कविता ना जाने क्यों

ना जाने क्यों

-रवि कुमार छवि- ना जाने क्यों आज-कल खोया-खोया सा रहता हूं, खुद से खफा रहता हूं, बिना हवा के चलने से पेड़ों को हिलते हुए…

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राजनीति जनता ने आख़िर बदल दी तस्वीर

जनता ने आख़िर बदल दी तस्वीर

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- जिसे भारत की आम जनता साफ़ देख रही थी और जिसमें उसकी सक्रिय भागीदारी भी थी, उसे सोनिया गान्धी और उसके…

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गजल कब से भटकता है सफीना

कब से भटकता है सफीना

-जावेद उस्मानी- साहिलों की जुस्तजू में, कब से भटकता है सफीना जाता है क़रीबे भंवर, कि कहीं नाख़ुदा तो मिल जाए स्याही से खींचते हैं…

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टॉप स्टोरी नरेन्द्र मोदी : सभी दिशाएं अभिनंदन कर रही हैं

नरेन्द्र मोदी : सभी दिशाएं अभिनंदन कर रही हैं

-राकेश कुमार आर्य- भारत के राजनीतिक क्षितिज पर नया सवेरा हो रहा है। इतिहास ने अपना नया अध्याय लिखना आरंभ कर दिया है, लगता है…

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चुनाव विश्‍लेषण भारतीय इतिहास का युग परिवर्तन

भारतीय इतिहास का युग परिवर्तन

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- नरेन्द्र मोदी भारत के नये प्रधानमंत्री बने हैं। भाजपा ने लोक सभा की ५४३ सीटों में से २८२ पर विजय प्राप्त…

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विविधा भारत के लिए घातक पाक का त्रियाचरित्र

भारत के लिए घातक पाक का त्रियाचरित्र

-प्रवीण दुबे- भारत में सत्ता परिवर्तन के बाद सर्वाधिक बेचैनी अगर कहीं देखने को मिल रही है तो वह है हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में।…

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मीडिया हिन्दी पत्रकारिता का संडे स्पेशल…

हिन्दी पत्रकारिता का संडे स्पेशल…

-मनोज कुमार- संडे स्पेशल शीर्षक देखकर आपके मन में गुदगुदी होना स्वाभाविक है। संडे यानि इतवार और स्पेशल मतलब खास यानि इतवार के दिन कुछ…

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राजनीति कांग्रेस की शर्मनाक हार के निहितार्थ

कांग्रेस की शर्मनाक हार के निहितार्थ

-सुरेश हिन्दुस्थानी- वर्तमान में कांग्रेस पार्टी अपनी अप्रत्याशित पराजय के कारण सदमे जैसी स्थिति में है। सोनिया और राहुल गांधी की भाषा में चुनावों से…

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विविधा मानसिक रोगी बना रहे हैं टीवी सीरियल

मानसिक रोगी बना रहे हैं टीवी सीरियल

-लक्ष्मी जयसवाल- आज के बदलते माहौल में बदलाव सिर्फ तकनीकी सुविधाओं या फैशन को लेकर नहीं आया है। हमारे मनोरंजन की दुनिया में भी व्यापक…

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चुनाव विश्‍लेषण ये कीचड़ के कमल…

ये कीचड़ के कमल…

-तारकेश कुमार ओझा- गांव-देहात की शादियों का अनुभव रखने वाले भलीभांति जानते हैं, अमूमन हर बारात में कुछ पंडितजी टाइप बराती शामिल होते हैं। जो…

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राजनीति अच्छे दिनों की आहट और सिसकता वर्तमान

अच्छे दिनों की आहट और सिसकता वर्तमान

-राघवेन्द्र कुमार “राघव”- वर्तमान परम्परागत भोजन से दूर फ़ास्टफूड में आसक्ति रखता है। समय की परवाह किए बगैर समय की बचत भी करता है… है…

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चुनाव लोक सभा चुनाव की अनूठी उपलब्धि

लोक सभा चुनाव की अनूठी उपलब्धि

-बी एन गोयल- हाल ही में संपन्न लोकसभा के चुनाव के बारें में चर्चा हो रही थी। इन चुनाव ने भारत के सामाजिक और आर्थिक…

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