जन-जागरण निजीकरण के दौर में सरकारी स्कूल  

निजीकरण के दौर में सरकारी स्कूल  

  जावेद अनीस सरकारी स्कूल हमारे देश के सावर्जनिक शिक्षा वयवस्था की बुनियाद हैं, ये  देश के सबसे वंचित  व हाशिये पर  पंहुचा दिए गये…

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चिंतन हे मनुष्य ! तू ईश्वर के निज नाम ‘ओ३म्’ का स्मरण कर अपने सभी दुःखों को दूर कर

हे मनुष्य ! तू ईश्वर के निज नाम ‘ओ३म्’ का स्मरण कर अपने सभी दुःखों को दूर कर

मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य अपने सारे जीवन में अपने दुःखों की निवृत्ति में लगा रहता है फिर भी यदि जीवन के अन्तिम भाग में किसी…

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मीडिया पुरस्कार ‘सेनेटरी—पेड’ तो नही हैं : असाहित्यकार सोनी सोरी

पुरस्कार ‘सेनेटरी—पेड’ तो नही हैं : असाहित्यकार सोनी सोरी

संदर्भ : असाहित्यकार सोनी सोरी को साहित्यिक पुरस्कार मिलना. गुजरी होली पर खबर हिमाचल प्रदेश के गांव से आई जहां सामुदायिक मिलन समारोह में पुरस्कारस्वरूप,…

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राजनीति उत्तराखंड : जाएंगे या बचे रहेंगे हरीश रावत

उत्तराखंड : जाएंगे या बचे रहेंगे हरीश रावत

सुरेश हिन्दुस्थानी उत्तराखंड में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नैनीताल हाईकोर्ट ने हरीश रावत को बहुमत सिद्ध करने के लिए जो 31 मार्च का समय…

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कहानी दर्द

दर्द

मैं दिल्ली के पास एक छोटे से नगर का रहने वाला हूं। वहां आसपास के लोग खेती के काम से खाली होकर दोपहर में खरीदारी…

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पुस्तक समीक्षा पांचो नौबत बाजती –(समीक्षा)

पांचो नौबत बाजती –(समीक्षा)

बी एन गोयल   कल्पना कीजिये- कल्पना क्यों – ये दो वास्तविक प्रकरण हैं. मंच पर कुमार गन्धर्व का गायन चल रहा है – ….उड़…

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व्यंग्य पुरस्कार का मापदंड  

पुरस्कार का मापदंड  

  आरिफा एविस पुरस्कार किसी भी श्रेष्ठ व्यक्ति के कर्मो का फल है बिना पुरस्कार के किसी भी व्यक्ति को श्रेष्ठ नहीं माना जाना चाहिए. बिना…

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महत्वपूर्ण लेख शब्द झरना संस्कृति का (२)

शब्द झरना संस्कृति का (२)

डॉ. मधुसूदन सारांश: (९)===>गौ के सन्तान-प्रेम का आदर्श, वत्सलता में, स्थापित कर दिया। (१०)===>वत्स,वत्सा, वत्सिका, वत्सलता या वात्सल्य, वत्सला इत्यादि। (११)===>जो व्यक्ति को ऊपर ना…

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महत्वपूर्ण लेख एक शब्द झरना संस्कृति का (१)

एक शब्द झरना संस्कृति का (१)

-डॉ. मधुसूदन सारांश: (१) ===>शब्दों के मूल ढूंढने का छंद बडा मनोहारी होता है। (२)===>गौ के, बछडे को ही वत्स कहा जाता है। (३)===>सरगम के…

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राजनीति देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-3

देश का वास्तविक गद्दार कौन? गांधी-नेहरू या सावरकर, भाग-3

गांधीजी आजीवन अहिंसा की बात करते रहे। कांग्रेस ने भी इसे अपनाने की घोषणाएं की और स्वतंत्रता के पश्चात यह भी प्रचारित किया कि देश…

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आलोचना मान भी जाईये साहब ! ‘शोषण’ ही आज का नया ‘पेशा’ है…

मान भी जाईये साहब ! ‘शोषण’ ही आज का नया ‘पेशा’ है…

गजब है सियासत भी। आज राजनीतिक पार्टियों के इतर आम जिंदगियों में भी उतर आई है। कहीं न कहीं हर पेशे में अब सियासत दिखाई…

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कविता नव संवत्सर पर इड़ा, मही, सरस्वती को नमन

नव संवत्सर पर इड़ा, मही, सरस्वती को नमन

विमलेश बंसल ‘आर्या’   नमन तुम्हें हे नव संवत्सर, नमन तुम्हें हे आर्य समाज। नमन तुम्हें हे भारत माता, नमन तुम्हें हे प्रिय ऋषिराज।। नव…

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