आर्थिकी महिला-जगत क्या महिलाओं को घरेलू काम के लिए वेतन दिया जाना चाहिए? January 22, 2021 / January 22, 2021 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन द्वारा 2018 में प्रकाशित एक रिपोर्ट से पता चलता है कि, वैश्विक स्तर पर, महिलाएं घरेलू देखभाल के काम के कुल घंटों का 76.2% करती हैं, जो पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक है। एशिया और प्रशांत में, यह आंकड़ा 80% तक बढ़ जाता है। उत्तरी अमेरिका और यूरोप में महिलाओं […] Read more » Should women be paid salary for domestic work? महिलाओं को घरेलू काम के लिए वेतन
महिला-जगत लेख समाज चाह रही वह जीना, लेकिन घुट-घुटकर मरना भी क्या जीना? January 22, 2021 / January 22, 2021 by सोनम लववंशी | Leave a Comment देश के दिल मध्यप्रदेश के लिए 2021 की शुरुआत अच्छी नहीं रही। जनवरी महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही कम से कम ऐसी तीन बड़ी घटनाएं हुई जिसने महिला सुरक्षा के दावे और वादों की पोल खोलकर रख दी। दुर्भाग्य देखिए एक तरफ़ जब सूबे के मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा को लेकर बयानबाजी कर रहें […] Read more » नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म
जन-जागरण मनोरंजन महिला-जगत समाज सार्थक पहल अवसर मिले तो-महिलायें,क्या कुछ न कर दिखाएं ? January 13, 2021 / January 13, 2021 by निर्मल रानी | 1 Comment on अवसर मिले तो-महिलायें,क्या कुछ न कर दिखाएं ? निर्मल रानी वैसे तो हमारे पौराणिक शास्त्रों में जिस तरह अनेक देवियों,उनके जीवन,उनके कार्यकलापों,अदम्य साहस तथा उनके वैभव का उल्लेख किया जाता उससे तो यही प्रतीत होता है कि महिलायें हमेशा से ही निर्भीक,निडर,साहसी तथा पुरुषों की ही तरह सब कुछ कर गुजरने की क्षमता रखने वाली रही हैं। अन्यथा आज उन देवियों की पूजा […] Read more » ए आई-176 कैप्टन आकांक्षा सोनवरे कैप्टन ज़ोया अग्रवाल कैप्टन पापागरी तनमई कैप्टन शिवानी भारतीय महिला पायलट्स लक्ष्मी सहगल
महिला-जगत लेख समाज घरेलू हिंसा की गहरी होती जड़े January 2, 2021 by ललित गर्ग | Leave a Comment -ः ललित गर्ग :-कोरोना के संक्रमण पर काबू पाने के लिए लगाई गई पूर्णबंदी के दौर में व्यापक पैमाने पर लोगों को रोजगार और रोजी-रोटी से वंचित होना पड़ा और इसके साथ-साथ घर में कैद की स्थिति में असंतुलन, आक्रामकता एवं तनावपूर्ण रहने की नौबत आई। जाहिर है, यह दोतरफा दबाव की स्थिति थी, जिसने […] Read more » domestic violence The deepest roots of domestic violence घरेलू हिंसा
महिला-जगत लेख विधि-कानून कानून के साथ लिंग संवेदीकरण महिलाओं के लिए अच्छा साबित हो सकता है November 10, 2020 / November 10, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment लैंगिक भेदभाव का मूल कारण भारतीय समाज में प्रचलित पितृसत्तात्मक मन है. हालांकि अब ये शहरीकरण और शिक्षा के साथ बदल रहा है, फिर भी एक के लिए लंबा रास्ता तय करना है. सामाजिक कंडीशनिंग और कठोर लिंग निर्माणों की घटनाओं के कारण असमान संतुलन बना हुआ है प्रियंका सौरभ लैंगिक असमानता हमारे समाज में […] Read more » Gender sensitization लिंग संवेदीकरण
महिला-जगत लेख लव जिहाद या इससे भी ज्यादा November 4, 2020 / November 4, 2020 by मुनीष त्रिपाठी | Leave a Comment बीते 26 अक्टूबर को हरियाणा के बल्लभगढ़ के अग्रवाल स्कूल में पढ़ने वाली बीकॉम फाइनल की स्टूडेंट निकिता तोमर के अपहरण के प्रयास में असफल होने पर दो सिरफिरे आशिकों तौसीफ और रेहान ने सरेआम गोली मारकर निकिता की हत्या कर दी। मृतक निकिता के भाई और पिता ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में खुलासा किया […] Read more » love jihad love jihad in kerela love jihad in UP लव जिहाद
