लेख नए मोटर व्हीकल एक्ट से मेरा देश परेशान

नए मोटर व्हीकल एक्ट से मेरा देश परेशान

– ललित गर्ग – नया बना मोटर व्हीकल एक्ट देश को राहत पहुंचाने की बजाय परेशानी का सबब बन रहा है। अनेकों विरोधाभासों एवं विसंगतियों…

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विविधा कार्यकर्त्ता कैसा हो ?

कार्यकर्त्ता कैसा हो ?

डॉ. मधुसूदन​’ (एक)​अनुरोध:​विश्व हिन्दू परिषद (यु. एस. ए.) के नेतृत्व नें अगली पीढी के कार्यकर्ता को, मार्गदर्शक हो, ऐसा आलेख चाहा था। ​अब, ऐसा आलेख…

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विविधा हिंदी के दुश्मन कौन?

हिंदी के दुश्मन कौन?

– लोकेन्द्र सिंह कुछ प्रश्न आपके सामने रख रहा हूं। भारत की बहुसंख्यक आबादी की मातृभाषा कौन-सी है? भारत में सम्पर्क और संवाद की सबसे बड़ी भाषा…

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धर्म-अध्यात्म शारदीय नवरात्रि 2019

शारदीय नवरात्रि 2019

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 29 सितंबर 2019 से शुरु होने जा रहे हैं। हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये पूजा अर्चना के विशेष दिन…

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राजनीति ‘जय श्री राम’ को ‘जेएसआर’ बनाने वाली मानसिकता

‘जय श्री राम’ को ‘जेएसआर’ बनाने वाली मानसिकता

मोदी के बहाने हिन्दुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले नेताओं की संजय सक्सेना हिन्दुस्तान में ऐसे लोगों की लम्बी-चैड़ी फौज है जिनका समाज और…

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राजनीति उदितराज के बदमिजाज का ‘राज’

उदितराज के बदमिजाज का ‘राज’

मनोज ज्वाला चन्द्रमा के अभियान पर जा रहे ‘विक्रम’ नामक भारतीय चन्द्रयान के ‘इसरो’ से सम्पर्क टुटने और जुटने के बीच भारत में सदभावनाओं व…

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कविता राज हर कोई करना है जग चह रहा !

राज हर कोई करना है जग चह रहा !

राज हर कोई करना है जग चह रहा, राज उनके समझना कहाँ वश रहा; राज उनके कहाँ वो है रहना चहा, साज उनके बजा वह कहाँ पा रहा ! ढ़पली अपनी पै कोई राग हर गा रहा, भाव जैसा है उर सुर वो दे पा रहा; ताब आके सुनाए कोई जा रहा, सुनके सृष्टा सुमन मात्र मुसका रहा ! पद के पंकिल अहं कोई फँसा जा रहा, उनके पद का मर्म कब वो लख पा रहा; बाल बन खेल लखते मुरारी रहे, दुष्टता की वे सारी बयारें सहे ! सृष्टि सारी इशारे से जिनके चले,  सहज होके वे जगती पै क्रीड़ा करे; जीव गति जान कर तारे उनको चले, कर विनष्टि वे आत्मा में अमृत ढ़ले !  हर निमिष कर्म करके वे प्रतिपालते, धर्म अपना धरे वे प्रकृति साधते; ‘मधु’ है उनका समझ कोई कब पा रहा, अपनी जिह्वा से चख स्वाद बतला रहा !  ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’

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विज्ञान चंद्रयान शब्द का अनुसंधान और…..

चंद्रयान शब्द का अनुसंधान और…..

डॉ. मधुसूदन ​​​ (एक) आलेख सारांश:​ॐ==> चंद्रयान शब्द कैसे बना ?​ॐ===>संस्कृत शब्द के सरल  पारदर्शक अर्थ। ​ॐ===> इसी संदर्भ से, (आधार ) अन्य रचे गए…

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विविधा व्यक्ति प्रकृति और संस्कृति के अनुकूल बनें शासन की नीतियां

व्यक्ति प्रकृति और संस्कृति के अनुकूल बनें शासन की नीतियां

बृजनन्दन राजू भविष्य के भारत की कल्पना करने से पहले हमें अपनी गौरवशाली परंपरा का स्मरण करना होगा। हम क्या थे कहां थे आज कहां…

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राजनीति साम्प्रदायिक सद्भाव और मुस्लिम कट्टरता

साम्प्रदायिक सद्भाव और मुस्लिम कट्टरता

पिछले सप्ताह संघ व जमायते-उलेमा-हिन्द के प्रमुखों की एक बैठक दिल्ली में संघ के मुख्य कार्यालय में हुई। देश में  साम्प्रदायिक सद्भाव व सौहार्द का…

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राजनीति यूपीःकांगे्रस को मिले युवा नेतृत्व तो बने बात

यूपीःकांगे्रस को मिले युवा नेतृत्व तो बने बात

संजय सक्सेना उत्तर प्रदेश में कांगे्रस के हौसलों को उड़ान नहीं मिल पा रही है। प्रियंका वाड्रा गांधी की तमाम कोशिशों के बाद भी कांगे्रसी…

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विविधा बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का मोदी संकल्प

बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने का मोदी संकल्प

– ललित गर्ग- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दूसरी पारी के सौ दिन पूरे होने के बाद अब प्रकृति- पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण-मुक्ति के लिये सक्रिय…

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