बड़े दिनों पर
Updated: February 10, 2015
उम्मीदों के फूल खिले, मन की कलियाँ मुस्काईं। बड़े दिनों पर लोकतंत्र ने ली ऐसी अंगड़ाई। बड़े दिनों पर जन-जीवन में लौटी…
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जनादेश बड़ा होता है तो जनाकांक्षाएँ भी बड़ी होती हैं
Updated: February 10, 2015
दिल्ली में आम आदमी पार्टी की इस ‘सुपर लैंड-स्लाईड विक्ट्री’ से ये स्पष्ट है कि जनता के मिजाज और नब्ज को केजरीवाल और उनकी टीम ने…
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पांच साल केजरीवाल
Updated: February 10, 2015
जो कहते थे मोफलर, खांसी साथ नही दिया, कोई साथी जोर आजमाइस की थी कितनी, तड़पे पानी बिन, मछली जितनी, सोच में पड़ गए, आज…
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नीतीश अड़े और मांझी भी डटे
Updated: February 10, 2015
सुरेश हिन्दुस्थानी बिहार में चल रहे राजनीतिक उठापटक के खेल में यूं तो दिग्गज राजनेता माने जाने वालों के लिए एक चुनौती बनकर सामने आए…
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ये तो होना ही था … शाह जी !
Updated: February 10, 2015
1946 में लिखी बाबा नागार्जुन की ये कविता ईश्वर के प्रति आस्था की मांग के बजाय अनास्था मांगती है जो वैचारिक साहस था उनका। उस…
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यशोदानन्दन -१
Updated: February 10, 2015
“क्या कहा आपने? कृष्ण मेरा पुत्र नहीं है? यह कैसे हो सकता है? मुझे स्मरण नहीं कि आपने कभी मिथ्यावाचन किया हो। फिर…
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तंत्र में मानवीय मंत्र स्थापना का सिद्धांत
Updated: February 10, 2015
सन्दर्भ: एकात्म मानववाद भारत को देश से बहुत अधिक आगे बढ़कर एक राष्ट्र के रूप में और इसके अंश के रूप में यहाँ के निवासियों…
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घटती धरती घटता जल, नदियां हैं अमर-अचल
Updated: February 10, 2015
> नदी स्वच्छता कार्यक्रम के लिए धन जुटाने की व्यवस्था में पिछले कई वर्षों के दौरान कई बदलाव हुए हैं। गंगा कार्य योजना (जीएपी), जो…
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लोकतंत्र बनाम गिरोह-तंत्र
Updated: February 9, 2015
– वीरेन्द्र सिंह परिहार अभी गत दिनों देश के समक्ष एक ऐसा बाकया सामने आया, जिससे यह पता चलता है कि भारतीय लोकतंत्र का असली…
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लापरवाही से फलता -फूलता अवैध शराब का कारोबार
Updated: February 9, 2015
मृत्युंजय दीक्षित उत्तर प्रदेश में घटी कुछ दर्दनाक और शर्मनाक घटनाओं तथा उन पर घृणित राजनीति के प्रकरणों से वर्ष 2015 का आगाज हो गया…
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नदी संरक्षण
Updated: February 9, 2015
जब हम नदियों के संरक्षण की बात करते है तो बहुत ही अजीब सी भावना मन मे उठती है कि क्या ये सम्भव है? क्या…
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वैदिक कालीन हमारे प्राचीन सभी ऋषि-मुनि-आचार्य वैज्ञानिक थे
Updated: February 9, 2015
भारत का इतिहास उतना ही पुराना है जितनी की हमारी इस पृथिवी की आयु व इस पर प्राणी जीवन है। वैदिक मान्यताओं के अनुसार पृथिवी…
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