विविधा सेकुलरियाए बौद्धिकदां क्या नहीं जानते-पूरब में उगता है सूरज, पश्चिम में लय होता February 16, 2010 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ‘बारामासा’, नवभारत टाइम्स और सरिता प्रेमियों समेत तमाम नेटवर्गीय सेकुलर बौद्धिकों का भारत विरोधी राग तीव्र हो गया है। भारत विरोधी इसलिए क्योंकि जिसे यह हिंदू धर्म की सीमाओं में कैद करने का दुस्साहस कर रहे हैं वह संस्कृति और संस्कार ही भारत को व्याख्यायित करते हैं। इनका उत्तर दिया जाना ही समय का वास्तविक […] Read more » Nav bharat times नवभारत टाइम्स हिंदू
विविधा कहाँ हैं वे निष्पक्ष, निर्भीक विचारक?-हरिकृष्ण निगम February 16, 2010 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment सारी दुनियां में भारत अकेला देश है जहाँ आज अंग्रेजी लेखन से जुड़े कुछ ऐसे विचारक हैं जिनकी हीनता-ग्रंथि इतनी स्पष्ट और मुखर है कि वे किसी न किसी रूप में बराबर कहते हैं कि देश का अतीत उनके मन में गर्व या विस्मय नहीं बल्कि वितृष्णा पैदा करता है। देश के भूतकाल के प्रति […] Read more » Harikrishn Nigam निष्पक्ष
विविधा देने के भाव से बढ़ता है प्रेम February 16, 2010 / December 25, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | Leave a Comment प्रेम से लड़ने के लिए अलगाव से लड़ना बेहद जरूरी है। हमें इस प्रेम से उबरने का प्रयास करना चाहिए। एरिक ने लिखा इस लक्ष्य को प्राप्त करने में पूर्ण असफलता को पागलपन कहा जाता है क्योंकि इसमें पूर्ण अलगाव के कारण भय बना रहता है। इससे बचने का एक ही रास्ता है विश्व के […] Read more » Love प्रेम
विविधा प्यार हमें किस मोड़ पे ले आया… February 15, 2010 / December 25, 2011 by हिमांशु डबराल | Leave a Comment किस मोड़ पे तो नहीं, हां लेकिन एक ऐसे मोड़ पर लाकर जरूर खड़ा कर दिया है, जहां मोहब्बत बाज़ारी नज़र आ रही है। वेलनटाइन वीक चल रहा है, बाज़ार प्यार के तोहफों से लदा हुआ है, हर आदमी की जेब के हिसाब से तोहफे बिक रहे है। ऐसे में एक नया ट्रेण्ड शुरू हो […] Read more » Valentine Day प्यार प्रेम वैलेनटाइन डे
विविधा क्या सिब्बल साहब शिक्षा को मुनाफे का धन्धा नहीं बनने देंगे? February 14, 2010 / December 25, 2011 by डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश' क्या सिब्बल साहब शिक्षा को मुनाफे का धन्धा नहीं बनने देंगे? शिक्षा को धन्धा बनने से न तो कोई रोक सका है और न हीं कोई रोक सकता है और इसकी सबसे बडी वजह है गैर-सरकारी शिक्षा संस्थानों/केन्द्रों में स्वनिर्धारित पाठ्यक्रम को थोपा जाना और गैर-सरकारी शिक्षा संस्थानों को मान्यता देने के लिये निर्धारित मापदण्डों […] Read more » Kapil Sibbal कपिल सिब्बल शिक्षा
विविधा प्रेम का तर्क बदलें February 14, 2010 / December 25, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 1 Comment on प्रेम का तर्क बदलें प्रेम आज भी सबसे बड़ा जनप्रिय विषय है, इसकी रेटिंग आज भी अन्य विषयों से ज्यादा है। तमाम तबाही के बावजूद प्रेम महान है तो कोई न कोई कारण जरूर रहा होगा। प्रेम खास लोगों के साथ खास संबंध का नाम नहीं है। यह एटीट्यूट है। व्यक्ति के चरित्र की प्रकृति निर्धारित करती है कि […] Read more » Love प्रेम
