विविधा हवन क्यों करें, करें या न करें May 7, 2014 / May 7, 2014 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on हवन क्यों करें, करें या न करें -मनमोहन कुमार आर्य- हवन क्या है? हवन एक कर्मकाण्ड है, जिसमें एक हवन कुण्ड, यज्ञ की समिधायें, एक पात्र में घृत, उसमें एक चम्मच या चमसा, आचमन के लिए जल व उनमें चम्मच, यजमानों व याज्ञिकों की संख्या के अनुसार प्लेटों में हवन सामग्री व याज्ञिकों के बैठने के लिए आसन आदि का प्रबन्ध किया […] Read more » sacrificial ladle हवन हवन के फायदे हवन कैसे करें
विविधा हर-हर नहीं, मर-मर गंगे May 7, 2014 by सुमीत श्रीवास्तव | Leave a Comment -सुमीत श्रीवास्तव- अनादी काल से भारत की सभ्यता, संस्कृति, अध्यात्म और वैराग्य को सींचने वाली नदी का नाम है- गंगा, जिसे हम सब गंगा मां बोलते हैं। गंगा पवित्रता और शुद्धता का श्रोत है। गंगा पतितपावनी है जगतजननी है साथ ही पुण्यदायनी। गंगा भारत के लोगों की जीवनदायनी है। गंगा के किनारे रहने वाले इससे […] Read more » गंगा गंगा की दयनीय स्थिति गंगा की स्थिति गंगा को बचाओ विलीन होती गंगा
विविधा एक पाती दिग्गी चाचा के नाम May 6, 2014 / May 6, 2014 by विपिन किशोर सिन्हा | 5 Comments on एक पाती दिग्गी चाचा के नाम -विपिन किशोर सिन्हा- (अ) आदरणीय दिग्गी चाचा, जय कामदेव की। आगे समाचार है कि जबसे तुम्हरी और ३१ वर्षीया अमृता चाची की शादी की खबर काशी वालों को मीडिया के माध्यम से मिली है, दुनिया भर में चर्चित काशी की चुनाव-चर्चा पर विराम लग गया है। अब तो पप्पू चाय वाले की दूकान पर भी […] Read more » दिग्विजय सिंह दिग्विजय सिंह को खत
विविधा गुरु दोबारा… चेला कुंवारा May 6, 2014 / May 6, 2014 by एल. आर गान्धी | 3 Comments on गुरु दोबारा… चेला कुंवारा -एल.आर. गान्धी- राज कुमार ४२ सावन चूक गए मगर अभी तक ‘कुंवारे’ हैं… मगर गुरु देव को मुश्किल से विधुर हुए अभी एक बरस गुज़रा कि दूसरी ‘मस्तुरात’ ढूंढ़ भी ली। और वह भी अपने से २५ बरस छोटी… ४२ वर्षीय टीवी एंकर अमृता राय दिग्गी मियां के साथ एक अर्से से उ ला ला […] Read more » अमृता राय दिग्विजय सिंह
विविधा दलित कब जी सकेंगे स्वछन्द जीवन ? May 6, 2014 by जगमोहन ठाकन | Leave a Comment -जगमोहन ठाकन- भले ही देश को आज़ाद हुए छह दशक से अधिक समय हो चुका हो, सरकार कितना ही दावा करे कि स्वंतत्र भारत में हर व्यक्ति को कानून के दायरे में अपने ढंग से जीने की स्वंतत्रता है, परन्तु वास्तविक धरातल पर आज भी दलित समुदाय पर वही पुराना दबंग वर्ग का कानून चलता […] Read more » दलित दलितों का जीवन
विविधा अब इसमें दिग्विजय सिंह का क्या दोष! May 5, 2014 / May 5, 2014 by प्रवीण गुगनानी | 4 Comments on अब इसमें दिग्विजय सिंह का क्या दोष! -प्रवीण गुगनानी- कांग्रेस के घोषणापत्र में समलैंगिता को वैधानिक बनाने का वादा और इसके पूर्व कई बार भारतीय संस्कृति की उपेक्षा का इतिहास, दिग्विजय जैसे कई कांग्रेस नेताओं को उकसाता है! हाल ही में जब देश के सामने दिग्विजय-अमृता राय का प्रकरण उजागर हुआ, तब पूरा देश और मीडिया इनके सम्बंधों की चर्चा-आलोचना में लग […] Read more » Digvijay Singh दिग्विजय सिंह
