मैं ही, मैं हूं दूसरा कोई नहीं!
Updated: December 26, 2016
-संजय द्विवेदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखकर अनेक राजनीतिक टिप्पणीकारों को इंदिरा गांधी की याद आने लगी है। कारण यह है कि भाजपा जैसे दल…
Read more
तो अब प्रियंका गांधी के सहारे मजबूत होंगे राहुल ?
Updated: December 26, 2016
निरंजन परिहार- कांग्रेस अब बदलाव की तैयारी में है। अपने 131वें स्थापना दिवस से पहले कांग्रेस प्रियंका गांदी को पार्टी में पद पर लाकर राहुल…
Read more
नज़र नहीं, नजरिया बदलिए
Updated: December 26, 2016
शालिनी तिवारी वास्तव में हम सबके पास प्रभु प्रदत्त अतुलनीय सुन्दर काया और अद्वितीय चिन्तनशील मस्तिष्क है. इसके लिए हम सबको उस परमपिता परमेश्वर को…
Read more
सुननेवालों के दिल मे उतरने वाले थे सुर सम्राट मोहम्मद रफी
Updated: December 26, 2016
अनिल अनूप मोहम्मद रफी की आवाज के बिना हिंदी सिने संगीत की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उनके शास्त्रीय संगीत पर आधारित गीतों की…
Read more
ये हमारे समाज के ही सामान्य प्राणी हैं
Updated: December 26, 2016
अनिल अनूप मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय ने फ़ैसला सुनाया है कि हिजड़े पुरुष ही हैं और उन्हें महिला नहीं माना जा सकता। उच्च न्यायालय…
Read more
अटलजी व भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रवादी यात्रा
Updated: December 26, 2016
जन्मदिवस 25 दिसम्बर के अवसर पर डा. राधेश्याम द्विवेदी 1925 ई. में कुछ राष्ट्रवादी महापुरूषों ने माननीय श्री केशव हेडगेवार के नेतृत्व में एक गैर…
Read more
महागठबंधन का सगूफा : अवसरवादी व अनिश्चितता को बढ़ावा
Updated: December 26, 2016
डा. राधेश्याम द्विवेदी महागठबंधन भारत का विलक्षण अवसरवादी प्रयोगः-राष्ट्रीय राजनीति में महागठबंधन एक विलक्षण प्रयोग है। भारत में मुख्यतः पक्ष और विपक्ष की दो ही…
Read more
गजब देश की अजब पार्टियां !
Updated: December 26, 2016
निरंजन परिहार न कभी चुनाव लड़ा, न कोई सदस्य। न ही कोई ठीक ठाक पता और न किसी पदाधिकारी की पहचान। फिर भी हमारे…
Read more
जन के मन की वह जाने पर उनके मन की राम
Updated: December 26, 2016
निर्मल रानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबसे सत्तासीन हुए हैं तबसे उन्होंने जनता को संबोधित करने के लिए एक नई परिपाटी शुरु की है। वे एक…
Read more
“हम भारत के लोग “ और नेताओं के बीच यह अंतर क्यों
Updated: December 26, 2016
लोकतंत्र में देश की प्रजा उसका शरीर होती है लोकतंत्र उसकी आत्मा जबकि लोगों के लिए , लोगों के ही द्वारा चुनी गई सरकार उस…
Read more
कभी टीवी और फिल्मों के बारे में सोचा नहीं: बोधिसत्व
Updated: December 26, 2016
-अनिल अनूप डॉ. बोधिसत्व ने अपने बचपन में यह तो ज़रूर सोचा था कि उन्हें लोकप्रिय होना है, लेकिन टेलीविजन और फिल्मों के लेखन द्वारा…
Read more
राष्ट्रीयता के प्रतिमूर्ति मालवीय जी
Updated: December 28, 2016
अरविंद जयतिलक पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से…
Read more