साहित्‍य जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में

जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में

जावेद उसमानी जो एक रस्मे दरबार थी ,गुज़रे वक्त में आज भी वही कलिब तख्तेरवां दरबार है जम्हूरियत की आड़ में ताकत का खेल है…

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राजनीति अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं

अनुच्छेद 370 का राज्य के विलय की पूर्णता से कोई संबंध नहीं

वीरेन्द्र सिंह चौहान भारतीयसंविधान का अनुच्छेद 370 बार फिर चर्चा में है। राष्ट्रीय स्तर पर यहचर्चा या बहस छिडऩा नितांत स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए चूंकि…

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समाज भारत की आज़ादी

भारत की आज़ादी

      बिपिन किशोर सिन्हा १५ अगस्त १९४७ को इन्डिया आज़ाद हुआ था। वह एक अधूरी आज़ादी थी। हम मानसिक रूप से गुलामी की अवस्था में…

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धर्म-अध्यात्म प्रासंगिकता हिन्दुत्व की

प्रासंगिकता हिन्दुत्व की

अतुल तारे हिन्दुत्व क्या है? आज के परिप्रेक्ष्य में हिन्दुत्व की प्रासंगिकता क्या है? यह प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक सार्थक बहस, एक गंभीर विमर्श…

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कविता शपथ ग्रहण की वानगी

शपथ ग्रहण की वानगी

शपथ ग्रहण की वानगी ,देख हुआ जग दंग। भले स्वजन रूठे रहें , या मजबूरन संग।। रूठी दिखी वसुंधरा , आडवाणी बैचेन। मुरली मनोहर की…

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प्रवक्ता न्यूज़ उत्सव बड़े जनादेश का

उत्सव बड़े जनादेश का

-फख़रे आलम- नई दिल्ली स्थित भारत के प्रशासनिक खण्ड पर बड़े उत्सव का माहौल है। जश्न की तैयारियां और सरकार के शपथग्रहण समारोह का बड़े…

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विविधा तुष्टीकरण (आरक्षण) का अनदेखा दृष्टिकोण

तुष्टीकरण (आरक्षण) का अनदेखा दृष्टिकोण

-डॉ. मधुसूदन- ****एक याचक, पू. पैगम्बर साहब से भीख मांगने गया था। ****आरक्षण से आरक्षित समाज की हानियां। ****आरक्षित परावलम्बी हो जाता है। ****तुष्टीकरण, पुष्टिकरण…

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विविधा आमंत्रण के बहाने कूटनीति

आमंत्रण के बहाने कूटनीति

-प्रमोद भार्गव- प्रधानमंत्री की शपथ लेने जा रहे नरेंद्र मोदी ने पड़ोसी देशों से मधुर संबंध बनाने की कूटनीतिक चाल आमंत्रण के बहाने चल दी…

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गजल उल्फत-ए-ज़िन्दगी

उल्फत-ए-ज़िन्दगी

-लक्ष्मी जायसवाल- क्यों मेरी ज़िन्दगी पर मेरा इख़्तियार नहीं है क्या इस पर अब मेरा कोई भी अधिकार नहीं है। ज़िन्दगी के खेल में कैसे…

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कविता बहनों के लिये शिविर में गाए जाने वाला गीत

बहनों के लिये शिविर में गाए जाने वाला गीत

-विमलेश बंसल- सुनते आये रोज़ कहानी शौर्य, त्याग, बलिदान की। आओ बहनों बनें वाहिनी आर्य राष्ट्र निर्माण की॥ वंदे मातरम्-4 1. हम हैं शिक्षित हम…

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विविधा दुर्भाग्यशाली इतिहास मगर आशावादी भविष्य

दुर्भाग्यशाली इतिहास मगर आशावादी भविष्य

-अभिषेक तिवारी- भारतीय इतिहास का शर्मनाक मोड़ तीसरी पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल ऐसा जरूरी नहीं कि हर पढ़ा-लिखा व्यक्ति एक अच्छा इंसान भी हो। उसके…

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विविधा गंग, हांसी, तरावड़ी और विजयराव के वो अविस्मरणीय बलिदान

गंग, हांसी, तरावड़ी और विजयराव के वो अविस्मरणीय बलिदान

-राकेश कुमार आर्य- जब विदेशियों ने भारत के इतिहास लेखन के लिए लेखनी उठाई तो उन्होंने भारतीय समाज की तत्कालीन कई दुर्बलताओं को दुर्बलता के…

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