कविता गन्दी बस्ती

गन्दी बस्ती

राघवेन्द्र कुमार अन्त:विचारों में उलझा न जाने कब मैं एक अजीब सी बस्ती में आ गया । बस्ती बड़ी ही खुशनुमा और रंगीन थी ।…

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धर्म-अध्यात्म दक्षिण भारत के संत (13) सन्त माधवाचार्य (द्वैत सम्प्रदाय)

दक्षिण भारत के संत (13) सन्त माधवाचार्य (द्वैत सम्प्रदाय)

बी एन गोयल   राम मंत्र निज कर्ण सुनावा । परंपरा पुनि तत्व लखावा संप्रदाय विधि मूल प्रधाना । अधिकारी तहां महं हनुमाना । मध्य…

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विविधा पं. लेखराम एवं वीर सावरकर के जीवन विषयक सत्य घटनाओं का प्रकाश

पं. लेखराम एवं वीर सावरकर के जीवन विषयक सत्य घटनाओं का प्रकाश

    मनुष्य अल्पज्ञ है इसलिये उससे अज्ञानता व अनजाने में यदा-कदा भूल व त्रुटियां होती रहती है। इतिहास में भी बहुत कुछ जो लिखा…

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राजनीति विपक्ष का असंसदीय आचरण

विपक्ष का असंसदीय आचरण

अरविंद जयतिलक पिछले एक सप्ताह से जिस तरह विपक्ष गैर लोकतांत्रिक तरीके का प्रदर्शन कर संसद न चलने देने की जिद पर अड़ा हुआ है…

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राजनीति पाक प्रायोजित छायायुद्ध का विस्तार

पाक प्रायोजित छायायुद्ध का विस्तार

प्रमोद भार्गव पाकिस्तानी सेना की वर्दी में एक बार फिर भारत पर आतंकी हमला हुआ है। इससे पहले यही स्थिति कारगिल और पूंछ इलाकों में…

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विविधा Default Post Thumbnail

मिसाइलमैन कैसे अहिंसा के प्रति आकर्षित हुए?

ललित गर्ग- मिसाइलमैन के नाम से प्रसिद्ध एवं बच्चों के चेहते डाॅ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम अब हमारे बीच नहीं रहे। एक सच्चा देशभक्त हमसे जुदा…

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विविधा व्यंग्य बाण : जय बोलो बेइमान की

व्यंग्य बाण : जय बोलो बेइमान की

शर्मा जी ने तय कर लिया है कि चाहे जो भी हो और जैसे भी हो; पर अपने प्रिय देश भारत को भ्रष्टाचार से मुक्त…

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विविधा तुम न जाने किस जहां में खो गए…

तुम न जाने किस जहां में खो गए…

निर्मल रानी अबुल पाकिर जैनुलआबदीन अब्दुल कलाम जिन्हें देश डा० एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से जानता था की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे देश को…

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राजनीति याकूब मेमन की फांसी बरकरार

याकूब मेमन की फांसी बरकरार

प्रमोद भार्गव   1993 के मुंबई बम धमाकों में शामिल याकूब मेमन की फांसी की सजा बरकरार रहेगी। सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्सीय खंडपीठ ने…

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विविधा भारतीय वाङ्मय में गुरु महिमा और गुरु पूर्णिमा

भारतीय वाङ्मय में गुरु महिमा और गुरु पूर्णिमा

अशोक “प्रवृद्ध”   भारतीय संस्कृति और दर्शन की परम्परा से गृहीत भारतीय वाङ्मय में गुरु को ब्रह्म से भी अधिक महत्व प्रदान किया गया है…

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धर्म-अध्यात्म मैं ब्रह्म नहीं अपितु एक जीवात्मा हूं

मैं ब्रह्म नहीं अपितु एक जीवात्मा हूं

  मैं कौन हूं? यह प्रश्न कभी न कभी हम सबके जीवन में उत्पन्न होता है। कुछ उत्तर न सूझने के कारण व अन्य विषयों…

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धर्म-अध्यात्म महर्षि दयानन्द का वर्णव्यवस्था पर ऐतिहासिक उपेदश

महर्षि दयानन्द का वर्णव्यवस्था पर ऐतिहासिक उपेदश

आज से लगभग 140 वर्ष पूर्व हमारा समाज अज्ञान व अन्धकार से आवृत्त तथा रूढि़वादी परम्पराओं में जकड़ा हुआ था। सामाजिक विषमता अपने जटिलतम रूप…

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