विविधा आधुनिक हिंदी के जनक थे भारतेन्दु

आधुनिक हिंदी के जनक थे भारतेन्दु

(जन्म दिवस पर विशेष) हिमकर श्याम हिन्दी साहित्य में आधुनिक काल का प्रारम्भ ‘भारतेन्दु काल’ से माना जाता है. भारतेन्दु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी के जन्मदाता…

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विविधा हिन्दी का सामर्थ्य , यह बाजार की भाषा है

हिन्दी का सामर्थ्य , यह बाजार की भाषा है

डॉ. मयंक चतुर्वेदी बाजार में हर चीज बिकती है, यहाँ तक कि हवा, पानी, मिट्टि से लेकर हर वह चीज जिसे किसी न किसी रूप…

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कविता चिन्गारी भर दे मन में

चिन्गारी भर दे मन में

चिन्गारी भर दे मन में ऐसा गीत सुनाओ कविवर, खुद्दारी भर दे मन में। परिवर्तन लाने की खातिर, चिन्गारी भर दे मन में।। हम सब…

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टॉप स्टोरी भोपाल में हिंदी का महाकुंभ

भोपाल में हिंदी का महाकुंभ

संदर्भः- दसवां विश्व हिंदी सम्मेलन,भोपाल प्रमोद भार्गव 32 साल पहले दिल्ली में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन के बाद मध्य-प्रदेश की संस्कारधानी भोपाल में हिंदी का…

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जन-जागरण कंप्युटर के हिंदी में की-बोर्ड की जरूरत

कंप्युटर के हिंदी में की-बोर्ड की जरूरत

हिंदी में संगणक के कुंजी-पटल की जरूरत प्रमोद भार्गव महाभारत में जलाशय के समीप खड़े यक्ष बने धर्म ने युधिष्ठिर से पूछा था कि दुनिया…

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राजनीति खुद से लड़ता पाकिस्तान

खुद से लड़ता पाकिस्तान

डॉ. वेदप्रताप वैदिक   नया इंडिया, 9 सितंबर 2015 : पाकिस्तान के सेना-प्रमुख राहील शरीफ ने जवाबी गोला दाग दिया है। हमारे सेना-प्रमुख दलबीरसिंह सुहाग…

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विविधा मेरी भाषा – भविष्य की भाषा

मेरी भाषा – भविष्य की भाषा

हमारे यहां एक आम धारणा है, कि अंग्रेजी भविष्य की भाषा है और आनेवाले समय में रोजगार कमाना हो, तो अंग्रेज का कोई विकल्प नहीं…

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धर्म-अध्यात्म संसार में मनुष्यों के कर्तव्य संबंधी ज्ञान-विज्ञान का सर्वोत्तम ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश

संसार में मनुष्यों के कर्तव्य संबंधी ज्ञान-विज्ञान का सर्वोत्तम ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश

कबीर दास जी ने सत्य की महिमा को बताते हुए कहा है कि ‘सांच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप, जाके हृदय सांच है ताके…

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लेख बंद समाज की जटिलता

बंद समाज की जटिलता

  पिछले सप्ताह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व था। कई लोग इस दिन निर्जल उपवास रखते हैं और रात को बारह बजे श्रीकृष्ण जन्म के बाद…

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विविधा वैदिक ग्रन्थों में चिकित्सा शास्त्र

वैदिक ग्रन्थों में चिकित्सा शास्त्र

अशोक “प्रवृद्ध”   वैदिक मान्यतानुसार सृष्टि का उषाकाल वेद का आविर्भाव काल माना जाता है। भारतीय परम्परा के अनुसार वेदों को सम्पूर्ण ज्ञान-विज्ञान का मूल…

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जन-जागरण तस्मै श्री गुरवे नम:

तस्मै श्री गुरवे नम:

अरविंद जयतिलक अपने ज्ञान-विज्ञान, दर्शन और चिंतन से भारतीय समाज और राष्ट्र के जीवन में नवीन प्राणों का संचार करने वाले गुरुजनों के आज सम्मान…

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धर्म-अध्यात्म देश के कर्णधार हमारे शिक्षक व शिष्य कैसे हों?

देश के कर्णधार हमारे शिक्षक व शिष्य कैसे हों?

शिक्षा देने व विद्यार्थियों को शिक्षित करने से अध्यापक को शिक्षक व शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिष्य कहा जाता है। आजकल हमारे शिक्षक…

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