विविधा अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा

अयोध्या की चौरासी कोसी परिक्रमा

डा. राधेश्याम द्विवेदी भारतीय धर्मों (हिन्दू, जैन, बौद्ध आदि) में पवित्र स्थलों के चारो ओर श्रद्धाभाव से चलना ‘परिक्रमा’ या ‘प्रदक्षिणा’ कहलाता है। मन्दिर, नदी,…

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चिंतन आज के पार्थ सारथी

आज के पार्थ सारथी

पहले के पार्थ सारथी कृष्ण को लगभग ३५०० वर्षों बाद हम में से कुछ लोग अब कुछ समझ पाए हैं । उस समय के अधिकाँश…

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राजनीति ‘संघ मुक्त भारत’ संभव नहीं नीतीश बाबू

‘संघ मुक्त भारत’ संभव नहीं नीतीश बाबू

 लोकेन्द्र सिंह शरद यादव और दूसरे नेताओं को दरकिनार करते हुए जदयू के अध्यक्ष बने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश बाबू आजकल बड़ा सपना देख रहे…

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प्रवक्ता न्यूज़ मनुष्य के मुख्य कर्तव्य ईश्वर की उपासना और पर्यावरण की रक्षा

मनुष्य के मुख्य कर्तव्य ईश्वर की उपासना और पर्यावरण की रक्षा

मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य के प्रमुख कर्तव्यों में से एक ईश्वर के सत्य व यथार्थ स्वरूप को जानना व उससे लाभ प्राप्त करना है। ईश्वर…

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सृष्टि का रचयिता ईश्वर ही है

मनमोहन कुमार आर्य हम मनुष्य हैं और पृथिवी पर जन्में हैं। पृथिवी माता के समान अन्न, फल, गोदुग्ध आदि पदार्थों से हमारा पोषण व रक्षण…

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लेख सूखा

सूखा

डॉ.अमित प्रताप सिंह   सुबह अचानक घबराकर आँख खुली, झटके से उठकर बिस्तर पर बैठ गए, माथे पर पसीना छलक रहा था, दिल की धड़कन…

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जन-जागरण जल संकट से कैसे उबरे देश

जल संकट से कैसे उबरे देश

सूखे से देश के लोगों की स्थिति बड़ी ही दयनीय बन चुकी है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को सक्रिय…

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जरूर पढ़ें मजहब और तस्लीमा नसरीन

मजहब और तस्लीमा नसरीन

तस्लीमा नसरीन मुस्लिम कट्टरपंथ के विरूद्घ आवाज उठाने के लिए प्रसिद्घ रही हैं। उन्होंने इस्लाम के कथित भ्रातृत्व के कितने ही मिथकों को तोडक़र लोगों…

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राजनीति अपनी बेहयाई पर थोडा तो शर्म कीजिए जनाव !

अपनी बेहयाई पर थोडा तो शर्म कीजिए जनाव !

‘‘ हमारी कोशिश रहती है किसी को हक दिलाने की ! हमे आदत नही विल्कुल, किसी को बगलाने की !!’’ बेशक ! देश की हालात…

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जन-जागरण सफलता के लिये अच्छाई का निवेश जरूरी है

सफलता के लिये अच्छाई का निवेश जरूरी है

ललित गर्ग अच्छाई और सफलता की कसौटी क्या है? इनका कोई लेबल नहीं, न कोई आवरण है। व्यक्ति की कार्यशैली, व्यवहार, कर्म, वाणी, रहन-सहन, प्रकृति…

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राजनीति बुढ़ापे की औलाद और लाचारगी

बुढ़ापे की औलाद और लाचारगी

विवेक सक्सेना समय सचमुच में बहुत बलवान होता है। मजबूत से मजबूत इंसान को ये ऐसे दिन दिखा देता है जिसकी उसने कभी सपने में…

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व्यंग्य खा “ना” खजाना

खा “ना” खजाना

खाली दिमाग शैतान का घर होता हैं और खाली पेट चूहों का. जब दिमाग और पेट दोनों भर जाते हैं तो शैतान और चूहे, रोहित…

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