कला-संस्कृति मकर संक्रांति: पतंगबाजी, आनंद, संस्कृति और चेतना

मकर संक्रांति: पतंगबाजी, आनंद, संस्कृति और चेतना

भारत में पतंग उड़ाने को एक बहुत पुरानी परंपरा माना जाता है। इसका ज़िक्र इतिहास और लोककथाओं में मिलता है। यह शाही महलों में पराक्रम…

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राजनीति ‘भजन-राज’ यानी ‘भरोसे के शासन’ में राजस्थान के नये आयाम

‘भजन-राज’ यानी ‘भरोसे के शासन’ में राजस्थान के नये आयाम

मुख्यमंत्री पद संभालते ही भजनलाल शर्मा ने यह साफ कर दिया कि वे सत्ता को साधन मानते हैं, साध्य नहीं। उनका एजेंडा कुर्सी बचाने का…

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खान-पान लोक पर्वों में समता का उत्सव: मकर संक्रांति

लोक पर्वों में समता का उत्सव: मकर संक्रांति

मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सामूहिक चेतना, कृषि संस्कृति और सामाजिक समता का प्रतीक है। यह त्योहार सूर्य के उत्तरायण होने का…

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खान-पान तिल-गुड़ और पतंगें : संक्रांति का वह दर्शन, जो सिखाता है समरसता और उड़ान

तिल-गुड़ और पतंगें : संक्रांति का वह दर्शन, जो सिखाता है समरसता और उड़ान

मकर संक्रांति का आधार पूर्णतः वैज्ञानिक और खगोलीय है। यह वह संधि काल है जब सूर्य दक्षिणायन की यात्रा पूर्ण कर 'उत्तरायण' की ओर अग्रसर…

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खान-पान आचार, विचार, आहार और सुधार

आचार, विचार, आहार और सुधार

आचार, विचार और व्यवहार जीवन के तीन अभिन्न अंग हैं जहाँ विचार (Thoughts) मन की सोच हैं, आचार (Conduct/Ethics) उन विचारों से उत्पन्न नैतिक कार्य…

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आलोचना बिलासपुर घटना: साहित्यिक मंच पर सत्ता का दुरुपयोग

बिलासपुर घटना: साहित्यिक मंच पर सत्ता का दुरुपयोग

मनोज रूपड़ा एक प्रतिष्ठित हिंदी साहित्यकार हैं जिनके कई कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी रचनाएं अधिकांश भारतीय भाषाओं में अनुवादित हैं, और वे वनमाली कथा सम्मान, इंदु शर्मा कथा सम्मान, पाखी सम्मान जैसे पुरस्कारों से सम्मानित हैं। रूपड़ा छत्तीसगढ़ के दुर्ग-भिलाई क्षेत्र से जुड़े हैं और वर्तमान में चित्रकला में भी सक्रिय हैं।

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लेख भारत रत्न के बनते ‘खुदरा बाजार’ से उठते सियासी सवाल?

भारत रत्न के बनते ‘खुदरा बाजार’ से उठते सियासी सवाल?

बता दें कि 1980 में कांग्रेस सरकार ने पुनः इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान को प्रारम्भ किया। आमतौर पर इसे गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर राष्ट्रपति…

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धर्म-अध्यात्म सूर्य आराधना, सांस्कृतिक एकता और नव संकल्प का महापर्व: मकर संक्रांति

सूर्य आराधना, सांस्कृतिक एकता और नव संकल्प का महापर्व: मकर संक्रांति

मुगल काल में यह अक्सर 10-11 जनवरी को मनाई जाती थी। हमारे पौराणिक ग्रंथों ऋग्वेद और यजुर्वेद में सूर्य की उपासना और उत्तरायण को शुभकाल…

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धर्म-अध्यात्म मकर संक्रांति : भारतीय संस्कृति का शाश्वत महापर्व

मकर संक्रांति : भारतीय संस्कृति का शाश्वत महापर्व

भारतीय संस्कृति पर्वों और उत्सवों की संस्कृति है। यहां प्रत्येक पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन, प्रकृति से संवाद और आत्मचिंतन का माध्यम है। इन्हीं…

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धर्म-अध्यात्म ऋतु परिवर्तन का लोकउत्सव: लोहड़ी और नई ऋतु की दस्तक

ऋतु परिवर्तन का लोकउत्सव: लोहड़ी और नई ऋतु की दस्तक

लोहड़ी का उत्सव प्रकृति के उस चक्र का उत्सव है, जिसमें हर ठहराव के बाद गति और हर कठिनाई के बाद संभावना जन्म लेती है।…

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खान-पान खुशियों का संदेशवाहक पर्व है लोहड़ी

खुशियों का संदेशवाहक पर्व है लोहड़ी

घर में अथवा घर के बाहर खुले स्थान पर अग्नि जलाकर लोग उसके इर्द-गिर्द इकट्ठे होकर आग सेंकते हुए अग्नि में मूंगफली, गुड़, तिल, रेवड़ी,…

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विश्ववार्ता ट्रम्प की लाठी, ट्रम्प की भैंस

ट्रम्प की लाठी, ट्रम्प की भैंस

ट्रम्प की लाठी, ट्रम्प की भैंस

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