धर्म-अध्यात्म सृष्टि उत्पत्ति विषयक वैदिक सिद्धान्त और महर्षि दयानन्द

सृष्टि उत्पत्ति विषयक वैदिक सिद्धान्त और महर्षि दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य सृष्टि की उत्पत्ति के विषय में महाभारत काल के बाद उत्पन्न मत-मतान्तरों के साहित्य में अनेक प्रकार की अवैज्ञानिक व अविश्वनीय विचार…

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विविधा व्यवसाय व राजनीति के घनचक्कर में पानी तथा सूखा

व्यवसाय व राजनीति के घनचक्कर में पानी तथा सूखा

जल ही जीवन है .जीवन के लिए जरुरी यह अमृत पाताल के पैंदे में जा पहुंचा है .गर्मी के दस्तक ने ही पानी रूपी संकट…

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विविधा ज्ञानीजी का कैसा 100 वां जन्म दिन?

ज्ञानीजी का कैसा 100 वां जन्म दिन?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक आज ज्ञानी जैलसिंह का 100 वां जन्मदिन है। यह जन्मदिन राष्ट्रपति भवन में मनाया गया। ज्ञानीजी की बेटियों ने मुझसे भी आग्रह…

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कहानी स्टेशन के कानून

स्टेशन के कानून

रामलाल रेलवे स्टेशन पर फलों की ठेली लगाता था। बिहार के अपने गांव से बारह साल पहले जब वह यहां आया था, तब उसकी उम्र…

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राजनीति जनसूचना कानून में और सुधार की जरूरत

जनसूचना कानून में और सुधार की जरूरत

डॉ. राधेश्याम द्विवेदी प्रक्रियागत खामियाँ:- भारत के अनेक प्रान्तों के जन सूचना आयुक्त बहुत ही अच्छी तरह से समाज एवं सरकार मे व्याप्त अनियमितताएं उजागर…

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विविधा आठ मई : मातृ दिवस

आठ मई : मातृ दिवस

डा. राधेश्याम द्विवेदी नारी बड़ी विचित्र प्रकृति की होती है। वह पक्षी के समान आकाश में स्वच्छंद घूमकर इतनी खुशी महसूस नहीं करती जितनी पति,…

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शख्सियत आचार्य महाश्रमण

आचार्य महाश्रमण

पंथ और ग्रंथ के भेद से ऊपर एक निराला संत -ललित गर्ग- भगवद्गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को हिदायत दी है, तुम गुण ही गुण…

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राजनीति नया रूप लेता आरक्षण

नया रूप लेता आरक्षण

संदर्भ- गुजरात में पटेल समुदाय को आरक्षण- प्रमोद भार्गव पटेल आरक्षण आंदोलन की आग में झुलस रही गुजरात की भाजपा सरकार ने आर्थिक रूप से…

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पर्यावरण जलते पहाड़ ,दोषी कौन?

जलते पहाड़ ,दोषी कौन?

मृत्युंजय दीक्षित देश के पहाड़ जल रह हैं, चाहे वह उत्तराखंड हो या फिर शिमला या फिर जम्मू कश्मीर के। पहाड़ों में लगी आग ने…

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राजनीति देश के विश्वविद्यालयों में आखिर हो क्या रहा है ?

देश के विश्वविद्यालयों में आखिर हो क्या रहा है ?

मृत्युंजय दीक्षित देशभर के विश्वविद्यालयों के जो वर्तमान हालात बनकर उभर रहे हैं वे बेहद चिंताजन व दुर्भाग्यपूर्ण हैं। देशभर में आज छात्रों के भविष्य…

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खेत-खलिहान प्रकृति की अव्यवस्था पर एक नज़र

प्रकृति की अव्यवस्था पर एक नज़र

पृथ्वी पर कोई भी जीव एकल जीवन व्यतीत नहीं कर सकता है इसलिए मानव और प्रकृति की परस्पर आत्मनिर्भरता एवं सद्भावनाओं को समाप्त करने से…

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धर्म-अध्यात्म वैदिक सूक्तों के द्रष्टा स्मृतिकार महर्षि पराशर

वैदिक सूक्तों के द्रष्टा स्मृतिकार महर्षि पराशर

– अशोक “प्रवृद्ध” वैदिक सूक्तों के द्रष्टा और ग्रंथकार के रूप में प्रसिद्ध गोत्रप्रवर्तक ऋषि पराशर शक्ति मुनि के पुत्र एवं ब्रह्मर्षि वशिष्‍ठ के पौत्र…

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