विविधा लोकतंत्र में धनकुबेर बनते नौकरशाह February 13, 2010 / December 25, 2011 by सरिता अरगरे | Leave a Comment मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तीन आईएएस अफसरों सहित कई अन्य सरकारी मुलाज़िमों के ठिकानों पर इन्कम टैक्स के छापों में अब तक करीब 500 करोड़ की बेनामी संपत्ति का पता चला है। इसमें 7.7 करोड़ की नकदी और ज़ेवरात भी शामिल है। कुबेर का खज़ाना साबित हो रहीं इन अफ़सरों की तिजोरियाँ महज़ एक बानगी […] Read more » Madhya Pradesh छत्तीसगढ़ भ्रष्टाचार मध्यप्रदेश
विविधा गांधी जी, संघ और हम February 12, 2010 / February 12, 2010 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment ‘बापू हम शर्मिन्दा हैं…’ शीर्षक से उनके बलिदान-दिवस पर जैसी एकांगी, तथ्यों के विपरीत टिप्पणियाँ एक दैनिक समाचारपत्र में प्रकाशित हुई हैं, उन्हें पढ़कर किसी भी उस प्रबुद्ध व्यक्ति को गहरा मानसिक क्लेश होना सहज स्वाभाविक है, जिसे स्वतंत्रता संग्राम का थोड़ा-सा भी ज्ञान है। गांधी जी इस महान देश के एक महापुरुष हैं, इससे […] Read more » महात्मा गांधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
विविधा प. दीनदयाल उपाध्याय और राष्ट्र जीवन-दर्शन February 11, 2010 / December 25, 2011 by वी. के. सिंह | 1 Comment on प. दीनदयाल उपाध्याय और राष्ट्र जीवन-दर्शन विलक्षण बुद्धि, सरल व्यक्तित्व एवं नेतृत्व के अनगिनत गुणों के स्वामी , प. दीनदयाल उपाध्याय जी की हत्या सिर्फ 52 वर्ष की आयु में 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय के पास रेलगाड़ी में यात्रा करते समय हुई थी। उनका पार्थिव शरीर मुगलसराय स्टेशन के वार्ड में पड़ा पाया गया। भारतीय राजनीतिक क्षितीज के इस प्रकाशमान […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay प. दीनदयाल उपाध्याय
विविधा पुण्यतिथि 11 फरवरी पर विशेष : आधुनिक राजनीति में सिद्धान्तनिष्ठता व शुचिता के राजदूत पं. दीनदयाल उपाध्याय February 11, 2010 / December 25, 2011 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment राजनीति ने राष्ट्र-जीवन में कुछ ऐसे दोष उत्पन्न कर दिये हैं जो हमारे लिये अभिशाप बन गये हैं। जातिवाद, सिध्दान्तहीनता, पदलोलुपता, वैमनस्यता और अनुशासनहीनता सर्वत्र फैलती जा रही है। इन दोषों से छुटकारा पाने का एकमेव उपाय है कि राजनीति की बागडोर ऐसे व्यक्तियों के हाथ में हो जिनके सबल पग न तो मोह में […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay पं. दीनदयाल उपाध्याय
विविधा एकात्म मानववाद यानी कमाने वाला खिलायेगा February 10, 2010 / December 25, 2011 by पंकज झा | 11 Comments on एकात्म मानववाद यानी कमाने वाला खिलायेगा दीनदयाल उपाध्याय पुण्यतिथि (11 फरवरी ) पर विशेष भारत में स्वतंत्रता से पूर्व जितने भी आंदोलन हुए उसका एक ही ध्येय था स्वतंत्रता की प्राप्ति, फिरंगियों के क्रूर पंजों से माँ भारती की मुक्ति। स्वराज्य के उपरांत हमारी दिशा क्या होगी, हम किस मार्ग से अपने जीवन का सर्वश्रेष्ठ प्राप्त कर सकेंगे, कौन सा ऐसा […] Read more » Pt. Deendayal Upadhyay एकात्ममानववाद दीनदयाल उपाध्याय
विविधा बस! अब बहुत! हो गया! -डॉ0 प्रवीण तोगड़िया February 9, 2010 / December 25, 2011 by डॉ. प्रवीण तोगड़िया | 8 Comments on बस! अब बहुत! हो गया! -डॉ0 प्रवीण तोगड़िया हिंदू संस्कृति पर ‘हमलावरों’ का करें आर्थिक बहिष्कार पाकिस्तानी क्रिकेटरों को आईपीएल क्रिकेट के लिए किसी ने नहीं खरीदा। बड़े नाटकीय ढंग से ‘सेक्युलर’ समूह तथा पत्रकारों ने इसका भी दोष भारतीयों पर मढ़ना शुरु कर ही दिया था कि आईपीएल की कंपनियों के मालिकों ने स्पष्ट भूमिका ली और कह दिया कि आखिर यह […] Read more » Cricket आइपीएल क्रिकेट पाकिस्तान