राजनीति हर हाल में नोचने होंगे आतंक के पंख

हर हाल में नोचने होंगे आतंक के पंख

बस, अब और नहीं …. राजनीति करने के बजाय सरकार के साथ खड़े हो इस मुद्दे पर सभी दल। डॉ घनश्याम बादल आतंकवाद का एक…

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लेख नैतिक पतन की ओर बढ़ रही लिव इन की बुराई को रोकना होगा 

नैतिक पतन की ओर बढ़ रही लिव इन की बुराई को रोकना होगा 

लिव इन में रह रही युवती के अपहरण का प्रयास , महिला पर चढ़ाई गाड़ी ।यह खबर आज के समाचार पत्रों में प्रकाशित है ।…

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राजनीति हिंदू काफ़िरों.. सावधान..!

हिंदू काफ़िरों.. सावधान..!

~ कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल  हिंदू काफ़िर है और काफ़िरों के साथ जिहादी आतंकी कैसा सलूक करते हैं।ये देखना है तो भारत में 7 वीं सदी…

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राजनीति पहलगाम में मजहबी आतंक का सबसे बर्बर चेहरा

पहलगाम में मजहबी आतंक का सबसे बर्बर चेहरा

-ललित गर्ग-जम्मू-कश्मीर में स्थित पहलगाम, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, मंगलवार को एक भीषण, दर्दनाक एवं अमानवीय आतंकी हमले का गवाह…

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राजनीति चिनगारी का खेल बुरा होता है !

चिनगारी का खेल बुरा होता है !

हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले में विदेशी नागरिकों समेत 26 की मौत हो गई, और मरने वालों में अधिकांश पुरुष हैं। वास्तव में यह…

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कविता अभी तो मेंहदी सूखी भी न थी

अभी तो मेंहदी सूखी भी न थी

— पहलगाँव हमले पर एक कविता अभी तो हाथों से उसका मेंहदी का रंग भी नहीं छूटा था,कलाईयों में छनकती चूड़ियाँ नई थीं,सपनों की गठरी…

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कविता पहलगाम के आँसू

पहलगाम के आँसू

वो बर्फ से ढकी चट्टानों की गोद में,जहाँ हवा भी गुनगुनाती थी,जहाँ नदियाँ लोरी सुनाती थीं,आज बारूद की गंध बसी है। वो हँसी जो बाइसारन…

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कविता पहलगाम की चीख़ें

पहलगाम की चीख़ें

जब बर्फ़ीली घाटी में ख़ून बहा,तब दिल्ली में सिर्फ़ ट्वीट हुआ।गोलियाँ चलीं थी सरहद पार से,पर बहस चली—”गलती किसकी है सरकार से?” जो लड़ रहे…

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राजनीति पहलगाम हमला: कब सीखेंगे सही दुश्मन पहचानना?

पहलगाम हमला: कब सीखेंगे सही दुश्मन पहचानना?

“पहलगाम का सच: दुश्मन बाहर है, लड़ाई घर के भीतर” पहलगाम हमला जिहादी मानसिकता का परिणाम है। मोदी सरकार ने हमेशा आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब…

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लेख चरित्र निर्माण के बिना दौड़ता जीवन!

चरित्र निर्माण के बिना दौड़ता जीवन!

 आत्माराम यादव पीव जिन्दगी के 60 बसंत पंख लगाकर कब फुर्र से उड़ गए पता ही नहीं चला किन्तु एक पुराना वाकया याद आ गया जहा स्कुल से मिले चरित्र प्रमाणपात्र के बाद जीवन में पुलिस से प्रमाणित चरित्र प्रमाण पत्र माँगा गया, मैंने जबाव दिया की जब बिना चरित्र के अब तक गुजर गई तब वे पुलिस वाले जो खुद चरित्रहीन है वे कैसे और क्यों मेरे चरित्र की गारंटी लेंगेl चरित्र मेरा है इसलिए अपने चरित्र की गारंटी मैं खुद ले सकता हूँ, पुलिसवाले गारंटी दे यह बात गले नहीं उतरी थीl मेरे चरित्र के विषय में 100 प्रतिशत गारंटी मेरी मान्य होने चाहिए वाकी जो घटिया चरित्र को छुपाकर में अपने घर परिवार या बाल सखा आदि के साथ रहता हूँ वे मेरे सच्चे मित्र होने के साथ मेरे सुख दुःख के साथी भी है l मेरे विषय में मेरे मोहल्ले पड़ोस या साथ रहने वाले फिफ्टी फिफ्टी मेरे चरित्र का प्रमाण दे तो समझ आती है किन्तु जो पुलिस मुझे न जानते समझते मेरे चरित्र की गारंटी ले तो वैसी ही बात होगी जैसे आज महंगाई ढीठ- हरजाई-जैसी प्रेमिका के रूप में सोने की कीमतों को आसमान पर बिठाले है, भला सोने के उतार चढ़ाव को यह बाजार क्या जाने, जब बाजार भावों को नहीं समझ सकता तो पुलिस  जो कहीं भी मेरे न तो आगे है और न पीछे है वह चरित्र की गारंटी कैसे ले सकती है? जरा विचार कीजिये मैं जीवन में कुछ बनना चाहता हूँ किन्तु न तो सरकार बनाने को तैयार है और न ही इस देश में एसी…

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राजनीति बंगाल में बांग्लादेश सरीखे हालात, सैकड़ों हिन्दू परिवार कर रहे पलायन

बंगाल में बांग्लादेश सरीखे हालात, सैकड़ों हिन्दू परिवार कर रहे पलायन

लेखक:हरेंद्र प्रताप (पूर्व बिहार विधान परिषद के सदस्य) वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हाल में बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में भीषण हिंसा हुई। उपद्रवियों ने…

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कविता फ़ुर्क़त वो दिन भी लाएगी

फ़ुर्क़त वो दिन भी लाएगी

फ़ुर्क़त वो दिन भी लाएगीतू फिर से मिलने आएगी दर्द कभी तो ठहरेगा हीक्या जो साँस नहीं आएगी नाज़ुक सी है शम्म-ए-मोहब्बतहवा लगी तो बुझ…

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