महिला-जगत ‘ओबोशेषे’ फ़िल्म और स्त्री-अस्मिता – सारदा बनर्जी February 14, 2013 by सारदा बनर्जी | 1 Comment on ‘ओबोशेषे’ फ़िल्म और स्त्री-अस्मिता – सारदा बनर्जी ऐसे किरदार स्त्री-जीवन में खास मायने रखते हैं जो स्त्री की बहुमुखी प्रतिभा को सामने लाए और एक ऐसे व्यक्तित्व से हमें रुबरु कराए जो हम सब स्त्रियों में होना चाहिए या होना संभव है। अदिती राय की बांग्ला फ़िल्म ‘ओबोशेषे’ कई दृष्टियों से एक जानदार फ़िल्म है। इस फ़िल्म में मां-बेटे की केमेस्ट्री को […] Read more »
महिला-जगत सिनेमा धार्मिक पाखंडों और रुढ़ियों पर चोट करती फ़िल्म ‘ओ माइ गॉड’ – सारदा बनर्जी February 6, 2013 / February 6, 2013 by सारदा बनर्जी | 2 Comments on धार्मिक पाखंडों और रुढ़ियों पर चोट करती फ़िल्म ‘ओ माइ गॉड’ – सारदा बनर्जी स्त्रियों का एक बड़ा सेक्शन है जिनका धार्मिक रुढ़ियों और आडम्बरों से बहुत आत्मीयता का संबंध है। खासकर बुज़ुर्ग महिलाओं का विभिन्न तरह के धार्मिक पाखंडों से रागात्मक संबंध आज भी बना हुआ है। इन धार्मिक छल-कपटों में बेइंतिहा भरोसा रखने वाली स्त्रियों को ज़रुर ‘ओ माइ गॉड’ फ़िल्म देखनी चाहिए। ‘ओ माइ गॉड’ विभिन्न […] Read more »
महिला-जगत बलात्कार का स्त्री-जीवन में पड़ता प्रभाव — सारदा बनर्जी February 4, 2013 / February 6, 2013 by सारदा बनर्जी | 4 Comments on बलात्कार का स्त्री-जीवन में पड़ता प्रभाव — सारदा बनर्जी बलात्कार के बढ़ते वारदातों या कहें कि मीडिया-प्रचार के कारण हाइलाइट होकर सामने आते बलात्कार की वारदातों का स्त्री-जीवन पर क्या एफ़ेक्ट हो रहा है? क्या इन खबरों के सामने आने पर स्त्री-सुरक्षा में बढ़ोतरी हो रही है, स्त्री-अस्मिता पर बातें हो रही है या ये खबरें स्त्री-आज़ादी में हस्तक्षेप करने का एक नया औज़ार […] Read more » बलात्कार
महिला-जगत सम्मान तलाशती नारी का ‘नुमाईशी’ बनता शरीर February 1, 2013 / February 1, 2013 by निर्मल रानी | 8 Comments on सम्मान तलाशती नारी का ‘नुमाईशी’ बनता शरीर निर्मल रानी देश की राजधानी दिल्ली में गत् 16 दिसंबर को हुई सामूहिक बलात्कार की घटना ने जहां पूरे देश में नारी उत्पीडऩ के विषय पर राष्ट्रव्यापी बहस को जन्म दिया है वहीं ब्रिटेन जैसे मुल्क में भी इस दौरान इसी विषय पर चर्चा छिड़ी हुई है। गत् दिनों ब्रिटेन में सरकारी तौर पर जारी […] Read more »
महिला-जगत दिल्ली में दुष्कर्म से दहला भारत January 26, 2013 by विजय कुमार | Leave a Comment विजय कुमार 16 दिसम्बर को हम भारत भर में ‘विजय दिवस’ के रूप में मनाते हैं। 1971 में इसी दिन ढाका में हमारे वीर सैनिकों ने पाकिस्तान के 93,000 सैनिकों को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया था। पर राष्ट्रीय गौरव का यह दिन वर्ष 2012 में ‘राष्ट्रीय कलंक’ का दिन बन गया। देश की […] Read more » दिल्ली में दुष्कर्म
महिला-जगत संस्कार और मर्यादा – विपिन किशोर सिन्हा January 18, 2013 by विपिन किशोर सिन्हा | 1 Comment on संस्कार और मर्यादा – विपिन किशोर सिन्हा अब कुछ कहा जा सकता है, तूफान कुछ थम सा गया है, वातावरण कुछ शान्त सा है और युवा कुछ सुनने की स्थिति में हैं। कोई भी समाज या देश तबतक प्रगति नहीं कर सकता जबतक उसके पास चरित्र का बल नहीं होता। अपने देश की समस्त समस्याओं का निदान हमारे पास है, परन्तु हम […] Read more »
