पर्व - त्यौहार होली प्रेम, उत्साह, रंगों व नव-अन्न यव- गेहूं के स्वागत का पर्व

होली प्रेम, उत्साह, रंगों व नव-अन्न यव- गेहूं के स्वागत का पर्व

 फाल्गुन मास की पूर्णिमा के दिन मनाये जाने वाले पर्व को होली के नाम से जाना जाता है। होली के अगले दिन चैत्र कृष्ण पक्ष…

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जरूर पढ़ें संस्कृत वीणा तथा प्राकृत तानपूरे

संस्कृत वीणा तथा प्राकृत तानपूरे

डॉ. मधुसूदन (एक) संस्कृत वीणा है: आप यदि वीणा के तारों  को छेडकर कंपन या आंदोलन जगाते हैं, तो स्वर मिलाकर कोने में रखा तानपूरा…

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दोहे तब हर पल होली कहलाता है।

तब हर पल होली कहलाता है।

जब घुप्प अमावस के द्वारे कुछ किरणें दस्तक देती हैं, सब संग मिल लोहा लेती हैं, कुछ शब्द, सूरज बन जाते हैं, तब नई सुबह…

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टॉप स्टोरी आप के अंशधारकों की लड़ाई हुई जगज़ाहिर

आप के अंशधारकों की लड़ाई हुई जगज़ाहिर

 डा० कुलदीप चन्द अग्निहोत्री आम आदमी पार्टी की कम्पनी के भीतर की लडाई अनुमानित समय से भी कम में जगज़ाहिर हो गई है । पार्टी…

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कहानी मकान मालिक

मकान मालिक

क़ैस जौनपुरी   खिद्दीर अंकल के मां-बाप बचपन में ही खतम हो गए थे. बहराइच में उनके चाचा ने उन्हें पाला-पोसा, बड़ा किया. ये अगूंठा…

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धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-१६

यशोदानंदन-१६

  पूतना-वध हो चुका था लेकिन कैसे और क्यों हुआ था, सामान्य मनुष्यों की समझ के बाहर था। यह रहस्य स्वयं नन्द बाबा और मातु…

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व्यंग्य आर्ट आफ  र्टार्चिंग

आर्ट आफ र्टार्चिंग

तारकेश कुमार ओझा बाजारवाद के मौजूदा दौर में आए तो मानसिक अत्याचार अथवा उत्पीड़न यानी र्टार्चिंग या फिर थोड़े ठेठ अंदाज में कहें तो किसी…

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धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-१५

यशोदानंदन-१५

  नन्द बाबा और मातु यशोदा के नेत्रों से आनन्दाश्रु छलक रहे थे। समस्त गोकुलवासी भी आनन्द-सरिता में गोते लगा रहे थे। जिसे वे एक…

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राजनीति क्यों आतंकियों की भाषा बोल रहे हैं मुफ्ती

क्यों आतंकियों की भाषा बोल रहे हैं मुफ्ती

प्रवीण दुबे दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश होने के नाते हमारे नेताओं को इस बात का भी ध्यान रखना बेहद जरुरी है कि वह…

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दोहे फागुन रंग बहार

फागुन रंग बहार

हँस कर कोयल ने कहा, आया रे मधुमास। दिशा-दिशा में चढ़ गया, फागुन का उल्लास।।   झूमे सरसों खेत में, बौराये हैं आम। दहके फूल…

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कला-संस्कृति राष्ट्रीय एकता की संदेशवाहक : पूर्वोत्तर की लोक कला

राष्ट्रीय एकता की संदेशवाहक : पूर्वोत्तर की लोक कला

निर्मल रानी साहित्य,गीत-संगीत,कला तथा लोककला आदि ऐसे माध्यम हैं जिनके द्वारा क्षेत्रीय आधार पर देश में एकता व मज़बूती सुनिश्चित की जा सकती है। इतना…

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धर्म-अध्यात्म यशोदानंदन-१४

यशोदानंदन-१४

  पुत्र-प्राप्ति के लिए कंस ने नन्द बाबा को बधाई दी, परन्तु जब यह ज्ञात हुआ कि पुत्र का जन्म उसी रात्रि में हुआ था,…

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