देश से पहले संस्कृति बचाओ
Updated: January 1, 2018
राकेश कुमार आर्य भारत में अध्यात्म और मानव समाज का चोली दामन का साथ है। बिना अध्यात्म के भारत में मानव समाज की कल्पना ही…
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चालाक लोमड़ी
Updated: January 1, 2018
एक लोमड़ी थी चालाक । उसको थी रोटी की ताक ।। उसने देखा आँख उठा कर। कौआ बैठा दिखा पेड़ पर ।। कौए के मुँह…
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साहित्य प्रकाशन बनाम सोशल मीडिया का प्रभाव
Updated: January 1, 2018
डॉ.अर्पण जैन ‘अविचल’ एक दौर था, जब साहित्य प्रकाशन के लिए रचनाकार प्रकाशकों के दर पर अपने सृजन के साथ जाते थे या फिर…
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आत्मा अविनाशी तथा इसका शरीर नाशवान है
Updated: January 1, 2018
–मनमोहन कुमार आर्य हम मननशील होने से मनुष्य कहलाते हैं। मनन हम सत्यासत्य व उचित अनुचित का ही करते हैं। सत्य व उचित बातों का…
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वैदिक विवाह का स्वरूप और आधुनिक विवाह परम्परा में धन का अपव्यय
Updated: January 1, 2018
-मनमोहन कुमार आर्य संसार का सबसे प्राचीन धर्म व संस्कृति वैदिक धर्म है। संसार के सभी मनुष्यों का धर्म एक ही होता है और वह…
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भैया! , सही सही लगाओ
Updated: January 1, 2018
अमित शर्मा “सस्ता रोये बार बार, मँहगा रोये एक बार” यह कहावत सदियो से (पैदल)चली आ रही है लेकिन इस कहावत से पूंजीवादी होने की…
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कर्मफल
Updated: January 1, 2018
डा. राधेश्याम द्विवेदी भारतीय संस्कृति कर्मफल में विश्वास करती है । हमारे यहाँ कर्म की गति पर गहन विचार किया गया है और बताया गया…
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शब्द
Updated: January 1, 2018
काल “कलयति संख्याति सर्वान् पदार्थान् स कालः।” [जो जगत् के सब पदार्थो और जीवों को आगे बढ़ने को बाध्य करता है और उनकी संख्या (आयु)…
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दुर्जन से कैसी सज्जनता …
Updated: January 1, 2018
क्या पाकिस्तान के अनेक अपमानजनक व अमर्यादित कटु व्यवहारों के बाद भी हम मौन रहें और उसे सहते रहें , पर कब तक और क्यों…
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ईसाई नववर्ष की शुभकामनाएं
Updated: January 1, 2018
देवेंद्र सिंह आर्य   ईसाई नववर्ष 2018 का आगमन हो गया है। इस अवसर पर सभी लोगों का परस्पर शुभकामनाओं का आदान-प्रदान हो रहा…
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बढ़ती दुर्घटनाओं की नृशंस चुनौतियां
Updated: January 1, 2018
– ललित गर्ग- घने कोहरे के कारण आगरा एक्सप्रेस-वे पर एक और हादसा हुआ। जिसमें छह लोगों की जान चली गई। गलत साइड से आ…
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कांग्रेसी संस्कृति के नये अध्याय
Updated: January 1, 2018
डा. रामधारी सिंह ‘दिनकर’भारत के एक महान साहित्यकार थे। उनकी एक कालजयी पुस्तक है ‘संस्कृति के चार अध्याय’। चार मोटे खंडों वाली इस पुस्तक को…
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