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    Homeसाहित्‍यगजलहयाते गुमशुदा ने फिर पुकारा मुझे अभी

    हयाते गुमशुदा ने फिर पुकारा मुझे अभी

    हयाते गुमशुदा ने फिर पुकारा मुझे अभी
    फिरना है दर बदर और ,आवारा मुझे अभी
    .
    जिस्म में बाकी है जां रूह अभी जिंदा है
    लज्जते गम से होने दे आश्कारा मुझे अभी

    राख होने न पाए , आतिशाकुदह सारे
    सुलगाना है हर बुझता शरारा मुझे अभी

    चाहे लाख हो कोशिश ,मिटने दूंगा न उम्मीदे
    ज़वाल जिंदगी का ऐसा, नहीं गवारा मुझे अभी

    जलाए रखो दिए हौसले के , दिल में अभी
    तारीकियों से मिला है ये ,इक इशारा मुझे अभी

    जावेद उस्मानी
    जावेद उस्मानी
    कवि, गज़लकार, स्वतंत्र लेखक, टिप्पणीकार संपर्क : 9406085959

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