विविधा तालीम और हिफाजत May 5, 2014 by अंकुर विजयवर्गीय | Leave a Comment -अंकुर विजयवर्गीय- अफगानिस्तान में सुरक्षा संबंधी हालात जैसे-जैसे बेहतर होते जाएंगे, वैसे-वैसे तालीम और हुनर के मामले में यह मुल्क दुनिया के बेहतरीन देशों में शुमार होता जाएगा। फिलहाल अफगानिस्तान में कितने लोग अनपढ़ हैं, इसका प्रामाणिक आंकड़ा नहीं है, लेकिन एक अनुमान है कि करीब 70 फीसदी आबादी अनपढ़ है। ऐसा इसलिए कि यह […] Read more » अफगानिस्तान अफगानिस्तान की दयनीय स्थिति नाटो नाटो सेना
विविधा हिंदू समाज और राष्ट्र का सशक्तीकरण चाहते थे डॉ. अम्बेडकर May 3, 2014 by आर.एल. फ्रांसिस | 2 Comments on हिंदू समाज और राष्ट्र का सशक्तीकरण चाहते थे डॉ. अम्बेडकर -आर.एल. फ्रांसिस- वर्तमान समय में राजनीतिक सुविधा के हिसाब से हर कोई डॉ. अम्बेडकर को अपने अपने तरीके से परिभाषित करने में लगा हुआ है, कुछ उन्हें देवता बनाने में लगे हैं तो कुछ उन्हें केवल दलितों की बपौती मानते हैं और कई उन्हें हिन्दुओं के विरोधी नायक के रूप में रखते हैं। और तो […] Read more » Dr. Ambedkar डॉ. अंबेडकर डॉ. अंबेडकर की सोच
राजनीति विविधा पंथ निरपेक्षता को दफ़न कर दिया अब्दुल्ला परिवार ने May 3, 2014 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment -डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- जम्मू कश्मीर में शेख़ अब्दुल्ला परिवार आजकल पंथ निरपेक्षता को लेकर आग उगल रहा है। महरुम शेख़ अब्दुल्ला के सुपुत्र और केन्द्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला, आगे उनके फरजन्द और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दोनों घाटी में हकलान हो रहे हैं और लोगों को बता रहे हैं कि केन्द्र में […] Read more » Abdullah's family buried the secularism Farooq Abdullah उमर अब्दुल्ला फारूक अब्दुल्ला
विविधा शख्सियत ‘गोरा’ उपन्यास में पराधीन भारत की राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप May 2, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -कुमार कृष्णन- -गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर विशेष- रवीन्द्र नाथ ठाकुर का उपन्यास ‘गोरा’, अंग्रेजी शासन में भारत की राष्ट्रीय चेतना का औपन्यासिक महाकाव्य है। यह उस कालखण्ड की रचना है, जब भारतीय समाज अपने जातीय गौरव से विछिन्न होकर या तो अपने कालचक्र के कारण या फिर पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव में आकर […] Read more » Gora novel Rabindranath Thakur गोरा उपन्यास रवींद्रनाथ ठाकुर
विविधा तेज गर्मी से आंखों को है एलर्जी का खतरा May 2, 2014 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | Leave a Comment -डॉ. मयंक चतुर्वेदी- गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है और तापमान चढ़ता जा रहा है। मौसम में बदलाव का असर सेहत के साथ-साथ आंखों पर होता है। धूप की तेज किरणों से आंखों को नुकसान हो सकता है। इस समय शरीर के सभी अंगों को तपिश से बचाए जाने की जरूरत महसूस की जाती […] Read more » eyes save eyes from abask आंख आंखों को बचाएं गर्मी में आंखों को बचाएं
विविधा स्वराज की कामना और क्षत्रिय धर्म April 29, 2014 by कन्हैया झा | 2 Comments on स्वराज की कामना और क्षत्रिय धर्म -कन्हैया झा- “सर्वे भवन्तु सुखिनः” लेखों की कड़ी के अंतर्गत धर्म, अर्थ, काम एवं मोक्ष-वर्णाश्रम के इन चार पुरुषार्थों में से धर्म एवं अर्थ पर चर्चा की जा चुकी है. इससे पूर्व “राजा एवं प्रजा” लेख द्वारा राज धर्म की चर्चा की थी. इस लेख में ‘प्रजा धर्म” के अंतर्गत काम पुरुषार्थ की चर्चा करेंगे, […] Read more » क्षत्रिय धर्म स्वराज की कामना