महत्वपूर्ण लेख महिला-जगत हिंदू संस्कृति और स्त्री-पुरुष संबंध – मा. गो. वैद्य January 18, 2013 by मा. गो. वैद्य | 2 Comments on हिंदू संस्कृति और स्त्री-पुरुष संबंध – मा. गो. वैद्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन जी भागवत के दो वक्तव्यों को कुछ प्रसार माध्यमों ने विकृत रूप देकर, उस वक्तव्य की और उस बहाने संघ की आलोचना करने की खुजली मिटा ली. उसके बाद, उनमें से अनेकों को पश्चाताप हुआ और उन्होंने क्षमायाचना की. यह ठीक ही हुआ. श्री भागवत जी का एक […] Read more » स्त्री-पुरुष संबंध
महिला-जगत मर्दवादी महिषासुर और स्त्रीवादी दुर्गा – सारदा बनर्जी January 12, 2013 by सारदा बनर्जी | Leave a Comment लोग स्त्री पर जब भी बात करते हैं तो उसे मां, बहन, बीवी, चाची, बुआ, ताई के नज़रिए से देखने पर ज़ोर देते रहते हैं। लेकिन वे स्त्री को एक नागरिक के नज़रिए से नहीं देख पाते। एक स्त्री की सबसे अहम और आधुनिक पहचान नागरिक की पहचान है। वह मां, बहन, बीवी, चाची से […] Read more » नारीवाद मर्दवाद
महिला-जगत महिला विरोधी मानसिकता रखने वालों का महिलाएं करें बहिष्कार January 11, 2013 by निर्मल रानी | 1 Comment on महिला विरोधी मानसिकता रखने वालों का महिलाएं करें बहिष्कार निर्मल रानी नई दिल्ली में गत् 16 दिसंबर की रात एक 23 वर्षीय छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म तथा उसकी सिंगापुर में हुई मौत के बाद जहां देश व दुनिया में इसकी घोर निंदा की जा रही है तथा ऐसे बलात्कारियों के विरुद्ध कठोरतम सज़ा का प्रावधान किए जाने की मांग की जा रही […] Read more »
महिला-जगत महिला आंदोलन की आयातित शब्दावली – मधु किश्वर January 5, 2013 / January 5, 2013 by प्रवक्ता.कॉम ब्यूरो | 5 Comments on महिला आंदोलन की आयातित शब्दावली – मधु किश्वर किसी भी सामाजिक मर्ज की दवा करने के लिए उस समाज की नब्ज को ढंग से पकड़ना पड़ता है। किसी डॉक्टर की चाहे नीयत जितनी भी अच्छी हो लेकिन मान लीजिए वह किसी पीलिया के मर्ज को निमोनिया मानकर इलाज शुरू कर दे तो जाहिर है, ऐसे मरीज का बेड़ा गर्क ही होगा। या फिर […] Read more »
महिला-जगत स्त्री-भाषा – सारदा बनर्जी December 26, 2012 by सारदा बनर्जी | 3 Comments on स्त्री-भाषा – सारदा बनर्जी स्त्री की भाषा पुरुष की भाषा से स्वभावत: भिन्न होती है। स्त्री भाषा के मानदंड पुरुष भाषा के मानदंड से बिल्कुल अलग होते हैं। चाहे ‘पाठ’ के आधार पर कहें या बोलचाल की भाषा के आधार पर। स्त्री पाठ का यदि ठीक-ठीक विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि इसकी प्रकृति पुरुष पाठ […] Read more »
महिला-जगत सभ्य समाज के निर्माण की चुनौती- अरविंद जयतिलक December 23, 2012 by अरविंद जयतिलक | 1 Comment on सभ्य समाज के निर्माण की चुनौती- अरविंद जयतिलक औरत को भोग और वासना का उपनिवेश समझ रखे हैवानों की दरिंदगी और अघोरतम् कृत्यों से देश एक बार फिर शर्मसार हुआ है। घटना देष की राजधानी दिल्ली की है जहां चलती बस में ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा एक छात्रा से गैंगरेप किया गया और फिर मारपीट कर सड़क पर फेंक दिया गया। दिल […] Read more » बलात्कार