खान-पान माता के दूध का ऋण, सत्य धर्म की खोज व उसका पालन

माता के दूध का ऋण, सत्य धर्म की खोज व उसका पालन

 अपार ब्रह्माण्ड का एक छोटा सा ग्रह यह पृथिवी लोक सर्वत्र मुनष्यों एवं अन्य प्राणियों से भरा हुआ है। मनुष्य एक ऐसा प्राणी है जिसे…

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धर्म-अध्यात्म आतंक के संदर्भ में राम की प्रासंगिकता

आतंक के संदर्भ में राम की प्रासंगिकता

दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद को लेकर अब जरूरी हो गया है कि इनके समूल विनाश के लिए भगवान राम जैसी सांगठनिक शक्ति और दृढंता…

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धर्म-अध्यात्म जरूरत है महावीर के अहिंसा दर्शन

जरूरत है महावीर के अहिंसा दर्शन

महावीर अब हमारे बीच नहीं है पर महावीर की वाणी हमारे पास सुरक्षित है। महावीर की मुक्ति हो गई है पर उनके विचारों की कभी…

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राजनीति शहीदों की आड़ में दूरगामी राजनीति

शहीदों की आड़ में दूरगामी राजनीति

इस बार 23 मार्च 2015 का दिन देश की राजनीति में कुछ नये प्रकार के रंग दिखलाई पड़े। महान क्रांतिकारी व देशभक्त तथा अंग्रेजी शासनके…

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जन-जागरण तकनीकी ने डाला समाजिक संबन्धों में खलल

तकनीकी ने डाला समाजिक संबन्धों में खलल

किसी भी राष्ट्र व पारिवारिक विकास के लिए तकनीकी और शिक्षा दो ऐसे पहिये है , जिनका तेजी के साथ चलना बेहद जरुरी हैं |…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर का नाम ‘सच्चिदानन्द’ क्यों व कैसे

ईश्वर का नाम ‘सच्चिदानन्द’ क्यों व कैसे

 ईश्वर के अनेक नामों में से एक नाम ‘सच्चिदानन्द’ भी है। प्रायः हम सुनते हैं कि जयघोष करते हुए धार्मिक आयोजनों में कहा जाता कि…

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टॉप स्टोरी पाकिस्तान दिवस पर भारत का विरोध क्यों?

पाकिस्तान दिवस पर भारत का विरोध क्यों?

वास्तव में पाकिस्तान विश्व का एक ऐसा देश है जिसका जन्म ही भारत के विरोध तथा भारत के विभाजन के साथ हुआ। वर्तमान में पाकिस्तान…

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चुनाव एक साथ चुनाव कराने की पहल

एक साथ चुनाव कराने की पहल

विविधता और अनेक प्रकार की क्षेत्रीय अस्मिताओं एवं उपराष्ट्रीयताओं वाले देश भारत में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव संयुक्त रुप से कराए जाने की पहल…

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धर्म-अध्यात्म आर्यसमाज की स्थापना से संसार में नए युग का शुभारम्भ

आर्यसमाज की स्थापना से संसार में नए युग का शुभारम्भ

यह संसार विगत लगभग 2 अरब वर्षों से अस्तित्व में है। इस अवधि में नाना महत्वपूर्ण ऐतिहासक घटनायें घटी हैं परन्तु उनमें से कुछ थोड़ी…

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कविता फ़ुर्सत के दिन

फ़ुर्सत के दिन

कुछ दिन लाये थे , फ़ुर्सत के ढूंढकर, दो सोचने मे लग गये, कंहा चलें क्या करें। कंही पहाड पर चढ़े, या किसी मंदिर की,…

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प्रवक्ता न्यूज़ मौसम का बदलता मिजाज

मौसम का बदलता मिजाज

मानव जगत को प्रत्येक मौसम में अपने आप को ढ़ालना पड़ता है और जो मौसम के साथ ताल-मेल कर चलता है उसे कोई खास परेशानी…

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जन-जागरण आर्य समाज के उर्दू साहित्य का संरक्षण व उसका हिन्दी अनुवाद

आर्य समाज के उर्दू साहित्य का संरक्षण व उसका हिन्दी अनुवाद

महाभारत काल के बाद लगभग 5000 वर्ष का समय भारत के धार्मिक एवं सामाजिक जगत के लिए ह्रास व पतन का था। ऐसे समय में…

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