विविधा रवीन्द्रनाथ टैगोर की 150वीं जयन्ती पर विशेष- सभ्यता और जीवन का महाकवि May 12, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment -जगदीश्वर चतुर्वेदी रवीन्द्रनाथ की 150वीं जयन्ती के मौके पर उनके विचारों और नजरिए पर विचार करने का मन अचानक हुआ और पाया कि रवीन्द्रनाथ के यहां मृत्यु का जितना जिक्र है उससे ज्यादा जीवन का जिक्र है। रवीन्द्रनाथ ने अपने लेखन से विश्व मानव सभ्यता को आलोकित किया है, चारों ओर उनका यश इतने दिनों […] Read more » Rabindranath Tagore रवीन्द्रनाथ टैगोर
विविधा जहाँपनाह, अभी ही सोच लीजिए, चुनाव दोबारा आएँगे! May 11, 2010 / December 23, 2011 by मन ओज सोमक्रिया | 1 Comment on जहाँपनाह, अभी ही सोच लीजिए, चुनाव दोबारा आएँगे! राजधानीवासी बड़ी बेसब्री से दिल्ली मैट्रो ट्रेन (Delhi Metro) के बाकी बचे चरणों का इंतज़ार कर रहे हैं। लेकिन इस बेसब्री की वजह केवल मैट्रो का आसान और समय बचाने वाला सफर ही नहीं बल्कि उससे सड़कों पर पड़ने वाले वाहनों की भारी संख्या के दबाव का कम होना भी है जिससे मैट्रो के रूट […] Read more » चुनाव
विविधा कश्मीर की दहशत के आर-पार May 6, 2010 / December 23, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment -जगदीश्वर चतुर्वेदी कश्मीर में दहशत का राज्य है। राज्य और केन्द्र सरकार कितना ही दावा करें कि वहां पर स्थिति सामान्य है,लेकिन यथार्थ यही बताता है कि कश्मीर अशांत है। कश्मीर की अशांति की जड़ें जितनी भारत के अंदर फैली हैं उससे ज्यादा भारत के बाहर फैली हैं। कश्मीर की अशांति का सबसे घातक प्रभाव […] Read more » kashmir कश्मीर दहशत
विविधा सजा सुना तो दी, हश्र अफजल गुरु जैसा न हो May 6, 2010 / December 23, 2011 by नीरज कुमार दुबे | 1 Comment on सजा सुना तो दी, हश्र अफजल गुरु जैसा न हो -नीरज कुमार दुबे मुंबई में आतंकवादी हमलों के दोषी और मामले की सरकारी वकील उज्ज्वल निकम की ओर से ‘मौत की मशीन’ करार दिये गये अजमल आमिर कसाब को मौत की सजा सुनाया जाना भी कमतर प्रतीत होता है। दरअसल यह सजा हर उस शख्स को दी जानी चाहिए जोकि इस हमले की साजिश में […] Read more » Kasab अफजल गुरु कसाब
विविधा भारतीय शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां May 6, 2010 / December 23, 2011 by केशव आचार्य | 2 Comments on भारतीय शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियां -केशव आचार्य काफी लंबे समय बाद फिल्म पाठशाला में शिक्षा के वर्तमान स्तर और कार्यशैली को लेकर जो चिंता की गई है वह जायज लग रही है। देर से ही सही मगर लोगों के सामने इस विषय का आना इस बात का संकेत है कि समाज के बुद्धजीवियों ने आखिरकार इस ओर सोचना शुरू तो […] Read more » Indian Education System भारतीय शिक्षा व्यवस्था
विविधा यदि भारत आजाद है तो, ये गुलामी के प्रतीक किसलिए? May 6, 2010 / December 23, 2011 by अखिलेश आर्येन्दु | 7 Comments on यदि भारत आजाद है तो, ये गुलामी के प्रतीक किसलिए? -अखिलेश आर्येन्दु पर्यावरण और वनमंत्री जयराम रमेश ने जब पटना के एक दीक्षांत समारोह में अंग्रेजी गुलामी के प्रतीक चोगे को उतार फेंका तो पद्रह वर्ष पहले की एक याद ताजा हो आई। 1995 में इलाहाबाद में अनेक नवयुवक बहुराष्ट्रीय कम्पनियों की गुलामी और इससे बढ़ते देश समाज के खतरों पर एक समारोह में सिरकत […] Read more » Jairam Ramesh गुलामी के प्रतीक चोगात्याग जयराम रमेश
