विविधा आत्मलीनता के खिलाफ April 15, 2010 / December 24, 2011 by अरुण माहेश्वरी | Leave a Comment आत्मलीनता (आटिज्म) के नाना रूप है। मनोविज्ञान के क्षेत्र में आत्मलीनता एक बड़ी बीमारी है। वास्तविक चिंतन से सर्वथा भिन्न एक ऐसी विचार प्रक्रिया जिसका घटनाओं और वस्तुओं की वास्तविक प्रकृति से कोई संबंध नहीं होता, पूरी तरह से व्यक्ति की अपनी इच्छा–आकांक्षाओं द्वारा नियंत्रित होती है। इसमें कोई तर्क, कोई व्यवहारिक तकाजा नहीं होता। […] Read more » Self-absorption आटिज्म आत्मलीनता
विविधा फूलों की चिकित्सा – पुनीता बिरिंग April 15, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on फूलों की चिकित्सा – पुनीता बिरिंग कुदरत ने मनुष्य के लिए बहुत से खजाने इकट्ठे कर रखे हैं। प्राकृतिक चिकित्सा उनमें से एक है। आज के युग में इसकी विशेषता बढ़ गयी है। ये शक्तिवर्धन, तरल वनस्पति पदार्थ, फूल की अंतरात्मा को हम तक पहुंचा सकते हैं। अग्नि, जल, पृथ्वी और वायु, ये तत्व जिंदगी के अटूट हिस्से हैं। ये दवाईयां […] Read more » Flowers फूलों की चिकित्सा
विविधा साइबर युग में भीमराव आम्बेडकर का महाख्यान April 14, 2010 / December 24, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on साइबर युग में भीमराव आम्बेडकर का महाख्यान आखिरकार आधुनिक युग में अछूत कैसे जियेंगे? गैर अछूत कैसे जियेंगे, इसके बारे में कोई विवाद ही नहीं था क्योंकि हम सब जानते थे कि वे कैसे हैं और उन्हें क्या चाहिए? किंतु अछूत को हम नहीं जानते थे। हम कबीर को जानते थे, रैदास को जानते थे। ये हमारे लिए कवि थे। साहित्यकार थे। संत […] Read more » Bhimrao Ambedkar भीमराव आम्बेडकर साइबर युग
विविधा शहद की रानी- अनीता कुमारी April 13, 2010 / December 24, 2011 by सतीश सिंह | 1 Comment on शहद की रानी- अनीता कुमारी भारत में भाग्य के सहारे जीने वालों की संख्या कम नहीं है। हर जगह भाग्य वांचने वालों की चाँदी है। भाग्य के सहारे लोग दिन में भी टाटा-बिरला बनने के सपने देखने से गुरेज नहीं करते हैं। इस तरह के माहौल में कर्म पर भरोसा बिरले ही करते हैं। उन बिरलों में से ही एक […] Read more » Queen of honey अनीता कुमारी शहद की रानी
विविधा संघ की हत्या का प्रयास April 13, 2010 / December 24, 2011 by अनिल सौमित्र | 2 Comments on संघ की हत्या का प्रयास एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की हत्या का प्रयास किया जा रहा है। यह न तो पहली बार है और न अंतिम बार। संघ की स्थापना 1925 में हुई तब से लेकर अब तक संघ पर कई बार जानलेवा हमला किया गया है। संघ के इतिहास में सबसे पहला, ज्ञात और बड़ा हमला 1948 में हुआ था। तब […] Read more » RSS अनिल सौमित्र संघ की हत्या का प्रयास
विविधा भिखारियों का महाकुंभ April 13, 2010 / December 24, 2011 by हिमांशु डबराल | Leave a Comment एक बार फिर बिहार सरकार और छात्र आमने सामने है। इस बार सरकार के साथ छात्रों का संघर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर है। हालांकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने समय समय पर ऐसे कई राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर आन्दोलन किये है लेकिन इस बार का आन्दोलन अभिनव है। परिषद् जिस सरकार के खिलाफ जंग में […] Read more » Begger भिखारियों
