धर्म-अध्यात्म अंधविश्वासों का खण्डन समाज की उन्नति के लिए परम आवश्यक

अंधविश्वासों का खण्डन समाज की उन्नति के लिए परम आवश्यक

जिस प्रकार से मनुष्य शरीर में कुपथ्य के कारण समय-समय पर रोगादि हो जाया करते हैं, इसी प्रकार समाज में भी ज्ञान प्राप्ति की  समुचित…

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आर्थिकी क्या इस मंदी का अंदाजा है आपको

क्या इस मंदी का अंदाजा है आपको

कुछ साल पीछे जाइये। 2007-08 की वैश्विक मंदी याद है न आपको। विश्व अर्थव्यवस्था अभी भी उससे पूरी तरह उभर नहीं पाई है। और अब…

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राजनीति आरक्षण का विकल्प और वोटबैंक की राजनीति!

आरक्षण का विकल्प और वोटबैंक की राजनीति!

इक़बाल हिंदुस्तानी पटेल आंदोलन जातियों के टकराव की वजह न बन जाये! पटेल आरक्षण की मांग को लेकर आज गुजरात में आंदोलन चल रहा है…

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राजनीति मोदी हैं हुशियार – एक तीर से कई शिकार |

मोदी हैं हुशियार – एक तीर से कई शिकार |

सरकार की नीतिगत घोषणाएं सीधे जनता के बीच करने की अनोखी पहल प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने की है | कल 11 वीं बार जनता…

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समाज समग्र जनसंख्या नीति की जरूरत – प्रमोद भार्गव

समग्र जनसंख्या नीति की जरूरत – प्रमोद भार्गव

2011 की जनसंख्या के धर्म आधारित आंकड़े आ गए हैं । आंकड़ों के मुताबिक हिंदुओं की आबादी सर्वाधिक 96.63 करोड़ है। बावजूद इसके यह पहला…

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राजनीति औचित्यहीन आरक्षण की मांग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश

औचित्यहीन आरक्षण की मांग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देश

आखिरकार पटेल समुदाय भी आरक्षण की मांग को लेकर हिंसा,आगजनी और तोड़-फोड़ की उसी राह पर चल पड़ा,जिसकी मांग करते गुर्जर और जाट समुदाय के…

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कहानी कहानी : दीदी मां

कहानी : दीदी मां

जीवन में कई बार ऐसी जटिल समस्याएं सामने आकर खड़ी हो जाती हैं कि पूरे परिवार और खानदान की प्रतिष्ठा दांव पर लग जाती है।…

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राजनीति महागठबंधन की स्वाभिमान रैली : “ रैली एक , मायने अनेक ”

महागठबंधन की स्वाभिमान रैली : “ रैली एक , मायने अनेक ”

अगर जुटी हुई ‘भीड़’ चुनावी नतीजों के आक्लन का  पैमाना है तो कल दिनांक ३०.०८.२०१५ को  पटना में महागठबंधन(राजद –काँग्रेस – जदयू ) के द्वारा आयोजित स्वाभिमान…

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धर्म-अध्यात्म सच्चे तीर्थ माता-पिता-आचार्य व आप्त विद्वानों के सदुपदेश आदि हैं।

सच्चे तीर्थ माता-पिता-आचार्य व आप्त विद्वानों के सदुपदेश आदि हैं।

    आजकल कुछ स्थानों अथवा नदी व सरोवरों को तीर्थ कहा जाता है। किसी से कोई पूछे कि इन तीर्थ स्थानों से इतर देश…

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राजनीति सैद्धांतिक सहमति

सैद्धांतिक सहमति

केशव झा राजनीति और नेताओं के दोहरे चरित्र को समझना टेढ़ी खीर होती है। अब देखिये ना अपने को भ्रष्टाचार का दुश्मन और सुशासन का झंडाबरदार…

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विविधा खास को यूं आम मत बन बनाओ  …प्लीज…!!

खास को यूं आम मत बन बनाओ …प्लीज…!!

बचपन में अपने हमउम्र बिगड़ैल रईसजादों को देख कर मुझे उनसे भारी ईष्या होती थी। क्योंकि मेरा ताल्लुक किसी प्रभावशाली नहीं बल्कि प्रभावहीन परिवार से…

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पर्व - त्यौहार धागों से बंधा रिश्तों का बंधन

धागों से बंधा रिश्तों का बंधन

बरुण कुमार सिंह भारत की सांस्कृतिक विशष्टता यहाँ के पर्वों के कारण भी है। भारतीय परम्पराओं में सामाजिक जीवन दर्शन के गहरे सूत्र छिपे हैं।…

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