समाज  बलात्कार: पितृसत्ता का हिंसात्मक उत्सव

 बलात्कार: पितृसत्ता का हिंसात्मक उत्सव

जब महिला एवं बाल विकास मंत्री  मेनका गाँधी ने नवम्बर 2016 में यह बयान दिया था कि बलात्कार के मामलों के संदर्भ में भारत उन…

Read more
समाज हमारा भारत महान….कैसे हो..?

हमारा भारत महान….कैसे हो..?

क्या भारत में भारत के ही मूल धर्म व संस्कृति को नष्ट करने वालों के विरुद्ध कोई राजनैतिक दल सक्रिय होगा या केवल उनकी धार्मिक…

Read more
व्यंग्य जूता जासूस

जूता जासूस

किसी जमाने में एक शायर हुआ करते थे अकबर इलाहबादी। पेशे से तो वे न्यायाधीश थे; पर उनकी प्रसिद्धि उनकी चुटीली शायरी से अधिक हुई।…

Read more
राजनीति जाधव मामला : एक और पाकिस्तानी प्रहसन

जाधव मामला : एक और पाकिस्तानी प्रहसन

सुरेश हिन्दुस्थानी भारत के बारे में पाकिस्तान कैसा सोच रखता है, इसका खुलासा एक बार फिर हो चुका है। कई अवसरों पर पाकिस्तान की यह…

Read more
विधि-कानून …तो फिर 2जी घोटाले का दोषी कौन?

…तो फिर 2जी घोटाले का दोषी कौन?

देश में संप्रग सरकार के समय हुए 2जी घोटाले में न्यायालय के निर्णय के साथ ही भाजपा और कांग्रेस में राजनीतिक बयानबाजी प्रारंभ हो गई…

Read more
विधि-कानून न्याय की धीमी गति पर खड़े हुए सवाल 

न्याय की धीमी गति पर खड़े हुए सवाल 

 ललित गर्ग देश में कानून प्रक्रिया की धीमी एवं सुस्त गति एक ऐसी त्रासदी बनती जा रही है, जिसमें न्यायालयों में न्याय के बजाय तारीखों…

Read more
राजनीति भारत को लेकर अमेरिका का बदलता दृष्टिकोण

भारत को लेकर अमेरिका का बदलता दृष्टिकोण

राकेश कुमार आर्य   अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का भारत के प्रति दृष्टिकोण प्रारम्भ से ही लचीला रहा है। इसका अभिप्राय यह कतई…

Read more
लेख वर्ण धर्म और भक्ति : हरि को भजे सो हरि का होई

वर्ण धर्म और भक्ति : हरि को भजे सो हरि का होई

डॉ. चंदन कुमारी क्षिति, जल, पावक, गगन और समीर– इन पंचभूतों की समनिर्मिति है समग्र सृष्टि फिर भेद-भाव वाली द्वैतबुद्धि का औचित्य कैसा ! गोस्वामी…

Read more
लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-26

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-26

 राकेश कुमार आर्य गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज चिन्तन वही ऊंचा और पवित्र होता है-जिसमें ‘ऋत’ और ‘सत्य’ की साधना की जाती है।…

Read more
लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-25

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-25

राकेश कुमार आर्य   गीता का चौथा अध्याय और विश्व समाज गीता के इन श्लोकों में यह तथ्य स्पष्ट किया गया है कि संसार…

Read more
विविधा जिसको न निज गौरव न निज देश का अभिमान है

जिसको न निज गौरव न निज देश का अभिमान है

राकेश कुमार आर्य   भारत में राष्ट्र की सर्वप्रथम कल्पना की गयी। सम्पूर्ण भूमण्डल पर भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो अपने राष्ट्रवाद…

Read more
समाज क्या यह  लव “जिहाद” होगा….?

क्या यह  लव “जिहाद” होगा….?

यह सर्वविदित ही हैं कि मुगलकालीन इतिहास को छोड़कर भी देखे तो वर्तमान में दशकों से जिहादी मानसिकता के अंतर्गत मुसलमान गैर मुस्लिम लड़कियों को…

Read more