शख्सियत शराबबंदी और लोकायुक्त के लिए एक प्रतिबद्ध गांधीवादी ने त्यागे प्राण

शराबबंदी और लोकायुक्त के लिए एक प्रतिबद्ध गांधीवादी ने त्यागे प्राण

शैलेन्द्र चौहान राजस्थान में सम्पूर्ण शराबबंदी और मजबूत लोकायुक्त कानून बनाए जाने की मांग को लेकर गुरुशरण छाबड़ा लम्बे समय से आंदोलनरत थे. 2 अक्टूबर…

Read more
लेख पुरस्कार वापसी – अंर्तराष्ट्रीय साजिश

पुरस्कार वापसी – अंर्तराष्ट्रीय साजिश

डा. अरविन्द कुमार सिंह जरा सोचिए, यदि संपूर्ण प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया का प्रकाशन एवं प्रसारण बंद कर दिया जाए तो हम राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य की…

Read more
आलोचना साहित्य,स्वहित के बीच पुरस्कार वापसी पर प्रश्न…

साहित्य,स्वहित के बीच पुरस्कार वापसी पर प्रश्न…

अक्षय दुबे ‘साथी’   कहा जाता है कि साहित्य समाज का दर्पण होता है,साहित्य कालचक्र का साक्षी होता है.समाज में अच्छाइयों की रचना और बुराइयों…

Read more
राजनीति अगले इम्‍तिहान के लिये सीएम अखिलेश की कवायद

अगले इम्‍तिहान के लिये सीएम अखिलेश की कवायद

आखिरकार युवा और नरमदिल मुख्‍यमंत्री सख्त हुये और पहले बर्खास्‍तगी के रूप मे सख्‍त संदेश और फिर कई बड़ों की छुट्टी करके उत्‍तर प्रदेश के…

Read more
धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की कुछ प्रमुख मान्यतायें

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की कुछ प्रमुख मान्यतायें

वेदों पर आधारित महर्षि दयानन्द जी की कुछ प्रमुख मान्यताओं को पाठकों के लाभार्थ प्रस्तुत कर रहे हैं: ईश्वर विषयक ईश्वर कि जिसके ब्रह्म, परमात्मादि…

Read more
समाज Default Post Thumbnail

कट्टरपंथी धर्मगुरु कर रहे समाज को भ्रमित

सरदार अहमद सांप्रदायिक सद्भाव का पहला दायित्व मुसलमानों का है। इस्लाम की महान परंपराएं हमें ऐसा करने का आदेश देती हैं। इस्लाम इस बात को…

Read more
समाज भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन एवं गोरक्षा

भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन एवं गोरक्षा

भक्ष्य व अभक्ष्य भोजन एवं गोरक्षा पर महर्षि दयानन्द के वेदसम्मत, देशहितकारी एवं मनुष्योचित विचार मनुष्य मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, ज्ञानी व अज्ञानी।…

Read more
विधि-कानून अदालतों को मेरे सिर्फ दो सुझाव

अदालतों को मेरे सिर्फ दो सुझाव

डॉ.वेदप्रताप वैदिक सर्वोच्च न्यायालय और सरकार के बीच आजकल युद्ध छिड़ा हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीशों की नियुक्ति में पूर्ण स्वतंत्रता चाहता है। इसी संदर्भ…

Read more
राजनीति मालदीव पर भारत चुप क्यों?

मालदीव पर भारत चुप क्यों?

डॉ. वेदप्रताप वैदिक पिछले तीन वर्षों से मालदीव में गजब की उथल−पुथल मची हुई है लेकिन भारत की भूमिका एक असहाय तमाशबीन की−सी हो गई…

Read more
आलोचना छोटा राजन को देश और दलितों का आदर्श मत बनाइये

छोटा राजन को देश और दलितों का आदर्श मत बनाइये

“ अपराध का रंग हरा है तो वह आतंकवाद और अगर गैरुआ है तो वह राष्ट्रवाद ,एक मुल्क के रूप में आखिर कहां जा रहे…

Read more
कविता कह रही है ‘अजन्मी’

कह रही है ‘अजन्मी’

कह रही है ‘अजन्मी’ मां मैं भी इस दुनिया में आना चाहती हूँ नन्हे नन्हे पैरो से मैं भी गिरकर ठोकर खाना चाहती हूँ गिरते…

Read more
कविता चुटकी भर सिन्दूर

चुटकी भर सिन्दूर

चुटकी भर सिन्दूर डला मांग में और बदल गया जीवन। चुटकी भर सिन्दूर के बदले में मिला उम्र भर का बंधन। सजी मैं संवरी मैं…

Read more