विविधा जयपुर बम-ब्लॉस्ट मामलों की सुनवाई में विलम्ब का सच! May 4, 2010 / December 23, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | Leave a Comment जयपुर से डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ की रपट ताज होटल पर हुए हमले की सुनवाई पूरी होकर, एक मात्र जिन्दा पकडे गये आतंकी अजमल कसाब को दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि दो वर्ष से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी जयपुर बम ब्लॉस्ट में मारे गये लोगों के परिजनों को न्याय का अभी […] Read more » Jaipur Bomb blast जयपुर बम-ब्लॉस्ट
विविधा भ्रष्टाचार का परिणाम है : जासूसी व देशद्रोह! May 4, 2010 / December 24, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' | 2 Comments on भ्रष्टाचार का परिणाम है : जासूसी व देशद्रोह! -डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ हाल ही में माधुरी गुप्ता को जासूसी के मामले में पकडे जाने के बाद सारे के सारे कथित ढोंगी राष्ट्रवादी न जाने कहाँ गायब हो गये। जबकि कल तक ये धोखेबाज और मुखौटे पहने राष्ट्रवाद की बात करने वाले और अपने आपको बुद्धिजीवी कहने वाले सारे देश के मुसलमानों को आतंकवादी […] Read more » Corruption जासूसी देशद्रोह भ्रष्टाचार
विविधा घास की रोटी आदिवासियों के हिस्से में ही क्यों? May 4, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on घास की रोटी आदिवासियों के हिस्से में ही क्यों? -अशोक मालवीय इन दिनों मध्यप्रदेश के अखबारों की सुर्खियों में खबर हैं कि ”घास की रोटी खा रहे है आदिवासी” यह खबर ने तूल पकड़ा हैं रायसेन जिले की सिलवानी तहसील के आदिवासी बाहुल्य ग्राम गजनई से यहां पर आदिवासी समुदाय भुखमरी से लड़ने के लिये घास की रोटी खा-खाकर जिन्दा है। यह उस प्रजाति […] Read more » Aboriginal आदिवासी
विविधा जयराम रमेश का चोगात्याग May 3, 2010 / December 24, 2011 by आशुतोष | 3 Comments on जयराम रमेश का चोगात्याग – आशुतोष हाल ही में एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में केन्द्रीय मंत्री जयराम रमेश ने “कन्वोकेशन गाउन” को यह कह कर उतार फेंका कि वह उपनिवेशवाद का प्रतीक है। सार्वजनिक रूप से इस टिप्पणी के लिये जयराम रमेश का अभिनन्दन किया जाना चाहिये। संभवतः वे भी यही चाहते होंगे। जहां तक दीक्षांत के समय […] Read more » Jairam Ramesh चोगात्याग जयराम रमेश
विविधा देखो! गहन तिमिर को छांटते हिंदू-सूर्य का पुनरोदय देखोः महर्षि अरविंद May 1, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 3 Comments on देखो! गहन तिमिर को छांटते हिंदू-सूर्य का पुनरोदय देखोः महर्षि अरविंद महर्षि अरविंद ( 1872-1950) ने 30 मई, 1909 को अपना सुप्रसिद्ध उत्तरपाड़ा भाषण दिया था। यह भाषण हिंदू धर्म, धरती पर उसकी नियति, हिंदुओं के जीवनोद्देश्य और ईश्वर की हिंदू धर्म से अपेक्षा का विशद विवेचन करता है। उल्लेखनीय है कि ऋषि अरविंद क्रांतिकारी गतिविधियों, विशेषकर अलीपुर बम विस्फोट काण्ड के सिलसिले में एक वर्ष […] Read more » Maharshi Arvind उत्तरपाड़ा भाषण महर्षि अरविंद
विविधा माधुरियों से पटा पडा है देश April 30, 2010 / December 24, 2011 by लिमटी खरे | 3 Comments on माधुरियों से पटा पडा है देश -लिमटी खरे उच्च स्तर पर बैठे एक राजनयिक और भारतीय विदेश सेवा की बी ग्रेड की अफसर माधुरी गुप्ता ने अपनी हरकतों से देश को शर्मसार कर दिया है, वह भी अपने निहित स्वार्थों के लिए। माधुरी गुप्ता ने जो कुछ भी किया वह अप्रत्याशित इसलिए नहीं माना जा सकता है क्योंकि जब देश को […] Read more » Country love देशप्रेम माधुरी