लेख देश में धर्म व संस्कृति पर हावी होता बाजारवाद

देश में धर्म व संस्कृति पर हावी होता बाजारवाद

दीपक कुमार त्यागीआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाजारवाद और इसकी ताकतवर व्यवस्था के प्रभाव से समाज का कोई भी वर्ग अछूता नहीं रहा है।…

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धर्म-अध्यात्म गृहलक्ष्मी  बनाम श्रीलक्ष्मी

गृहलक्ष्मी बनाम श्रीलक्ष्मी

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव  महिलाओं की प्रसन्नता, सहयोग और समर्पण से ही पुरुष धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को प्राप्त करने में सफल होता है।…

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राजनीति बैंकों के विश्वास पर ग्रहण लगना!

बैंकों के विश्वास पर ग्रहण लगना!

-ः ललित गर्ग :- पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक के तीन खाताधारकों ने पिछले दो-तीन दिनों में अपनी जीवनलीला इसलिये समाप्त कर दी कि बैंक…

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राजनीति सत्ता का विकेंद्रीकरण और उत्तराखण्ड का हाल

सत्ता का विकेंद्रीकरण और उत्तराखण्ड का हाल

गाँव भी विकास की मुख्य धारा से ज़ुड़े, इसी मकसद से सत्ता के विकेंद्रीकरण के लिए पंचायती राज की कल्पना की गई।मगर सत्ता के विकेंद्रीकरण…

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पुस्तक समीक्षा संभावना और चुनौतियों के बीच मूल्यानुगत मीडिया का आग्रह

संभावना और चुनौतियों के बीच मूल्यानुगत मीडिया का आग्रह

– लोकेंद्र सिंह सक्रिय पत्रकारिता और उसके शिक्षण-प्रशिक्षण के सशक्त हस्ताक्षर प्रो. कमल दीक्षित की नयी पुस्तक ‘मूल्यानुगत मीडिया : संभावना और चुनौतियां’ ऐसे समय में आई है, जब…

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धर्म-अध्यात्म अयोध्या राम मंदिर निर्माण और भगवान श्रीराम की जन्मपत्री

अयोध्या राम मंदिर निर्माण और भगवान श्रीराम की जन्मपत्री

ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव  हिन्दू धर्मशास्त्रों में भगवान श्रीराम जी के कुंडली का सुंदर रुप में चित्रण किया गया है। तुलसीदासकृत वाल्मीकि रामायण में एक…

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कविता खुलेपन के मायने

खुलेपन के मायने

खुलेपन के मायने बदल गए हैं, विचारों के खुलेपन को नहीं , शरीर के खुलेपन को , तरजीह मिलने लगी है। हद होती है, हर…

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राजनीति प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल

प्रकृति ही देगी प्लास्टिक का हल

“आदमी भी क्या अनोखा जीव है, उलझनें अपनी बनाकर आप ही फंसता है, फिर बेचैन हो जगता है और ना ही सोता है।”  आज जब पूरे…

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राजनीति जम्मू-कश्मीर का भारत में अधिमिलन

जम्मू-कश्मीर का भारत में अधिमिलन

विश्व संवाद केंद्र भारत दिल्ली भारत का विभाजन और आधिपत्य की समाप्ति – कोई रियासत स्वतंत्र नहीं सो सकती थी  जब द्वितीय विश्व युद्ध…

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कविता खोई कलम को खोज ले

खोई कलम को खोज ले

धर्म की छत तले अधर्म का कैक्टस पले, जातिवाद का कहर और जिहाद का ज़हर चखकर आज कबीर की वाणी मुख हो गई, ना जाने…

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कविता करवाचौथ पर बीबी की फरमाईशे

करवाचौथ पर बीबी की फरमाईशे

रखती हूँ व्रत बस तुम्हारी ही ज्यादा उम्र के लिये बस करवांचौथ पर इतनी फरमाईश पूरी कर दीजिये हो गई साड़िया बहुत पुरानी फैशन भी…

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राजनीति क्या राजनीति विपक्ष विहीन हो रही है?

क्या राजनीति विपक्ष विहीन हो रही है?

-ः ललित गर्ग :- महाराष्ट्र एवं हरियाणा के विधानसभा चुनाव के परिदृश्यों को देखते हुए एक ज्वलंत प्रश्न उभर के सामने आया है कि क्या…

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