जो लोग असहिष्णुता का एकपक्षीय आकलन करते हैं वे ढोंगी हैं।
Updated: December 13, 2015
मानव अधिकार दिवस पर आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के विद्वान चीफ जस्टिस श्री टी एस ठाकुर साहब ने बहुत ही प्रासंगिक और…
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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर…
Updated: December 13, 2015
तनवीर जाफ़री मानवाधिकारों संबंधित अनेक बिंदुओं में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी एक प्रमुख बिंदु है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया भी जाना चाहिए। किसी…
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संसार के सभी मनुष्यों के पूर्वज एक थे व वैदिक धर्मानुयायी थे
Updated: December 13, 2015
मनमोहन कुमार आर्य सृष्टि का यह अनिवार्य नियम है कि इसमें मनुष्य की उत्पत्ति वा जन्म माता-पिताओं से ही होता है। माता-पिता के बिना शिशु…
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क्या ये तीसरे विश्वयुद्ध का शंखनाद है ?
Updated: December 13, 2015
पहला विश्वयुद्द 1914 से 1918 करीब 2 करोड़ लोगों की मौत दूसरा विश्वयुद्द 1939 से 1945 करीब 8 करोड़ लोग मारे गए क्या दुनिया एक…
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कैकेय नरेश महाराज अश्वपति की सार्वजनिक घोषणा
Updated: December 11, 2015
प्राचीन भारत का स्वर्णिम आदर्श इतिहास- मनमोहन कुमार आर्य भारत विगत लगभग पौने दो अरब वर्षों से अधिक तक वैदिक धर्म व वैदिक संस्कृति का…
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अरब स्प्रिंग से तीसरे संभावित विश्व युद्ध तक
Updated: December 11, 2015
इमामुद्दीन अलीग सीरिया व इराक में जारी युद्ध और उसके वैश्विक प्रभाव को देखते हुए इस समय दुनिया भर से तीसरे विश्व युद्ध के शुरू…
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छात्र-युवा ही बनाएगें समर्थ भारत
Updated: December 11, 2015
संजय द्विवेदी भारत इस अर्थ में गौरवशाली है कि वह एक युवा देश है। युवाओं की संख्या के हिसाब से भी, अपने सार्मथ्य और चैतन्य…
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पलायनमुक्त हुआ छत्तीसगढ़
Updated: December 11, 2015
छत्तीसगढ़ की प्रथम निर्वाचित सरकार ने डाॅ. रमन सिंह के नेतृत्व में 12 वर्ष पूर्ण कर लिये हैं। किसी भी सरकार के कामकाज के मूल्यांकन…
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उम्मीद करें, बिहार में जारी रहेगा विकासवाद
Updated: December 11, 2015
उमेश चतुर्वेदी राजनीति में एक कहावत धड़ल्ले से इस्तेमाल की जाती है और इस बहाने राजनीतिक दल अपनी दोस्तियों और दुश्मनी को जायज ठहराते रहते…
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क्या विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसा भी होता है?
Updated: December 11, 2015
विश्व अचंभित है क्या विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसा भी होता है? नरेश भारतीय नेशनल हेराल्ड का किस्सा अदालत में उठा. कांग्रेस की…
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बच्चों का बिगड़ता बचपन
Updated: December 11, 2015
एक जमाना था जब बच्चे नानी-दादी की गोद में परी कथायों की रंगीन दुनिया में खो जाते और नींद में ही बुन लेते सपनों का…
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स्वास्थ्य सेवाएं, गरीबों की पहुँच से दूर
Updated: December 11, 2015
शैलेन्द्र चौहान हमारे यहां स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी हैं जो गरीबों की पहुँच से काफी दूर हो गयी हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन, आवास जीवन की मूलभूत…
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