ता किसी भी प्रकार से उचित नहीं है। लिहाजा इनका आपस में रिश्ता जोड़ने के बजाए इनका आपसी तलाक किया जाना चाहिए। परंतु बड़े दुःख की बात है कि विभिन्न राजनैतिक दलों के […] Read more » Featured importance of religious education in schools धर्मग्रंथों की शिक्षा
मनोरंजन विविधा एसी जगह घूमे, जिनकी शान भारत है December 18, 2015 by अरूण पाण्डेय | Leave a Comment यह बात एक स्वप्न नही बल्कि हकीकत है भारत कुछ देशों के लिये आन बान शान का प्रतीक भी है वहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर मोदी का डंका भी बजता है और भारतीयों को ढेर सारी सहूलियतें भी मिलती है इतना ही नही वहां भारत की रूपये अपनी कीमत इतनी रखता है कि आप कल्पना भी […] Read more »