विविधा अब इसमें दिग्विजय सिंह का क्या दोष!

अब इसमें दिग्विजय सिंह का क्या दोष!

-प्रवीण गुगनानी- कांग्रेस के घोषणापत्र में समलैंगिता को वैधानिक बनाने का वादा और इसके पूर्व कई बार भारतीय संस्कृति की उपेक्षा का इतिहास, दिग्विजय जैसे…

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जरूर पढ़ें सैंडर्स हत्याकांड में बेगुनाह शहीदे आजम भगत सिंह

सैंडर्स हत्याकांड में बेगुनाह शहीदे आजम भगत सिंह

-रमेश पाण्डेय- आत्म सम्मान, देश-भक्तों के प्रति स्वाभिमान, राष्ट्र की भक्ति ऐसे पहलू हैं जो सदियों बाद भी स्मृतियों में आने पर आनंद और उत्साह…

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विविधा तालीम और हिफाजत

तालीम और हिफाजत

-अंकुर विजयवर्गीय- अफगानिस्तान में सुरक्षा संबंधी हालात जैसे-जैसे बेहतर होते जाएंगे, वैसे-वैसे तालीम और हुनर के मामले में यह मुल्क दुनिया के बेहतरीन देशों में…

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महत्वपूर्ण लेख कम मानसून और मौसम वैज्ञानिकों की अटकलें

कम मानसून और मौसम वैज्ञानिकों की अटकलें

-प्रमोद भार्गव- प्रत्येक मई-जून माह में मानसून आ जाने की अटकलों का दौर शुरू हो जाता है। यदि औसत मानसून आये तो देश में हरियाली…

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चुनाव लोकसभा चुनाव 2014: कारगिल बनाम नक्सल शहीद

लोकसभा चुनाव 2014: कारगिल बनाम नक्सल शहीद

-तनवीर जाफ़री- लोकसभा 2014 के आम चुनाव अपने अंतिम दौर से गुज़र रहे हैं। इस बार के चुनाव अभियान में विभिन्न राजनैतिक दलों व उनके…

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आर्थिकी कृषि निर्यात में फिसड्डी साबित हो रहा भारत

कृषि निर्यात में फिसड्डी साबित हो रहा भारत

-रमेश पाण्डेय- मई की तपती गरमी से लेकर अगस्त की सिंझाती सांझ तक पूरे देश में क्या राजा क्या रंक सबका मुंह मीठा करवाने के…

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विविधा हिंदू समाज और राष्ट्र का सशक्तीकरण चाहते थे डॉ. अम्बेडकर

हिंदू समाज और राष्ट्र का सशक्तीकरण चाहते थे डॉ. अम्बेडकर

-आर.एल. फ्रांसिस- वर्तमान समय में राजनीतिक सुविधा के हिसाब से हर कोई डॉ. अम्बेडकर को अपने अपने तरीके से परिभाषित करने में लगा हुआ है,…

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राजनीति पंथ निरपेक्षता को दफ़न कर दिया अब्दुल्ला परिवार ने

पंथ निरपेक्षता को दफ़न कर दिया अब्दुल्ला परिवार ने

-डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री- जम्मू कश्मीर में शेख़ अब्दुल्ला परिवार आजकल पंथ निरपेक्षता को लेकर आग उगल रहा है। महरुम शेख़ अब्दुल्ला के सुपुत्र और…

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चुनाव मोदी: चुनावी मैदान का हीरो!

मोदी: चुनावी मैदान का हीरो!

-फखरे आलम- 16 मई का परिणाम चाहे जो भी हो, परिणाम चाहे जिसके भी पक्ष में क्यों न हो! आम चुनाव के परिणाम के पश्चात्…

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मीडिया प्रेस की स्वतंत्रता पर गहराता संकट

प्रेस की स्वतंत्रता पर गहराता संकट

-रमेश पाण्डेय- भारत में अक्सर प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर चर्चा होती रहती है। प्रत्येक वर्ष 3 मई को मनाए जाने वाले विश्व प्रेस स्वतंत्रता…

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चुनाव चाणक्य की दृष्टि और राजधर्म निभाने की भारतीय परंपरा

चाणक्य की दृष्टि और राजधर्म निभाने की भारतीय परंपरा

-कन्हैया झा- पिछले चुनावों में आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं पर स्याही फेंकना, मुंह पर थप्पड़ मारने आदि जैसी घटनाएं भी हुई. जिस पर…

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विविधा ‘गोरा’ उपन्यास में पराधीन भारत की राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप

‘गोरा’ उपन्यास में पराधीन भारत की राष्ट्रीय चेतना का स्वरूप

-कुमार कृष्णन- -गुरूदेव रविन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर विशेष- रवीन्द्र नाथ ठाकुर का उपन्यास ‘गोरा’, अंग्रेजी शासन में भारत की राष्ट्रीय चेतना का औपन्यासिक महाकाव्य…

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