आर्थिकी जीएसटी: एक सार्थक पहल

जीएसटी: एक सार्थक पहल

विगत कुछ समय से जीएसटी पर जारी अनवरत चर्चा की गहराई में जाने पर व्यापारी वर्ग की मायूसी का पता चलता है । हैरानी इस…

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राजनीति आई आई ए!

आई आई ए!

आई फ ॉर आई यानी इण्डिया फ ॉर इजराइल एवं इजराइल फ ॉर इण्डिया तथा इण्डिया विद इजराइल एवं इजराइल विद इण्डिया की आत्मीयता के…

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शख्सियत कम्युनिज्म से अध्यात्म की यात्रा : उदासीन संत रामजीदास

कम्युनिज्म से अध्यात्म की यात्रा : उदासीन संत रामजीदास

मार्क्स और लेनिन को पढ़ने वाला, लिख-गा रहा है नर्मदा के गीत – लोकेन्द्र सिंह ऐसा कहा जाता है- ‘जो जवानी में कम्युनिस्ट न हो, समझो उसके पास…

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राजनीति ‘‘खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे’’

‘‘खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे’’

यह भी उल्लेखनीय है कि उस समय तेज प्रताप की उम्र साढ़े तीन बरस की थी, और यह जमीन रमा देवी से तेज प्रताप के…

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समाज इन्ही हाथों से तकदीर बना लेंगे

इन्ही हाथों से तकदीर बना लेंगे

मोहम्मद अनीस उर रहमान खान असफल और मेहनत से परहेज़ करने वाले लोगों के मुंह से सामान्यता: यह वाक्य सुना जाता है कि “भाग्य में ही लिखा था…

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जन-जागरण कब पूछेंगे यह बहते आसूं

कब पूछेंगे यह बहते आसूं

कश्मीर की कल की तीन घटनाओं ने हृदय को द्रवित कर दिया है। आखिर कब तक हम यूंही आंसू बहाते रहेंगे ? क्या समस्याओं का…

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जन-जागरण सेल्फी की चाहत में मौत को गले लगाते युवा

सेल्फी की चाहत में मौत को गले लगाते युवा

आजकल सेल्फी युवाओं की मौत का सबब बनती जा रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक बार फिर सेल्फी की चाहत ने आठ युवा दोस्तों…

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राजनीति एकता मंचन में भी ‘एकल प्रस्तुति’

एकता मंचन में भी ‘एकल प्रस्तुति’

अत: कांग्रेस को वह शांति से खामोशी से देख रही है। वह देख रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एकता सम्मेलन में भी कटाक्ष…

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राजनीति बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही ‘राहुल’ काफी है

बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही ‘राहुल’ काफी है

राकेश कुमार आर्य  अवधूत दत्तात्रेय हर क्षण किसी से ज्ञान प्राप्त करने के लिए तत्पर रहा करते थे। वह पशु-पक्षियों एवं कीट पतंगों की…

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राजनीति नारी शक्ति और ममता बैनर्जी

नारी शक्ति और ममता बैनर्जी

-''महिलाओं की स्थिति देखने के लिए दक्षिण एशिया के सोनागाछी घूमकर आइये जो कि यहां का सबसे बड़ा वेश्यालय है। कालीघाट, बहूबाजार, खिदिरपुर और लेबूतल्ला…

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विविधा हिन्दुओं की आस्था पर प्रहार कब तक?

हिन्दुओं की आस्था पर प्रहार कब तक?

ललित गर्ग- जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पंद्रह साल बाद एक बार फिर कायराना हरकत की है। हिन्दू आस्था और सौहार्द पर आतंकवाद का कहर टूटा…

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राजनीति राजनीति में एक ‘नचकैंया भालू’

राजनीति में एक ‘नचकैंया भालू’

 राकेश कुमार आर्य भारत लोकतंत्र की जन्मस्थली है। आज का ब्रिटेन और अमेरीका तो भारत के लोकतंत्र की परछाईं मात्र भी नहीं है। हमारे ‘शतपथ…

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