महिला-जगत करवा चौथ पर पाएं दमकती त्वचा November 3, 2020 / November 3, 2020 by श्वेता गोयल | Leave a Comment – श्वेता गोयल भारत में सुहागिन महिलाओं का सबसे बड़ा त्यौहार है ‘करवा चौथ’, जो दाम्पत्य जीवन में एक-दूसरे के प्रति समर्पण का अनूठा पर्व माना जाता है। इस विशेष त्यौहार का सुहागिन महिलाएं सालभर इंतजार करती हैं। हालांकि यह व्रत अन्य सभी व्रतों से कठिन माना जाता है, फिर भी देशभर में हर जाति, […] Read more » Get glowing skin on Karva Chauth करवा चौथ करवा चौथ पर पाएं दमकती त्वचा
महिला-जगत लेख विविधा समाज हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता October 28, 2020 / October 28, 2020 by डॉ. शुभ्रता मिश्रा | Leave a Comment डॉ. शुभ्रता मिश्रा हिन्दू धर्म को समझने के लिए उसके प्राचीनतम और आधारभूत धर्मग्रन्थ अर्थात् ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद परम प्रमाण माने गए हैं। इन चारों वेदों में उद्धृत पवित्र मन्त्र वास्तव में ईश्वर की वाणी है, जिनके प्रति सभी हिन्दु धर्माबलंबियों की अगाध श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई है। सृष्टि के अनेक रहस्यों […] Read more » Hindu religion and female freedom कात्यायनी मैत्रयी वैदिक काल की गार्गी सुलभा हिन्दू धर्म और स्त्री स्वतंत्रता
महिला-जगत लेख क्यों भय के दुष्चक्र में है भारत की निर्भयाएं ? October 21, 2020 / October 21, 2020 by प्रियंका सौरभ | Leave a Comment भारत में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से संबंधित मामलों के के निपटान, महिला सुरक्षा उपायों और हैंडलिंग के लिए दुनिया भर में आलोचना की जा रही है। 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में काफी हंगामे के बाद भी, हमने कठुआ मामले, हैदराबाद केस, उन्नाव केस और हाथरस केस की हिंसा को देखा है। यह सूची […] Read more » 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले उत्पीड़न और भेदभाव से मुक्त उन्नाव केस और हाथरस केस कठुआ मामले घरेलू हिंसा नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे भय के दुष्चक्र में है भारत की निर्भयाएं महिलाओं को हिंसा हैदराबाद केस
महिला-जगत समाज कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत ? October 16, 2020 / October 16, 2020 by अनिल अनूप | Leave a Comment अनिल अनूप हाथरस गैंगरेप मामले में पुलिस के रवैए पर कई सवाल उठ रहे हैं? देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन करके और सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर करके आक्रोश जता रहे हैं. देश में किसी लड़की के साथ दरिंदगी का यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल […] Read more » How long will women be raped औरतों की अस्मत कब तक लुटती रहेगी औरतों की अस्मत
महिला-जगत लेख विधि-कानून नाकाम होते महिला दुष्कर्म के कानून October 15, 2020 / October 15, 2020 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव अनेक कानूनी उपाय और जागरूकता अभियानों के बावजूद बच्चों व महिलाओं से दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इनपर गंभीरता से विचार किए बिना हाथरस कांड को भीड़ जातीय आग्रहों-दुराग्रहों को लेकर देशभर में सड़कों पर उतर रही है। चिंतनीय पहलू यह है कि जातिगत आधार पर इस घिनौने मुद्दे को छोटी-बड़ी […] Read more » पोक्सो बलात्कार बाल दुष्कर्म महिला दुष्कर्म के कानून यौन उत्पीड़न निषेध कानून
महिला-जगत लेख समाज ख़ुद की तक़दीर लिखने के लिए आधी आबादी को आगे आना होगा October 7, 2020 / October 7, 2020 by सोनम लववंशी | Leave a Comment महिलाएं देश की आधी आबादी हैं। महिलाओं के बिना किसी भी राष्ट्र की तरक्की और उन्नति की कल्पना करना बेमानी लगता है। फ़िर इक्कीसवीं सदी के भारत में चंद महिलाएं ही क्यों पुरुष-प्रधान समाज के साथ कंधा मिलाकर चल पाने में सक्षम हो पाती हैं? क्या कारण है कि जब भी दुर्दशा जैसे शब्द जुबां […] Read more » आधी आबादी