गोली नेकी वाली
Updated: October 21, 2019
“ये दौरे सियासत भी क्या दौरे सियासत है चुप हूँ तो नदामत है ,बोलूँ तो बगावत है” आम वोटर चुनाव के वक्त ऐसे ही सोचता है कि…
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सांस्कृतिक संवेदनहीनता के समय में लोकजीवन और मीडिया
Updated: October 21, 2019
-प्रो. संजय द्विवेदी ‘मोबाइल समय’ के दौर में जब हर व्यक्ति कम्युनिकेटर, कैमरामैन और फिल्ममेकर होने की संभावना से युक्त हो, तब असल खबरें गायब…
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आइए जिंदगी को सवारें
Updated: October 21, 2019
-ललित गर्ग-जिंदगी को हर कोई अनूठा रचना चाहता है एवं तरक्की के शिखर देना चाहता है। इसी भांति जिन्दगी के मायने भी सबके लिये भिन्न-भिन्न…
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घर ही नहीं, घट को भी रोशन करें
Updated: October 20, 2019
– ललित गर्ग – भारत को त्यौहारों का देश माना जाता है। दीपावली सबसे अधिक प्रमुख त्यौहार है। यह त्यौहार दीपों का पर्व है। जब…
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डेंगू के डंक से बीमार है पटना, आखिर इसका कैसे होगा समाधान
Updated: October 20, 2019
– मुरली मनोहर श्रीवास्तव आखिर बिहार को क्या हो गया है? अपने ही आंगन में अपने लाल दम तोड़ रहे हैं और सरकार चाहकर भी…
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अम्मा
Updated: October 20, 2019
अम्मा की उम्र यही होगी क़रीब 78 साल और बाबूजी होंगे 82 के। अम्मा बड़ी लगन से पूजा पाठ व्रत उपवास करती थीं उनके व्रत …
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हिंदूराष्ट्र के स्वप्नद्रष्टा : बंदा वीर बैरागी
Updated: October 20, 2019
अध्याय — 6 लक्ष्मण देव से बने बैरागी माधोदास क्रांतिकारी नेताओं को जन्म देने में भारत भूमि प्राचीन काल से ही उर्वरा भूमि के रूप…
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तुम सुर में बसी उनकी झलक!
Updated: October 20, 2019
तुम सुर में बसी उनकी झलक, लख लिया करो; भाए न भाए उनकी ग़ज़ल, गा लिया करो ! दरम्यान उनके औ तुम्हारे, दूरियाँ कहाँ; दरवाज़ा खोल बार बार, मिल लिया करो ! आँखों का नूर चित को चूर, करता रहा है; आहिस्ते बना रिश्ते खुद को, खो दिया करो ! खोये वहीं हैं हर ही सबब, शब्द में सोये; चुपचाप उनकी चाप सुने, सुध लिया करो ! हर उर के आफ़ताब झाँके, झरोखे रहे; ‘मधु’ उनकी सृष्टि मुस्कराए, ध्यान तुम करो ! ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’
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“दीदी बनाम दादा” बंगाल चुनाव।
Updated: October 20, 2019
जी हां बंगाल की राजनीति में बहुत बड़े उलट फेर होने का दृश्य दिखाई देने लगा है। क्योंकि, बंगाल की राजनीति में दीदी बड़ी ही…
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देश में धर्म व संस्कृति पर हावी होता बाजारवाद
Updated: October 20, 2019
दीपक कुमार त्यागीआज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाजारवाद और इसकी ताकतवर व्यवस्था के प्रभाव से समाज का कोई भी वर्ग अछूता नहीं रहा है।…
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गृहलक्ष्मी बनाम श्रीलक्ष्मी
Updated: October 21, 2019
ज्योतिष आचार्या रेखा कल्पदेव महिलाओं की प्रसन्नता, सहयोग और समर्पण से ही पुरुष धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को प्राप्त करने में सफल होता है।…
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बैंकों के विश्वास पर ग्रहण लगना!
Updated: October 18, 2019
-ः ललित गर्ग :- पंजाब एंड महाराष्ट्र कोआपरेटिव बैंक के तीन खाताधारकों ने पिछले दो-तीन दिनों में अपनी जीवनलीला इसलिये समाप्त कर दी कि बैंक…
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