विविधा यौन उत्पीड़न से त्रस्त बचपन April 13, 2010 / December 24, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | 1 Comment on यौन उत्पीड़न से त्रस्त बचपन दिनोंदिन बढ़ते बच्चों के यौन शोषण के मामलों ने यह साबित कर दिया है कि देश में नौनिहाल कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। बाहर ही नहीं घर के भीतर भी उनका यौन उत्पीडन होता है और इसमें वही लोग शामिल होते हैं जिन पर उनकी सुरक्षा का दायित्व होता है। एक सरकारी सर्वे के मुताबिक़ देश में […] Read more » Sex यौन उत्पीड़न
विविधा जो पकड़ा गया वह ‘चोर’ बाकी सब ‘सिकंदर’ April 13, 2010 / December 24, 2011 by निर्मल रानी | Leave a Comment पुलिस विभाग का गठन वैसे तो आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चत करने के उद्देश्य से किया गया था। परंतु अविवादित रूप से आज यह एक कटु सत्य बन चुका है कि देश का सबसे भ्रष्ट तथा रिश्वतखोर विभाग यदि कोई है तो वह है हमारे देश का पुलिस विभाग। यह बात और है कि देश […] Read more » Thief चोर
विविधा शिक्षा का अधिकार : ख़ामियां को दूर करने की April 13, 2010 / December 24, 2011 by फ़िरदौस ख़ान | Leave a Comment देश में एक अप्रैल से देश के 6-14 उम्र के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देने का क़ानून लागू हो गया है. केंद्र सरकार ने पिछले साल बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार एक्ट-2009 को मंज़ूरी दी थी. यह क़ानून देश के नौनिहालों को कितना शिक्षित कर पाता है, यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा, क्योंकि पहले बने क़ानूनों […] Read more » right to education शिक्षा का अधिकार
विविधा अब पुरुष विमर्श पर हो विचार – सुजाता मिश्र April 13, 2010 / December 24, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment पिछले काफी समय से भारत में नहीं अपितु संपूर्ण विश्व में महिला जाग्रति को लेकर क्रान्तिकारी कदम उठाये गये हैं जिनके कई मामलो में बहुत अच्छे परिणाम भी देखने को मिले हैं, और देखा जाये तो आज महिलाये पुरुषों से बराबर नहीं बल्कि कहीं आगे ही है, हालाँकि इसमें समाज की हर महिला को शामिल नहीं […] Read more » Man पुरुष विमर्श सुजाता मिश्र
विविधा इंटरनेट तटस्थता के करारा झटका April 13, 2010 / December 24, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment इंटरनेट की स्वतंत्रता को अब तक सर्वसत्तावादी समाजों में ही राजनीतिक दबाब झेलने पड़ रहे थे लेकिन कल अमेरिका में वाशिंगटन डीसी की निचली अदालत ने करारा झटका दिया है। इंटरनेट के संदर्भ में अमेरिका की अदालतों और प्रशासन के रुझान का सारी दुनिया के लिए बड़ा महत्व है। कल ‘कॉमकास्ट’ के मामले में निचली […] Read more » Internet इंटरनेट
विविधा भाषा और संस्कृति : भारतीय जीवन का संदर्भ April 6, 2010 / December 24, 2011 by विश्वमोहन तिवारी | 3 Comments on भाषा और संस्कृति : भारतीय जीवन का संदर्भ जब द्वितीय युद्ध ने सामरिक शक्ति के बल पर स्थापित साम्राज्यवाद को तोड़ दिया तब यू एस ने आर्थिक साम्राज्यवाद प्रारंभ किया जिसके प्रसार में बहुल उत्पादन प्रौद्योगिकी ने तथा बहुल विनाश प्रौद्योगिकी ने बहुत मदद की। इसके प्रसार से अंग्रेजी भाषा का भी साम्राज्य बढ़ा। अब आर्थिक साम्र्राज्यवाद को सुदृढ़ करने के लिये भाषाई […] Read more » Language and Culture भाषा और संस्कृति